Lamentations · chapter 3 · verse 41
Lamentations 3:41 in Hindi
हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं और कहेंे
Ham svargavaasee parameshvar kee or man lagaaem aur haath phailaaem aur kahenే
Lamentations 3:41 in English
- King James Version (KJV)
- Let us lift up our heart with [our] hands unto God in the heavens.
- World English Bible (WEB)
- Let’s lift up our heart with our hands to God in the heavens.
- American Standard Version (ASV)
- Let us lift up our heart with our hands unto God in the heavens.
- Bible in Basic English (BBE)
- Lifting up our hearts with our hands to God in the heavens.
- Darby Translation (DBY)
- Let us lift up our heart with [our] hands unto God in the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- Let us lift up our heart with [our] hands to God in the heavens.
- Young's Literal Translation (YLT)
- We lift up our heart on the hands unto God in the heavens.
Read in context
- 39सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने?
- 40हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें!
- 41हम स्वर्गवासी परमेश्वर की ओर मन लगाएं और हाथ फैलाएं और कहेंे
- 42हम ने तो अपराध और बलवा किया है, और तू ने क्ष्मा नहीं किया।
- 43तेरा कोप हम पर है, तू हमारे पीछे पड़ा है, तू ने बिना तरस खाए घात किया है।
Cross references
- Psalm 25:1 भजन संहिता 25:1हे यहोवा मैं अपने मन को तेरी ओर उठाता हूं।
- Psalm 28:2 भजन संहिता 28:2जब मैं तेरी दोहाई दूं, और तेरे पवित्रास्थान की भीतरी कोठरी की ओर अपने हाथ उठाऊं, तब मेरी गिड़गिड़ाहट की बात सुन ले।
- Psalm 86:4 भजन संहिता 86:4अपने दास के मन को आनन्दित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।
- Psalm 143:6–8 भजन संहिता 143:6–8मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।। हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं। अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।।
- Psalm 63:4 भजन संहिता 63:4इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम लेकर अपने हाथ उठाऊंगा।।
- Psalm 141:2 भजन संहिता 141:2मेरी प्रार्थना तेरे साम्हने सुगन्ध धूप, और मेरा हाथ फैलाना, संध्याकाल का अन्नबलि ठहरे!
- 1 Thessalonians 2:8 1 थिस्सलुनीकियों 2:8और वैसे ही हम तुम्हारी लालसा करते हुए, न केवल परमेश्वर को सुसमाचार, पर अपना अपना प्राण भी तुम्हें देने को तैयार थे, इसलिये कि तुम हमारे प्यारे हो गए थे।