Proverbs · chapter 18 · verse 5
Proverbs 18:5 in Hindi
दुष्ट का पक्ष करना, और धर्मी का हक मारना, अच्छा नहीं है।
Dusht kaa paksh karanaa, aur dharmee kaa hak maaranaa, achchhaa naheem hai.
Proverbs 18:5 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] not good to accept the person of the wicked, to overthrow the righteous in judgment.
- World English Bible (WEB)
- To be partial to the faces of the wicked is not good, nor to deprive the innocent of justice.
- American Standard Version (ASV)
- To respect the person of the wicked is not good, [Nor] to turn aside the righteous in judgment.
- Bible in Basic English (BBE)
- To have respect for the person of the evil-doer is not good, or to give a wrong decision against the upright.
- Darby Translation (DBY)
- It is not good to accept the person of the wicked, to wrong the righteous in judgment.
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] not good to accept the person of the wicked, to overthrow the righteous in judgment.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Acceptance of the face of the wicked [is] not good, To turn aside the righteous in judgment.
Read in context
- 3जहां दुष्ट आता, वहां अपमान भी आता है; और निन्दित काम के साथ नामधराई होती है।
- 4मनुष्य के मुंह के वचन गहिरा जल, वा उमण्डनेवाली नदी वा बुद्धि के सोते हैं।
- 5दुष्ट का पक्ष करना, और धर्मी का हक मारना, अच्छा नहीं है।
- 6बात बढ़ाने से मूर्ख मुक मा खड़ा करता है, और अपने को मार खाने के योग्य दिखाता है।
- 7मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है, और उसके वचन उसके प्राण के लिये फन्दे होते हैं।
Cross references
- Leviticus 19:15 लैव्यव्यवस्था 19:15न्याय में कुटिलता न करना; और न तो कंगाल का पक्ष करना और न बड़े मनुष्यों का मुंह देखा विचार करना; उस दूसरे का न्याय धर्म से करना।
- Deuteronomy 16:19 व्यवस्थाविवरण 16:19तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है।
- Proverbs 28:21 नीतिवचन 28:21पक्षपात करना अच्छा नहीं; और यह भी अच्छा नहीं कि पुरूष एक टुकड़े रोटी के लिये अपराध करे।
- Psalm 82:2 भजन संहिता 82:2तुम लोग कब तक टेढ़ा न्याय करते और दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे?
- Proverbs 24:23 नीतिवचन 24:23बुद्धिमानों के वचन यह भी हैं।। न्याय में पक्षपात करना, किसी रीति भी अच्छा नहीं।
- Proverbs 17:15 नीतिवचन 17:15जो दोषी को निर्दोष, और जो निर्दोष को दोषी ठहराता है, उन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
- Matthew 22:16 मत्ती 22:16सो उन्हों ने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, कि हे गुरू; हम जानते हैं, कि तू सच्चा है; और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देखकर बातें नही करता।
- Deuteronomy 1:16–17 व्यवस्थाविवरण 1:16–17और उस समय मैं ने तुम्हारे न्यायियों को आज्ञा दी, कि तुम अपने भाइयों के मुक मे सुना करो, और उनके बीच और उनके पड़ोसियों और परदेशियों के बीच भी धर्म से न्याय किया करो। न्याय करते समय किसी का पक्ष न करना; जैसे बड़े की वैसे ही छोटे मनुष्य की भी सुनना; किसी का मुॅह देखकर न डरना, क्योंकि न्याय परमेश्वर का काम है; और जो मुक मा तुम्हारे लिये कठिन हो, वह मेरे पास ले आना, और मैं उसे सुनूंगा।
- Isaiah 5:23 यशायाह 5:23जो घूस लेकर दुष्टों को निर्दोष, और निर्दोषों को दोषी ठहराते हैं!
- 1 Kings 21:9–14 1 राजा 21:9–14उस चिट्ठी में उस ने यों लिखा, कि उपवास का प्रचार करो, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाना। तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए। ईज़ेबेल की चिट्ठी में की आज्ञा के अनुसार नगर में रहनेवाले पुरनियों और रईसों ने उपवास का प्रचार किया, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाया। तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया। तब उन्हों ने ईज़ेबेल के पास यह कहला भेजा कि नाबोत पत्थरवाह करके मार डाला गया है।
- Job 34:19 अय्यूब 34:19ईश्वर तो हाकिमों का पक्ष नहीं करता और धनी और कंगाल दोनों को अपने बनाए हुए जानकर उन में कुछ भेद नहीं करता।
- Job 13:7–8 अय्यूब 13:7–8क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे? क्या तुम उसका पक्षपात करोगे? और ईश्वर के लिये मुक मा चलाओगे।