Leviticus · chapter 15 · verse 2
Leviticus 15:2 in Hindi
कि इस्त्राएलियों से कहो, कि जिस जिस पुरूष के प्रमेह हो, तो वह प्रमेह के कारण से अशुद्ध ठहरे।
Ki istraaeliyom se kaho, ki jis jis puroosh ke prameh ho, to vah prameh ke kaaran se ashuddh thahare.
Leviticus 15:2 in English
- King James Version (KJV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When any man hath a running issue out of his flesh, [because of] his issue he [is] unclean.
- World English Bible (WEB)
- “Speak to the children of Israel, and tell them, ‘When any man has a discharge from his body, because of his discharge he is unclean.
- American Standard Version (ASV)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, When any man hath an issue out of his flesh, because of his issue he is unclean.
- Bible in Basic English (BBE)
- Say to the children of Israel: If a man has an unclean flow from his flesh, it will make him unclean.
- Darby Translation (DBY)
- Speak unto the children of Israel, and say unto them, If any man have a flux from his flesh, because of his flux he is unclean.
- Webster's Bible (WBS)
- Speak to the children of Israel, and say to them, When any man hath a running issue out of his flesh, [because of] his issue he [is] unclean.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Speak unto the sons of Israel, and ye have said unto them, When there is an issue out of the flesh of any man, [for] his issue he [is] unclean;
Read in context
- 1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 2कि इस्त्राएलियों से कहो, कि जिस जिस पुरूष के प्रमेह हो, तो वह प्रमेह के कारण से अशुद्ध ठहरे।
- 3और चाहे बहता रहे, चाहे बहना बन्द भी हो, तौभी उसकी अशुद्धता बनी रहेगी।
- 4जिसके प्रमेह हो वह जिस जिस बिछौने पर लेटे वह अशुद्ध ठहरे, और जिस जिस वस्तु पर वह बैठे वह भी अशुद्ध ठहरे।
Cross references
- Leviticus 22:4 लैव्यव्यवस्था 22:4हारून के वंश में से कोई क्यों न हो जो कोढ़ी हो, वा उसके प्रमेह हो, वह मनुष्य जब तक शुद्ध न हो जाए तब तक पवित्रा की हुई वस्तुओं में से कुछ न खाए। और जो लोथ के कारण अशुद्ध हुआ हो, वा वीरर्य स्खलित हुआ हो, ऐसे मनुष्य को जो कोई छूए,
- Numbers 5:2 गिनती 5:2इस्त्राएलियों को आज्ञा दे, कि वे सब कोढ़ियों को, और जितनों के प्रमेह हो, और जितने लोथ के कारण अशुद्ध हों, उन सभों को छावनी से निकाल दें;
- 2 Samuel 3:29 2 शमूएल 3:29वह योआब और उसके पिता के समस्त घराने को लगे; और योआब के वंश में कोई न कोई प्रमेह का रोगी, और कोढ़ी, और बैसाखी का लगानेवाला, और तलवार से खेत आनेवाला, और भूखें मरनेवाला सदा होता रहे।
- Matthew 9:20 मत्ती 9:20और देखो, एक स्त्री ने जिस के बारह वर्ष से लोहू बहता था, उसके पीछे से आकर उसके वस्त्रा के आंचल को छू लिया।
- Psalm 147:19–20 भजन संहिता 147:19–20वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है। किसी और जाति से उस ने ऐसा बर्ताव नहीं किया; और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाता।। याह की स्तुति करो।
- Luke 8:43 लूका 8:43और एक स्त्री ने जिस को बारह वर्ष से लोहू बहने का रोग था, और जो अपनी सारी जिविका वैद्यों के पीछे व्यय कर चुकी थी और तौभी किसी के हाथ से चंगी न हो सकी थी।
- Psalm 78:5 भजन संहिता 78:5उस ने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उस ने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हे अपने अपने लड़केवालों को बताना;
- Deuteronomy 4:7–8 व्यवस्थाविवरण 4:7–8देखो, कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसका देवता उसके ऐसे समीप रहता हो जैसा हमारा परमेश्वर यहोवा, जब कि हम उस को पुकारते हैं? फिर कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसके पास ऐसी धर्ममय विधि और नियम हों, जैसी कि यह सारी व्यवस्था जिसे मैं आज तुम्हारे साम्हने रखता हूं?
- Mark 7:20–23 मरकुस 7:20–23फिर उस ने कहा; जो मनुष्य में से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार। चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं।।
- Nehemiah 9:13–14 नहेमायाह 9:13–14फिर तू ने सीनै पर्वत पर उतरकर आकाश में से उनके साथ बातें की, और उनको सीधे नियम, सच्ची व्यवस्था, और अच्छी विधियां, और आज्ञाएं दीं। और उन्हें अपने पवित्रा विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं।
- Mark 5:25 मरकुस 5:25और एक स्त्री, जिस को बारह वर्ष से लोहू बहने का रोग था।
- Romans 3:2 रोमियों 3:2हर प्रकार से बहुत कुछ। पहिले तो यह कि परमशॆवर के वचन उन को सौंपे गए।