Luke · chapter 1 · verse 9
Luke 1:9 in Hindi
तो याजकों की रीति के अनुसार उसके नाम पर चिट्ठी निकली, कि प्रभु के मन्दिर में जाकर धूप जलाए।
To yaajakom kee reeti ke anusaar usake naam par chitthee nikalee, ki prabhu ke mandir mem jaakar dhoop jalaae.
Luke 1:9 in English
- King James Version (KJV)
- According to the custom of the priest’s office, his lot was to burn incense when he went into the temple of the Lord.
- World English Bible (WEB)
- according to the custom of the priest’s office, his lot was to enter into the temple of the Lord and burn incense.
- American Standard Version (ASV)
- according to the custom of the priest’s office, his lot was to enter into the temple of the Lord and burn incense.
- Bible in Basic English (BBE)
- And as was the way of the priests, he had to go into the Temple to see to the burning of perfumes.
- Darby Translation (DBY)
- it fell to him by lot, according to the custom of the priesthood, to enter into the temple of the Lord to burn incense.
- Webster's Bible (WBS)
- According to the custom of the priests' office, his lot was to burn incense when he went into the temple of the Lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- according to the custom of the priesthood, his lot was to make perfume, having gone into the sanctuary of the Lord,
Read in context
- 7क्योंकि इलीशिबा बांझ थी, और वे दोनों बूढ़े थे।।
- 8जब वह अपने दलकी पारी पर परमेश्वर के साम्हने याजक का काम करता था।
- 9तो याजकों की रीति के अनुसार उसके नाम पर चिट्ठी निकली, कि प्रभु के मन्दिर में जाकर धूप जलाए।
- 10और धूप जलाने के समय लोगों की सारी मण्डली बाहर प्रार्थना कर रही थी।
- 11कि प्रभु का एक स्वर्गदूत धूप की वेदी की दहिनी ओर खड़ा हुआ उस को दिखाई दिया।
Cross references
- 2 Chronicles 29:11 2 इतिहास 29:11हे मेरे बेटो, ढिलाई न करो देखो, यहोवा ने अपने सम्मुख खड़े रहने, और अपनी सेवा टहल करने, और अपने टहलुए और धूप जलानेवाले का काम करने के लिये तुम्हीं को चुन लिया है।
- Exodus 30:7–8 निर्गमन 30:7–8और उसी वेदी पर हारून सुगन्धित धूप जलाया करे; प्रतिदिन भोर को जब वह दीपक को ठीक करे तब वह धूप को जलाए, तब गोधूलि के समय जब हारून दीपकों को जलाए तब धूप जलाया करे, यह धूप यहोवा के साम्हने तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में नित्य जलाया जाए।
- 1 Chronicles 23:13 1 इतिहास 23:13हारून तो इसलिये अलग किया गया, कि वह और उसके सन्तान सदा परमपवित्रा वस्तुओं को पवित्रा ठहराएं, और सदा यहोवा के सम्मुख धूप जलाया करें और उसकी सेवा टहल करें, और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें।
- Numbers 16:40 गिनती 16:40कि इस्त्राएलियों को इस बात का स्मरण रहे कि कोई दूसरा, जो हारून के वंश का न हो, यहोवा के साम्हने धूप चढ़ाने को समीप न जाए, ऐसा न हो कि वह भी कोरह और उसकी मण्डली के समान नष्ट हो जाए, जैसे कि यहोवा ने मूसा के द्वारा उसको आज्ञा दी थी।।
- 1 Samuel 2:28 1 शमूएल 2:28और क्या मैं ने उसे इस्राएल के सब गोत्रों में से इसलिये चुन नहीं लिया था, कि मेरा याजक होकर मेरी वेदी के ऊपर चढ़ावे चढ़ाए, और धूप जलाए, और मेरे साम्हने एपोद पहिना करे? और क्या मैं ने तेरे मूलपुरूष के घराने को इस्राएलियों के कुल हव्य न दिए थे?
- Hebrews 9:6 इब्रानियों 9:6जब ये वस्तुएं इस रीति से तैयार हो चुकी, तक पहिले तम्बू में तो याजक हर समय प्रवेश करके सेवा के काम निबाहते हैं
- 2 Chronicles 26:16 2 इतिहास 26:16परन्तु जब वह सामथ हो गया, तब उसका मन फूल उठा; और उस ने बिगड़कर अपने परमेश्वर यहोवा का विश्वासघात किया, अर्थात् वह धूप की वेदी पर धूम जलाने को यहोवा के मन्दिर में घुस गया।
- 1 Chronicles 6:49 1 इतिहास 6:49परन्तु हारून और उसके पुत्रा होपबलि की वेदी, और धूप की वेदी दोनों पर बलिदान चढ़ाते, और परम पवित्रास्थान का सब काम करते, और इस्राएलियों के लिये प्रायश्चित करते थे, जैसे कि परमेश्वर के दास मूसा ने आज्ञाएं दी थीं।
- Exodus 37:25–29 निर्गमन 37:25–29फिर उस ने बबूल की लकड़ी की धूपवेदी भी बनाई; उसकी लम्बाई एक हाथ और चौड़ाई एक हाथ ही थी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई एक हाथ की थी; वह चौकोर बनी, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की थी; और उसके सींग उसके साथ बिना जोड़ के बने थे और ऊपरवाले पल्लों, और चारों ओर की अलंगों, और सींगो समेत उस ने उस वेदी को चोखे सोने से मढ़ा; और उसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाई, और उस बाड़ के नीचे उसके दोनों पल्लों पर उस ने सोने के दो कड़े बनाए, जो उसके उठाने के डण्डों के खानों का काम दें। और डण्डों को उस ने बबूल की लकड़ी का बनाया, और सोने से मढ़ा। और उस ने अभिषेक का पवित्रा तेल, और सुगन्धद्रव्य का धूप, गन्धी की रीति के अनुसार बनाया।।