1 Samuel · chapter 14 · verse 24
1 Samuel 14:24 in Hindi
परन्तु इस्राएली पुरूष उस दिन तंग हुए, क्योंकि शाऊल ने उन लोगों को शपथ धराकर कहा, शापित हो वह, जो सांझ से पहिले कुछ खाए; इसी रीति मैं अपने शत्रुओं से पलटा ले सकूंगा। तब उन लोगों में से किसी ने कुछ भी भोजन न किया।
Parantu israaelee puroosh us din tang hue, kyonki shaaool ne un logom ko shapath dharaakar kahaa, shaapit ho vah, jo saanjh se pahile kuchh khaae; isee reeti maim apane shatruom se palataa le sakoongaa. Tab un logom mem se kisee ne kuchh bhee bhojan na kiyaa.
1 Samuel 14:24 in English
- King James Version (KJV)
- And the men of Israel were distressed that day: for Saul had adjured the people, saying, Cursed [be] the man that eateth [any] food until evening, that I may be avenged on mine enemies. So none of the people tasted [any] food.
- World English Bible (WEB)
- The men of Israel were distressed that day; for Saul had adjured the people, saying, “Cursed is the man who eats any food until it is evening, and I am avenged of my enemies.” So none of the people tasted food.
- American Standard Version (ASV)
- And the men of Israel were distressed that day; for Saul had adjured the people, saying, Cursed be the man that eateth any food until it be evening, and I be avenged on mine enemies. So none of the people tasted food.
- Bible in Basic English (BBE)
- And all the people were with Saul, about twenty thousand men, and the fight was general through all the hill-country of Ephraim; but Saul made a great error that day, by putting the people under an oath, saying, Let that man be cursed who takes food before evening comes and I have given punishment to those who are against me. So the people had not a taste of food.
- Darby Translation (DBY)
- But the men of Israel were distressed that day. Now Saul had adjured the people, saying, Cursed be the man that eateth food until evening, and [until] I am avenged on mine enemies. So none of the people tasted food.
- Webster's Bible (WBS)
- And the men of Israel were distressed that day: for Saul had adjured the people, saying, Cursed [be] the man that eateth [any] food until evening, that I may be avenged on my enemies. So none of the people tasted [any] food.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the men of Israel have been distressed on that day, and Saul adjureth the people, saying, 'Cursed [is] the man who eateth food till the evening, and I have been avenged of mine enemies;' and none of the people hath tasted food.
Read in context
- 22और जितने इस्राएली पुरूष एप्रैम के पहाड़ी देश में छिप गए थे, वे भी यह सुनकर कि पलिश्ती भागे जाते हैं, लड़ाई में आ उनका पीछा करने में लग गए।
- 23तब यहोवा ने उस दिन इस्राएलियों को छुटकार दिया; और लड़नेवाले बेतावेन की परली ओर तक चले गए।
- 24परन्तु इस्राएली पुरूष उस दिन तंग हुए, क्योंकि शाऊल ने उन लोगों को शपथ धराकर कहा, शापित हो वह, जो सांझ से पहिले कुछ खाए; इसी रीति मैं अपने शत्रुओं से पलटा ले सकूंगा। तब उन लोगों में से किसी ने कुछ भी भोजन न किया।
- 25और सब लोग किसी वन में पहुंचे, जहां भूमि पर मधु पड़ा हुआ था।
- 26जब लोग वन में आए तब क्या देखा, कि मधु टपक रहा है, तौभी शपथ के डर के मारे कोई अपना हाथ अपने मुंह तक न ले गया।
Cross references
- Joshua 6:26 यहोशू 6:26फिर उसी समय यहोशू ने इस्राएलियों के सम्मुख शपथ रखी, और कहा, कि जो मनुष्य उठकर इस नगर यरीहो को फिर से बनाए वह यहोवा की ओर से शापित हो। जब वह उसकी नेव डालेगा तब तो उसका जेठा पुत्रा मरेगा, और जब वह उसके फाटक लगावाएगा तब उसका छोटा पुत्रा मर जाएगा।
- Romans 10:2 रोमियों 10:2क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।
- Leviticus 27:29 लैव्यव्यवस्था 27:29मनुष्यों में से जो कोई अर्पण किया जाए, वह छुड़ाया न जाए; निश्चय वह मार डाला जाए॥
- Psalm 18:47 भजन संहिता 18:47धन्य है मेरा पलटा लेनेवाला ईश्वर! जिस ने देश देश के लोगों को मेरे वंश में कर दिया है;
- Proverbs 11:9 नीतिवचन 11:9भक्तिहीन जन अपने पड़ोसी को अपने मुंह की बात से बिगाड़ता है, परन्तु धर्मी लोग ज्ञान के द्वारा बचते हैं।
- Judges 11:30–31 न्यायियों 11:30–31और यिप्तह ने यह कहकर यहोवा की मन्नत मानी, कि यदि तू नि:सन्देह अम्मोनियों को मेरे हाथ में कर दे, तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा।
- 1 Samuel 14:27–30 1 शमूएल 14:27–30परन्तु योनातान ने अपने पिता को लोगों को शपथ धराते न सुना था, इसलिये उस ने अपने हाथ की छड़ी की नोक बढ़ाकर मधु के छत्ते में डुबाया, और अपना हाथों अपने मुंह तक लगाया; तब उसकी आंखों में ज्योति आई। तब लोगों में से एक मनुष्य ने कहा, तेरे पिता ने लोगों को दृढ़ता से शपथ धरा के कहा, शापित हो वह, जो आज कुछ खाए। और लोग थके मांदे थे। योनातान ने कहा, मेरे पिता ने लोगों को कष्ट दिया है; देखो, मैं ने इस मधु को थोड़ा सा चखा, और मुझे आंखों से कैसा सूझने लगा। यदि आज लोग अपने शत्रुओं की लूट से जिसे उन्हों ने पाया मनमाना खाते, तो कितना अच्छा होता; अभी तो बहुत पलिश्ती मारे नहीं गए।
- Joshua 6:17–19 यहोशू 6:17–19और नगर और जो कुछ उस में है यहोवा के लिये अर्पण की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएंगे, क्योंकि उस ने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था। और तुम अर्पण की हुई वस्तुओं से सावधानी से अपने आप को अलग रखो, ऐसा न हो कि अर्पण की वस्तु ठहराकर पीछे उसी अर्पण की वस्तु में से कुछ ले लो, और इस प्रकार इस्राएली छावनी को भ्रष्ट करके उसे कष्ट में डाल दो। सब चांदी, सोना, और जो पात्रा पीतल और लोहे के हैं, वे यहोवा के लिये पवित्रा हैं, और उसी के भण्डार में रखे जाएं।
- Judges 5:2 न्यायियों 5:2कि इस्राएल के अगुवों ने जो अगुवाई की और प्रजा जो अपनी ही इच्छा से भरती हुई, इसके लिये यहोवा को धन्य कहो!
- Numbers 21:2 गिनती 21:2तब इस्त्राएलियों ने यहोवा से यह कहकर मन्नत मानी, कि यदि तू सचमुच उन लोगों को हमारे वश में कर दे, तो हम उनके नगरों को सत्यनाश कर देंगे।
- Deuteronomy 27:15–26 व्यवस्थाविवरण 27:15–26कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपने पिता वा माता को तुच्छ जाने। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी दूसरे के सिवाने को हटाए। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अन्धे को मार्ग से भटका दे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो परेदशी, अनाथ, वा विधवा का न्याय बिगाड़े। तब सब लोग कहें आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सौतेली माता से कुकर्म करे, क्योंकि वह अपने पिता का ओढ़ना उघारता है। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी प्रकार के पशु से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी बहिन, चाहे सगी हो चाहे सौतेली, उस से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- 1 Corinthians 16:22 1 कुरिन्थियों 16:22हमारा प्रभु आनेवाला है।
Original words (Hebrew)
- men · H376אִישׁ ʼîysh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- distressed · H5065נָגַשׂ nâgas
- day · H3117יוֹם yôwm
- Saul · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- adjured · H422אָלָה ʼâlâh
- people · H5971עַם ʻam
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- Cursed · H779אָרַר ʼârar
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- eateth · H398אָכַל ʼâkal
- food · H3899לֶחֶם lechem
- evening · H6153עֶרֶב ʻereb
- avenged · H5358נָקַם nâqam
- enemies · H341אֹיֵב ʼôyêb
- people · H5971עַם ʻam
- tasted · H2938טָעַם ṭâʻam
- food · H3899לֶחֶם lechem