Leviticus · chapter 13 · verse 23
Leviticus 13:23 in Hindi
परन्तु यदि वह फूल न फैले और अपने स्थान ही पर बना रहे, तो वह फोड़े को दाग है; याजक उस मनुष्य को शुद्ध ठहराए।।
Parantu yadi vah phool na phaile aur apane sthaan hee par banaa rahe, to vah phode ko daag hai; yaajak us manushy ko shuddh thaharaae..
Leviticus 13:23 in English
- King James Version (KJV)
- But if the bright spot stay in his place, [and] spread not, it [is] a burning boil; and the priest shall pronounce him clean.
- World English Bible (WEB)
- But if the bright spot stays in its place, and hasn’t spread, it is the scar from the boil; and the priest shall pronounce him clean.
- American Standard Version (ASV)
- But if the bright spot stay in its place, and be not spread, it is the scar of the boil; and the priest shall pronounce him clean.
- Bible in Basic English (BBE)
- But if the bright mark keeps in the same place and gets no greater, it is the mark of the old wound, and the priest will say that he is clean.
- Darby Translation (DBY)
- But if the bright spot have remained in its place, [and] have not spread, it is the scar of the boil; and the priest shall pronounce him clean.
- Webster's Bible (WBS)
- But if the bright spot shall stay in its place, [and] not spread, it [is] a burning boil; and the priest shall pronounce him clean.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if in its place the bright spot stay — it hath not spread — it [is] an inflammation of the ulcer; and the priest hath pronounced him clean.
Read in context
- 21और यदि याजक देखे कि उस में उजले रोएं नहीं हैं, और वह चर्म से गहिरी नहीं, और उसकी चमक कम हुई है, तो याजक उस मनुष्य को सात दिन तक बन्द कर रखे।
- 22और यदि वह व्याधि उस समय तक चर्म में सचमुच फैल जाए, तो याजक उस मनुष्य को अशुद्ध ठहराए; क्योंकि वह कोढ़ की व्याधि है।
- 23परन्तु यदि वह फूल न फैले और अपने स्थान ही पर बना रहे, तो वह फोड़े को दाग है; याजक उस मनुष्य को शुद्ध ठहराए।।
- 24फिर यदि किसी के चर्म में जलने का घाव हो, और उस जलने के घाव में चर्महीन फूल लाली लिये हुए उजला वा उजला ही हो जाए,
- 25तो याजक उसको देखे, और यदि उस फूल में के रोएं उजले हो गए हों और वह चर्म से गहिरा देख पड़े, तो वह कोढ़ है; जो उस जलने के दाग में से फूट निकला है; याजक उस मनुष्य को अशुद्ध ठहराए; क्योंकि उस में कोढ़ की व्याधि है।
Cross references
- Galatians 6:1 गलातियों 6:1हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक जो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।
- 2 Chronicles 19:2–3 2 इतिहास 19:2–3तब हनानी नाम दश का पुत्रा येहू यहोशापात राजा से भेंट करने को निकला और उस से कहने लगा, क्या दुष्टों की सहायता करनी और यहोवा के बैरियों से प्रेम रखना चाहिये? इस काम के कारण यहोवा की ओर से तुझ पर क्रोध भड़का है। तौभी तुझ में कुछ अच्छी बातें पाई जाती हैं। तू ने तो देश में से अशेरों को नाश किया और उपने मन को परमेश्वर की खोज में लगाया है।
- Job 40:4–5 अय्यूब 40:4–5देख, मैं तो तुच्छ हूँ, मैं तुझे क्या उत्तर दूं? मैं अपनी अंगुली दांत तले दबाता हूँ। एक बार तो मैं कह चुका, परन्तु और कुछ न कहूंगो हां दो बार भी मैं कह चुका, परन्तु अब कुछ और आगे न बढ़ूंगा।
- Genesis 38:26 उत्पत्ति 38:26यहूदा ने उन्हें पहिचानकर कहा, वह तो मुझ से कम दोषी है; क्योंकि मैं ने उसे अपने पुत्रा शेला को न ब्याह दिया। और उस ने उस से फिर कभी प्रसंग न किया।
- 2 Samuel 12:13 2 शमूएल 12:13तब दाऊद ने नातान से कहा, मैं ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है। नातान ने दाऊद से कहा, यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है।; तू न मरेगा।
- Job 34:31–32 अय्यूब 34:31–32क्या किसी ने कभी ईश्वर से कहा, कि मैं ने दणड सहा, अब मैं भविष्य में बुराई न करूंगा, जो कुछ मुझे नहीं सूझ पड़ता, वह तू मुझे सिखा दे; और यदि मैं ने टेढ़ा काम किया हो, तो भविष्य में वैसा न करूंगा?
- Matthew 26:75 मत्ती 26:75तब पतरस को यीशु की कही हुई बात स्मरण आई की मुर्ग के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा।।
- 2 Corinthians 2:7 2 कुरिन्थियों 2:7इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए।
- Proverbs 28:13 नीतिवचन 28:13जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सुफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी।
- 1 Peter 4:2–3 1 पतरस 4:2–3ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।