Luke · chapter 15 · verse 28
Luke 15:28 in Hindi
यह सुनकर वह क्रोध से भर गया, और भीतर जाना न चाहा: परन्तु उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा।
Yah sunakar vah krodh se bhar gayaa, aur bheetar jaanaa na chaahaa: parantu usakaa pitaa baahar aakar use manaane lagaa.
Luke 15:28 in English
- King James Version (KJV)
- And he was angry, and would not go in: therefore came his father out, and intreated him.
- World English Bible (WEB)
- But he was angry and would not go in. Therefore his father came out and begged him.
- American Standard Version (ASV)
- But he was angry, and would not go in: and his father came out, and entreated him.
- Bible in Basic English (BBE)
- But he was angry and would not go in; and his father came out and made a request to him to come in.
- Darby Translation (DBY)
- But he became angry and would not go in. And his father went out and besought him.
- Webster's Bible (WBS)
- And he was angry, and would not go in; therefore his father came out, and entreated him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And he was angry, and would not go in, therefore his father, having come forth, was entreating him;
Read in context
- 26और उस ने एक दास को बुलाकर पूछा; यह क्या हो रहा है?
- 27उस ने उस से कहा, तेरा भाई आया है; और तेरे पिता ने पला हुआ बछड़ा कटवाया है, इसलिये कि उसे भला चंगा पाया है।
- 28यह सुनकर वह क्रोध से भर गया, और भीतर जाना न चाहा: परन्तु उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा।
- 29उस ने पिता को उत्तर दिया, कि देख; मैं इतने वर्ष से तरी सेवा कर रहा हूं, और कभी भी तेरी आज्ञा नहीं टाली, तौभी तू ने मुझे कभी एक बकरी का बच्चा भी न दिया, कि मैं अपने मित्रों के साथ आनन्द करता।
- 30परन्तु जब तेरा यह पुत्र, जिस ने तेरी संपत्ति वेश्याओं में उड़ा दी है, आया, तो उसके लिये तू ने पला हुआ बछड़ा कटवाया।
Cross references
- 1 Samuel 18:8 1 शमूएल 18:8तब शाऊल अति क्रोधित हुआ, और यह बात उसको बुरी लगी; और वह कहने लगा, उन्हों ने दाऊद के लिये तो लाखों और मेरे लिये हजारों को ठहराया; इसलिये अब राज्य को छोड़ उसको अब क्या मिलना बाकी है?
- Luke 15:2 लूका 15:2और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है॥
- Jonah 4:9 योना 4:9परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उस ने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।
- Genesis 4:5–7 उत्पत्ति 4:5–7परन्तु कैन और उसकी भेंट को उस ने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई। तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है? यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
- Isaiah 65:5 यशायाह 65:5जो कहते हैं, हट जा, मेरे निकट मत आ, क्योंकि मैं तुझ से पवित्रा हूं। ये मेरी नाक में धूंएं व उस आग के समान हैं जो दिन भर जलती रहती है।
- Luke 7:39 लूका 7:39यह देखकर, वह फरीसी जिस ने उसे बुलाया था, अपने मन में सोचने लगा, यदि यह भविष्यद्वक्ता होता तो जान लेता, कि यह जो उसे छू रही है, वह कौन और कैसी स्त्री है? क्यशेंकि वह तो पापिनी है।
- Luke 13:34 लूका 13:34हे यरूशलेम! हे यरूशलेम! तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालती है, और जो तेरे पास भेजे गए उन्हें पत्थरवाह करती है; कितनी बार मैं ने यह चाहा, कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखो के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे करूं, पर तुम ने यह न चाहा।
- Jonah 4:1–4 योना 4:1–4यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का। और उस ने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करनेवाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता। सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है। यहोवा ने कहा, तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है?
- Luke 24:47 लूका 24:47और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा।
- Luke 5:30 लूका 5:30और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेनेवालों और पापियों के साथ क्यों खाते- पीते हो?
- 1 Samuel 17:28 1 शमूएल 17:28जब दाऊद उन मनुष्यों से बातें कर रहा था, तब उसका बड़ा भाई एलीआब सुन रहा था; और एलीआब दाऊद से बहुत क्रोधित होकर कहने लगा, तू यहां क्या आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ बकरियों को तू किस के पास छोड़ आया है? तेरा अभिमान और तेरे मन की बुराई मुझे मालूम है; तू तो लड़ाई देखने के लिये यहां आया है।
- Romans 10:19 रोमियों 10:19फिर मैं कहता हूं। क्या इस्त्राएली नहीं जानते थे? पहिले तो मूसा कहता है, कि मैं उन के द्वारा जो जाति नहीं, तुम्हारे मन में जलन उपजाऊंगा, मैं एक मूढ़ जाति के द्वारा तुम्हें रिस दिलाऊंगा।