Leviticus · chapter 25 · verse 21
Leviticus 25:21 in Hindi
तो जानो कि मैं तुम को छठवें वर्ष में ऐसी आशीष दूंगा, कि भूमि की उपज तीन वर्ष तक काम आएगी।
To jaano ki maim tum ko chhathavem varsh mem aisee aasheesh doongaa, ki bhoomi kee upaj teen varsh tak kaam aaegee.
Leviticus 25:21 in English
- King James Version (KJV)
- Then I will command my blessing upon you in the sixth year, and it shall bring forth fruit for three years.
- World English Bible (WEB)
- then I will command my blessing on you in the sixth year, and it shall bear fruit for the three years.
- American Standard Version (ASV)
- then I will command my blessing upon you in the sixth year, and it shall bring forth fruit for the three years.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then I will send my blessing on you in the sixth year, and the land will give fruit enough for three years.
- Darby Translation (DBY)
- then I will command my blessing upon you in the sixth year, that it may bring forth produce for three years;
- Webster's Bible (WBS)
- Then I will command my blessing upon you in the sixth year, and it shall bring forth fruit for three years.
- Young's Literal Translation (YLT)
- then I have commanded My blessing on you in the sixth year, and it hath made the increase for three years;
Read in context
- 19और भूमि अपनी उपज उपजाया करेगी, और तुम पेट भर खाया करोगे, और उस देश में निडर बसे रहोगे।
- 20और यदि तुम कहो, कि सातवें वर्ष में हम क्या खाएंगे, न तो हम बोएंगे न अपने खेत की उपज इकट्ठी करेंगे?
- 21तो जानो कि मैं तुम को छठवें वर्ष में ऐसी आशीष दूंगा, कि भूमि की उपज तीन वर्ष तक काम आएगी।
- 22तुम आठवें वर्ष में बोओगे, और पुरानी उपज में से खाते रहोगे, और नवें वर्ष की उपज में से खाते रहोगे।
- 23भूमि सदा के लिये तो बेची न जाए, क्योंकि भूमि मेरी है; और उस में तुम परदेशी और बाहरी होगे।
Cross references
- Deuteronomy 28:8 व्यवस्थाविवरण 28:8तेरे खत्तों पर और जितने कामों में तू हाथ लगाएगा उन सभों पर यहोवा आशीष देगा; इसलिये जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में वह तुझे आशीष देगा।
- Proverbs 10:22 नीतिवचन 10:22धन यहोवा की आशीष ही से मिलता है, और वह उसके साथ दु:ख नहीं मिलाता।
- 2 Corinthians 9:10 2 कुरिन्थियों 9:10सो जो बोनेवाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्त करेगा; और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
- Psalm 133:3 भजन संहिता 133:3वह हेर्मोन् की उस ओस के समान है, जो सिरयोन के पहाड़ों पर गिरती है! यहोवा ने तो वहीं सदा के जीवन की आशीष ठहराई है।।
- Deuteronomy 28:3 व्यवस्थाविवरण 28:3धन्य हो तू नगर में, धन्य हो तू खेत में।
- Genesis 41:47 उत्पत्ति 41:47सुकाल के सातों वर्षों में भूमि बहुतायत से अन्न उपजाती रही।
- Genesis 26:12 उत्पत्ति 26:12फिर इसहाक ने उस देश में जोता बोया, और उसी वर्ष में सौ गुणा फल पाया: और यहोवा ने उसको आशीष दी।
- Exodus 16:29 निर्गमन 16:29देखो, यहोवा ने जो तुम को विश्राम का दिन दिया है, इसी कारण वह छठवें दिन को दो दिन का भोजन तुम्हें देता है; इसलिये तुम अपने अपने यहां बैठे रहना, सातवें दिन कोई अपने स्थान से बाहर न जाना।
- Leviticus 25:4 लैव्यव्यवस्था 25:4परन्तु सातवें वर्ष भूमि को यहोवा के लिये परमविश्रामकाल मिला करे; उस में न तो अपना खेत बोना और न अपनी दाख की बारी छांटना।
- Leviticus 25:8–11 लैव्यव्यवस्था 25:8–11और सात विश्रामवर्ष, अर्थात् सातगुना सात वर्ष गिन लेना, सातों विश्रामवर्षों का यह समय उनचास वर्ष होगा। तब सातवें महीने के दसवें दिन को, अर्थात् प्रायश्चित्त के दिन, जय जयकार के महाशब्द का नरसिंगा अपने सारे देश में सब कहीं फुंकवाना। और उस पचासवें वर्ष को पवित्रा करके मानना, और देश के सारे निवासियों के लिये छुटकारे का प्रचार करना; वह वर्ष तुम्हारे यहां जुबली कहलाए; उस में तुम अपनी अपनी निज भूमि और अपने अपने घराने में लौटने पाओगे। तुम्हारे यहां वह पचासवां वर्ष जुबली का वर्ष कहलाए; उस में तुम न बोना, और जो अपने आप ऊगे उसे भी न काटना, और न बिन छांटी हुई दाखलता की दाखों को तोड़ना।