Leviticus · chapter 27 · verse 2
Leviticus 27:2 in Hindi
इस्त्राएलियों से यह कह, कि जब कोई विशेष संकल्प माने, तो संकल्प किए हुए प्राणी तेरे ठहराने के अनुसार यहोवा के होंगे;
Istraaeliyom se yah kah, ki jab koee vishesh sankalp maane, to sankalp kie hue praanee tere thaharaane ke anusaar yahovaa ke honge;
Leviticus 27:2 in English
- King James Version (KJV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When a man shall make a singular vow, the persons [shall be] for the LORD by thy estimation.
- World English Bible (WEB)
- “Speak to the children of Israel, and say to them, ‘When a man consecrates a person to the LORD in a vow, according to your valuation,
- American Standard Version (ASV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When a man shall accomplish a vow, the persons shall be for Jehovah by thy estimation.
- Bible in Basic English (BBE)
- Say to the children of Israel, If a man makes a special oath, you will give your decision as to the value of the persons for the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Speak unto the children of Israel and say unto them, When any one devoteth [anything] by a vow, the persons shall be for Jehovah according to thy valuation.
- Webster's Bible (WBS)
- Speak to the children of Israel, and say to them, When a man shall make a singular vow, the persons [shall be] for the LORD, by thy estimation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Speak unto the sons of Israel, and thou hast said unto them, When a man maketh a wonderful vow, by thy valuation the persons [are] Jehovah's.
Read in context
- 1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 2इस्त्राएलियों से यह कह, कि जब कोई विशेष संकल्प माने, तो संकल्प किए हुए प्राणी तेरे ठहराने के अनुसार यहोवा के होंगे;
- 3इसलिये यदि वह बीस वर्ष वा उससे अधिक और साठ वर्ष से कम अवस्था का पुरूष हो, तो उसके लिये पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार पचास शेकेल का रूपया ठहरे।
- 4और यदि वह स्त्री हो, तो तीस शेकेल ठहरे।
Cross references
- Numbers 6:2 गिनती 6:2इस्त्राएलियों से कह, कि जब कोई पुरूष वा स्त्री नाज़ीर की मन्नत, अर्थात् अपने को यहोवा के लिये न्यारा करने की विशेष मन्नत माने,
- 1 Samuel 1:28 1 शमूएल 1:28इसी लिये मैं भी उसे यहोवा को अर्पण कर देती हूं; कि यह अपने जीवन भर यहोवा ही का बना रहे। तब उस ने वहीं यहोवा को दण्डवत् किया।।
- Judges 11:30–31 न्यायियों 11:30–31और यिप्तह ने यह कहकर यहोवा की मन्नत मानी, कि यदि तू नि:सन्देह अम्मोनियों को मेरे हाथ में कर दे, तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा।
- 1 Samuel 1:11 1 शमूएल 1:11और उस ने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्रा दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।
- Deuteronomy 23:21–23 व्यवस्थाविवरण 23:21–23जब तू अपने परमेश्वर यहोवा के लिये मन्नत माने, तो उसके पूरी करने में विलम्ब न करना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा उसे निश्चय तुझ से ले लेगा, और विलम्ब करने से तू पापी ठहरेगा। परन्तु यदि तू मन्नत न माने, तो तेरा कोई पाप नहीं। जो कुछ तेरे मुंह से निकले उसके पूरा करने में चौकसी करना; तू अपने मुंह से वचन देकर अपनी इच्छा से अपने परमेश्वर यहोवा की जैसी मन्नत माने, वैसा ही स्वतंत्राता पूर्वक उसे पूरा करना।
- Judges 11:39 न्यायियों 11:39दो महीने के बीतने पर वह अपने पिता के पास लौट आई, और उस ने उसके विषय में अपनी मानी हुइ मन्नत को पूरी किया। और उस कन्या ने पुरूष का मुंह कभी न देखा था। इसलिये इस्राएलियों में यह रीति चली
- Numbers 21:2 गिनती 21:2तब इस्त्राएलियों ने यहोवा से यह कहकर मन्नत मानी, कि यदि तू सचमुच उन लोगों को हमारे वश में कर दे, तो हम उनके नगरों को सत्यनाश कर देंगे।
- Numbers 30:3 गिनती 30:3और जब कोई स्त्री अपनी कुंवारी अवस्था में, अपने पिता के घर से रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने, वा अपने को वाचा से बान्धे,
- Genesis 28:20–22 उत्पत्ति 28:20–22और याकूब ने यह मन्नत मानी, कि यदि परमेश्वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे, और मैं अपने पिता के घर में कुशल क्षेम से लौट आऊं: तो यहोवा मेरा परमेश्वर ठहरेगा। और यह पत्थर, जिसका मैं ने खम्भा खड़ा किया है, परमेश्वर का भवन ठहरेगा: और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्य ही तुझे दिया करूंगा।।
- Ecclesiastes 5:4–5 सभोपदेशक 5:4–5जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना। मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।