Psalms · chapter 28 · verse 2
Psalm 28:2 in Hindi
जब मैं तेरी दोहाई दूं, और तेरे पवित्रास्थान की भीतरी कोठरी की ओर अपने हाथ उठाऊं, तब मेरी गिड़गिड़ाहट की बात सुन ले।
Jab maim teree dohaaee doom, aur tere pavitraasthaan kee bheetaree kotharee kee or apane haath uthaaoom, tab meree gidagidaahat kee baat sun le.
Psalm 28:2 in English
- King James Version (KJV)
- Hear the voice of my supplications, when I cry unto thee, when I lift up my hands toward thy holy oracle.
- World English Bible (WEB)
- Hear the voice of my petitions, when I cry to you, when I lift up my hands toward your Most Holy Place.
- American Standard Version (ASV)
- Hear the voice of my supplications, when I cry unto thee, When I lift up my hands toward thy holy oracle.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear to the voice of my prayer, when I am crying to you, when my hands are lifted up to your holy place.
- Darby Translation (DBY)
- Hear the voice of my supplications, when I cry unto thee, when I lift up my hands toward the oracle of thy holiness.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear the voice of my supplications, when I cry to thee, when I lift my hands towards thy holy oracle.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hear the voice of my supplications, In my crying unto Thee, In my lifting up my hands toward thy holy oracle.
Read in context
- 1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- 2जब मैं तेरी दोहाई दूं, और तेरे पवित्रास्थान की भीतरी कोठरी की ओर अपने हाथ उठाऊं, तब मेरी गिड़गिड़ाहट की बात सुन ले।
- 3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- 4उनके कामों के और उनकी करनी की बुराई के अनुसार उन से बर्ताव कर, उनके हाथों के काम के अनुसार उन्हें बदला दे; उनके कामों का पलटा उन्हें दे।
Cross references
- Psalm 138:2 भजन संहिता 138:2मैं तेरे पवित्रा मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा, और तेरी करूणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा; क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्व दिया है।
- Psalm 141:2 भजन संहिता 141:2मेरी प्रार्थना तेरे साम्हने सुगन्ध धूप, और मेरा हाथ फैलाना, संध्याकाल का अन्नबलि ठहरे!
- Psalm 140:6 भजन संहिता 140:6हे यहोवा, मैं ने तुझ से कहा है कि तू मेरा ईश्वर है; हे यहोवा, मेरे गिड़गड़ाने की ओर कान लगा!
- 1 Timothy 2:8 1 तीमुथियुस 2:8सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्रा हाथों को उठाकर प्रार्थना किया करें।
- Psalm 134:2 भजन संहिता 134:2अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
- Psalm 5:7 भजन संहिता 5:7परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा।
- Daniel 6:10 दानिय्येल 6:10जब दानिरयेल को मालूम हुआ कि उस पत्रा पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेककर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।
- 1 Kings 6:22–23 1 राजा 6:22–23और उस ने पूरे भवन को सोने से मढ़वाकर उसका पूरा काम निपटा दिया। और दर्शन- स्थान की पूरी वेदी को भी उस ने सोने से मढ़वाया। दर्शन- स्थान में उस ने दस दस हाथ ऊंचे जलपाई की लकड़ी के दो करूब बना रखे।
- Psalm 63:4 भजन संहिता 63:4इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम लेकर अपने हाथ उठाऊंगा।।
- 1 Kings 8:6–8 1 राजा 8:6–8तब याजकों ने यहोवा की वाचा का सन्दूक उसके स्थान को अर्थात् भवन के दर्शन- स्थान में, जो परमपवित्रा स्थान है, पहुंचाकर करूबों के पंखों के तले रख दिया। करूब तो सन्दूक के स्थान के ऊपर पंख ऐसे फैलाए हुए थे, कि वे ऊपर से सन्दूक और उसके डंडों को ढांके थे। डंडे तो ऐसे लम्बे थे, कि उनके सिरे उस पवित्रा स्थान से जो दर्शन- स्थान के साम्हने था दिखाई पड़ते थे परन्तु बाहर से वे दिखाई नहीं पड़ते थे। वे आज के दिन तक यहीं वतमपान हैं।
- 1 Kings 8:38 1 राजा 8:38तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
- Psalm 143:6 भजन संहिता 143:6मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।।