Judges · chapter 19 · verse 15
Judges 19:15 in Hindi
इसलिये वे गिबा में टिकने के लिये उसकी ओर मुड़ गए। और वह भीतर जाकर उस नगर के चौक में बैठ गया, क्योंकि किसी ने उनको अपने घर में न टिकाया।
Isaliye ve gibaa mem tikane ke liye usakee or mud gae. Aur vah bheetar jaakar us nagar ke chauk mem baith gayaa, kyonki kisee ne unako apane ghar mem na tikaayaa.
Judges 19:15 in English
- King James Version (KJV)
- And they turned aside thither, to go in [and] to lodge in Gibeah: and when he went in, he sat him down in a street of the city: for [there was] no man that took them into his house to lodging.
- World English Bible (WEB)
- They went over there, to go in to stay in Gibeah. He went in, and sat down in the street of the city; for there was no one who took them into his house to stay.
- American Standard Version (ASV)
- And they turned aside thither, to go in to lodge in Gibeah: and he went in, and sat him down in the street of the city; for there was no man that took them into his house to lodge.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they went off the road there with the purpose of stopping for the night in Gibeah: and he went in, seating himself in the street of the town, for no one took them into his house for the night.
- Darby Translation (DBY)
- And they turned aside thither, to go in, to lodge in Gibeah. And he went in, and sat down in the open place of the city; and there was no one that received him into his house to pass the night.
- Webster's Bible (WBS)
- And they turned aside thither, to go in [and] to lodge in Gibeah: and when he went in, he sat down in a street of the city: for [there was] no man that took them into his house to lodge.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they turn aside there to go in to lodge in Gibeah, and he goeth in and sitteth in a broad place of the city, and there is no man gathering them into the house to lodge.
Read in context
- 13फिर उस ने अपने सेवक से कहा, आ, हम उधर के स्थानों में से किसी के पास जाएं, हम गिबा वा रामा में रात बिताएं।
- 14और वे आगे की ओर चले; और उनके बिन्यामीन के गिबा के निकट पहुंचते पहुंचते सूर्य अस्त हो गया,
- 15इसलिये वे गिबा में टिकने के लिये उसकी ओर मुड़ गए। और वह भीतर जाकर उस नगर के चौक में बैठ गया, क्योंकि किसी ने उनको अपने घर में न टिकाया।
- 16तब एक बूढ़ा अपने खेत के काम को निपटाकर सांझ को चला आया; वह तो एप्रैम के पहाड़ी देश का था, और गिबा में परदेशी होकर रहता था; परन्तु उस स्थान के लोग बिन्यामीनी थे।
- 17उस ने आंखें उठाकर उस यात्री को नगर के चौक में बैठे देखा; और उस बूढ़े ने पूछा, तू किधर जाता, और कहां से आता है?
Cross references
- Matthew 25:43 मत्ती 25:43मैं परदेशी था, और तुम ने मुझे अपने घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा था, और तुम ने मुझे कपड़े नहीं पहिनाए; बीमार और बन्दीगृह में था, और तुम ने मेरी सुधि न ली।
- Hebrews 13:2 इब्रानियों 13:2पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्वर्गदूतों की पहुनाई की है।
- Judges 19:18 न्यायियों 19:18उस ने उस से कहा, हम लोग तो यहूदा के बेतलेहम से आकर एप्रैम के पहाड़ी देश की परली ओर जाते हैं, मैं तो वहीं का हूं; और यहूदा के बेतलेहेम तक गया था, और यहोवा के भवन को जाता हूं, परन्तु कोई मुझे अपने घर में नहीं टिकाता।
- Matthew 25:35 मत्ती 25:35कयोंकि मै। भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं पियासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया।
- Genesis 19:2–3 उत्पत्ति 19:2–3हे मेरे प्रभुओं, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पांव धोइये, फिर भोर को उठकर अपने मार्ग पर जाइए। उन्हों ने कहा, नहीं; हम चौक ही में रात बिताएंगे। और उस ने उन से बहुत बिनती करके उन्हें मनाया; सो वे उसके साथ चलकर उसके घर में आए; और उस ने उनके लिये जेवनार तैयार की, और बिना खमीर की रोटियां बनाकर उनको खिलाई।
- Genesis 18:2–8 उत्पत्ति 18:2–8और उस ने आंख उठाकर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उस ने उन्हे देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत् की और कहने लगा, हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना। मैं थोड़ा सा जल लाता हूं और आप अपने पांव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें। फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात् आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्हों ने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर। सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जाकर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना। फिर इब्राहीम गाय बैल के झुण्ड में दौड़ा, और एक कोमल और अच्छा बछड़ा लेकर अपने सेवक को दिया, और उसने फुर्ती से उसको पकाया। तब उस ने मक्खन, और दूध, और वह बछड़ा, जो उस ने पकवाया था, लेकर उनके आगे परोस दिया; और आप वृक्ष के तले उनके पास खड़ा रहा, और वे खाने लगे।