Judges · chapter 11 · verse 31
Judges 11:31 in Hindi
तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा।
To jab maim kushal ke saath ammoniyom ke paas se laut aaoom tab jo koee mere bhent ke liye mere ghar ke dvaar se nikale vah yahovaa kaa thaharegaa, aur maim use homabali karake chadhaaoongaa.
Judges 11:31 in English
- King James Version (KJV)
- Then it shall be, that whatsoever cometh forth of the doors of my house to meet me, when I return in peace from the children of Ammon, shall surely be the LORD’s, and I will offer it up for a burnt offering.
- World English Bible (WEB)
- then it shall be, that whatever comes out of the doors of my house to meet me when I return in peace from the children of Ammon, it shall be the LORD’s, and I will offer it up for a burnt offering.”
- American Standard Version (ASV)
- then it shall be, that whatsoever cometh forth from the doors of my house to meet me, when I return in peace from the children of Ammon, it shall be Jehovah’s, and I will offer it up for a burnt-offering.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then whoever comes out from the door of my house, meeting me when I come back in peace from the children of Ammon, will be the Lord's and I will give him as a burned offering.
- Darby Translation (DBY)
- then shall that which cometh forth from the door of my house to meet me, when I return in peace from the children of Ammon, be Jehovah's, and I will offer it up for a burnt-offering.
- Webster's Bible (WBS)
- Then it shall be, that whatever cometh out of the doors of my house to meet me, when I return in peace from the children of Ammon, shall surely be the LORD'S, and I will offer it for a burnt-offering.
- Young's Literal Translation (YLT)
- then it hath been, that which at all cometh out from the doors of my house to meet me in my turning back in peace from the Bene-Ammon — it hath been to Jehovah, or I have offered up for it — a burnt-offering.'
Read in context
- 29तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से होकर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से होकर अम्मोनियों की ओर चला।
- 30और यिप्तह ने यह कहकर यहोवा की मन्नत मानी, कि यदि तू नि:सन्देह अम्मोनियों को मेरे हाथ में कर दे,
- 31तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा।
- 32तब यिप्तह अम्मोनियों से लड़ने को उनकी ओर गया; और यहोवा ने उनको उसके हाथ में कर दिया।
- 33और वह अरोएर से ले मिन्नीत तक, जो बीस नगर हैं, वरन आबेलकरामीम तक जीतते जीतते उन्हें बहुत बड़ी मार से मारता गया। और अम्मोनी इस्राएलियों से हार गए।।
Cross references
- Psalm 66:13–14 भजन संहिता 66:13–14मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आंऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा, जो मैं ने मुंह खोलकर मानीं, और संकट के समय कही थीं।
- Deuteronomy 23:18 व्यवस्थाविवरण 23:18तू वेश्यापन की कमाई वा कुत्ते की कमाई किसी मन्नत को पूरी करने के लिये अपने परमेश्वर यहोवा के घर में न लाना; क्योंकि तेरे परमेश्वर यहोवा के समीप ये दोनों की दोनों कमाई घृणित कर्म है।।
- 1 Samuel 14:44 1 शमूएल 14:44शाऊल ने कहा, परमेश्वर ऐसा ही करे, वरन इस से भी अधिक करे; हे योनातान, तू निश्चय मारा जाएगा।
- 1 Samuel 1:28 1 शमूएल 1:28इसी लिये मैं भी उसे यहोवा को अर्पण कर देती हूं; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे। तब उस ने वहीं यहोवा को दण्डवत् किया।।
- 1 Samuel 2:18 1 शमूएल 2:18परन्तु शमूएल जो बालक था सनी का एपोद पहिने हुए यहोवा के साम्हने सेवा टहल किया करता था।
- 1 Samuel 14:24 1 शमूएल 14:24परन्तु इस्राएली पुरूष उस दिन तंग हुए, क्योंकि शाऊल ने उन लोगों को शपथ धराकर कहा, शापित हो वह, जो सांझ से पहिले कुछ खाए; इसी रीति मैं अपने शत्रुओं से पलटा ले सकूंगा। तब उन लोगों में से किसी ने कुछ भी भोजन न किया।
- Leviticus 27:28–29 लैव्यव्यवस्था 27:28–29परन्तु अपनी सारी वस्तुओं में से जो कुछ कोई यहोवा के लिये अर्पण करे, चाहे मनुष्य हो चाहे पशु, चाहे उसकी निज भूमि का खेत हो, ऐसी कोई अर्पण की हुई वस्तु न तो बेची जाए और न छुड़ाई जाए; जो कुछ अर्पण किया जाए वह यहोवा के लिये परमपवित्र ठहरे। मनुष्यों में से जो कोई अर्पण किया जाए, वह छुड़ाया न जाए; निश्चय वह मार डाला जाए॥
- Isaiah 66:3 यशायाह 66:3बैल का बलि करने वाला मनुष्य के मार डालने वाले के समान है; जो भेड़ के चढ़ाने वाला है वह उसके समान है जो कुत्ते का गला काटता है; जो अन्नबलि चढ़ाता है वह मानो सूअर का लोहू चढ़ाने वाले के समान है; और, जो लोबान जलाता है, वह उसके समान है जो मूरत को धन्य कहता है। इन सभों ने अपना अपना मार्ग चुन लिया है, और घिनौनी वस्तुओं से उनके मन प्रसन्न हाते हैं।
- 1 Samuel 1:11 1 शमूएल 1:11और उस ने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्रा दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।
- Leviticus 27:11–12 लैव्यव्यवस्था 27:11–12और जिन पशुओं में से लोग यहोवा के लिये चढ़ावा नहीं चढ़ाते ऐसों में से यदि वह हो, तो वह उसको याजक के साम्हने खड़ा कर दे, तब याजक पशु के गुण अवगुण दोनों विचार कर उसका मोल ठहराए; और जितना याजक ठहराए उसका मोल उतना ही ठहरे।
- Leviticus 27:2–3 लैव्यव्यवस्था 27:2–3इस्त्राएलियों से यह कह, कि जब कोई विशेष संकल्प माने, तो संकल्प किए हुए प्राणी तेरे ठहराने के अनुसार यहोवा के होंगे; इसलिये यदि वह बीस वर्ष वा उससे अधिक और साठ वर्ष से कम अवस्था का पुरूष हो, तो उसके लिये पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार पचास शेकेल का रूपया ठहरे।