Psalms · chapter 104 · verse 14
Psalm 104:14 in Hindi
तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
Too pashuom ke liye ghaas, aur manushyom ke kaam ke liye annaadi upajaataa hai, aur is reeti bhoomi se vah bhojana- vastuem utpann karataa hai,
Psalm 104:14 in English
- King James Version (KJV)
- He causeth the grass to grow for the cattle, and herb for the service of man: that he may bring forth food out of the earth;
- World English Bible (WEB)
- He causes the grass to grow for the livestock, and plants for man to cultivate, that he may produce food out of the earth:
- American Standard Version (ASV)
- He causeth the grass to grow for the cattle, And herb for the service of man; That he may bring forth food out of the earth,
- Bible in Basic English (BBE)
- He makes the grass come up for the cattle, and plants for the use of man; so that bread may come out of the earth;
- Darby Translation (DBY)
- He maketh the grass to grow for the cattle, and herb for the service of man; bringing forth bread out of the earth,
- Webster's Bible (WBS)
- He causeth the grass to grow for the cattle, and herb for the service of man: that he may bring forth food out of the earth;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Causing grass to spring up for cattle, And herb for the service of man, To bring forth bread from the earth,
Read in context
- 12उनके पास आकाश के पक्षी बसेरा करते, और डालियों के बीच में से बोलते हैं।
- 13तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है।।
- 14तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
- 15और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
- 16यहोवा के वृक्ष तृप्त रहते हैं, अर्थात् लबानोन के देवदार जो उसी के लगाए हुए हैं।
Cross references
- Psalm 136:25 भजन संहिता 136:25वह सब प्राणियों को आहार देता है, उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 147:8–9 भजन संहिता 147:8–9वह आकाश को मेघों से छा देता है, और पृथ्वी के लिये मेंह की तैयारी करता है, और पहाड़ों पर घास उगाता है। वह पशुओं को और कौवे के बच्चों को जो पुकारते हैं, आहार देता है।
- Psalm 145:15–16 भजन संहिता 145:15–16सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको आहार समय पर देता है। तू अपनी मुट्ठी खोलकर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है।
- 1 Corinthians 3:7 1 कुरिन्थियों 3:7इसलिये न तो लगानेवाला कुछ है, और न सींचनेवाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ानेवाला है।
- Job 28:5 अय्यूब 28:5यह भूमि जो है, इस से रोटी तो मिलती है, परन्तु उसके नीचे के स्थान मानो आग से उलट दिए जाते हैं।
- Genesis 9:3 उत्पत्ति 9:3सब चलनेवाले जन्तु तुम्हारा आहार होंगे; जैसा तुम को हरे हरे छोटे पेड़ दिए थे, वैसा ही अब सब कुछ देता हूं।
- Genesis 1:11–12 उत्पत्ति 1:11–12फिर परमेश्वर ने कहा, पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्ही में एक एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें; और वैसा ही हो गया। तो पृथ्वी से हरी घास, और छोटे छोटे पेड़ जिन में अपनी अपनी जाति के अनुसार बीज होता है, और फलदाई वृक्ष जिनके बीज एक एक की जाति के अनुसार उन्ही में होते हैं उगे; और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Genesis 3:18 उत्पत्ति 3:18और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
- Genesis 1:29–30 उत्पत्ति 1:29–30फिर परमेश्वर ने उन से कहा, सुनो, जितने बीजवाले छोटे छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीजवाले फल होते हैं, वे सब मैं ने तुम को दिए हैं; वे तुम्हारे भोजन के लिये हैं: और जितने पृथ्वी के पशु, और आकाश के पक्षी, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले जन्तु हैं, जिन में जीवन के प्राण हैं, उन सब के खाने के लिये मैं ने सब हरे हरे छोटे पेड़ दिए हैं; और वैसा ही हो गया।
- Job 38:27 अय्यूब 38:27उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए?
- Joel 2:22 योएल 2:22हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लेगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी।
- Jeremiah 14:5–6 यिर्मयाह 14:5–6हरिणी भी मैदान में बच्चा जनकर छोड़ जाती है क्योंकि हरी घास नहीं मिलती। जंगली गदहे भी मुंडे टीलों पर खड़े हुए गीदड़ों की नाई हांफते हैं; उनकी आंखें धुंधला जाती हैं क्योंकि हरियाली कुछ भी नहीं है।