Luke · chapter 22 · verse 44
Luke 22:44 in Hindi
और वह अत्यन्त संकट में व्याकुल होकर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्दों की नाई भूमि पर गिर रहा था।
Aur vah atyant sankat mem vyaakul hokar aur bhee hruday vedanaa se praarthanaa karane lagaa; aur usakaa paseenaa maano lohoo kee badee badee boondom kee naaee bhoomi par gir rahaa thaa.
Luke 22:44 in English
- King James Version (KJV)
- And being in an agony he prayed more earnestly: and his sweat was as it were great drops of blood falling down to the ground.
- World English Bible (WEB)
- Being in agony, he prayed more earnestly. His sweat became like great drops of blood falling down on the ground.
- American Standard Version (ASV)
- And being in an agony he prayed more earnestly; and his sweat became as it were great drops of blood falling down upon the ground.
- Bible in Basic English (BBE)
- And being in great trouble of soul, the force of his prayer became stronger, and great drops, like blood, came from him, falling to the earth.
- Darby Translation (DBY)
- And being in conflict he prayed more intently. And his sweat became as great drops of blood, falling down upon the earth.
- Webster's Bible (WBS)
- And being in an agony, he prayed more earnestly: and his sweat was as it were great drops of blood falling to the ground.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having been in agony, he was more earnestly praying, and his sweat became, as it were, great drops of blood falling upon the ground.
Read in context
- 42कि हे पिता यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले, तौभी मेरी नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो।
- 43तब स्वर्ग से एक दूत उस को दिखाई दिया जो उसे सामर्थ देता था।
- 44और वह अत्यन्त संकट में व्याकुल होकर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्दों की नाई भूमि पर गिर रहा था।
- 45तब वह प्रार्थना से उठा और अपने चेलों के पास आकर उन्हें उदासी के मारे सोता पाया; और उन से कहा, क्यों सोते हो?
- 46उठो, प्रार्थना करो, कि परीक्षा में न पड़ो।।
Cross references
- Lamentations 1:12 विलापगीत 1:12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- Psalm 22:12–21 भजन संहिता 22:12–21बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है। वह फाड़ने और गरजनेवाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।। मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चरों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; वे मेरे वस्त्रा आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगती सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।।
- Romans 8:32 रोमियों 8:32जिस ने अपने निज पुत्रा को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
- Psalm 130:1–2 भजन संहिता 130:1–2हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है! हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- Isaiah 53:10 यशायाह 53:10तौभी यहोवा को यही भया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
- John 12:27 यूहन्ना 12:27जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
- Genesis 32:24–28 उत्पत्ति 32:24–28तब परमेश्वर ने रात के स्वप्न में आरामी लाबान के पास आकर कहा, सावधान रह, तू याकूब से न तो भला कहना और न बुरा। और लाबान याकूब के पास पहुंच गया, याकूब तो अपना तम्बू गिलाद नाम पहाड़ी देश में खड़ा किए पड़ा था: और लाबान ने भी अपने भाइयों के साथ अपना तम्बू उसी पहाड़ी देश में खड़ा किया। तब लाबान याकूब से कहने लगा, तू ने यह क्या किया, कि मेरे पास से चोरी से चला आया, और मेरी बेटियों को ऐसा ले आया, जैसा कोई तलवार के बल से बन्दी बनाए गए? तू क्यों चुपके से भाग आया, और मुझ से बिना कुछ कहे मेरे पास से चोरी से चला आया; नहीं तो मैं तुझे आनन्द के साथ मृदंग और वीणा बजवाते, और गीत गवाते विदा करता? तू ने तो मुझे अपने बेटे बेटियों को चूमने तक न दिया? तू ने मूर्खता की है।
- Jonah 2:2–3 योना 2:2–3मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उस ने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली। तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।
- Lamentations 3:53–56 विलापगीत 3:53–56उन्हों ने मुझे गड़हे में डालकर मेरे जीवन का अन्त करने के लिये मेरे ऊपर पत्थर लुढ़काए हैं; मेरे सिर पर से जल बह गया, मैं ने कहा, मैं अब नाश हो गया। हे यहोवा, गहिरे गड़हे में से मैं ने तुझ से प्रार्थना की; तू ने मेरी सुनी कि जो दोहाई देकर मैं चिल्लाता हूँ उस से कान न फेर ले!
- Psalm 143:6–7 भजन संहिता 143:6–7मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।। हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।
- Psalm 88:1–18 भजन संहिता 88:1–18हे मेरे उठ्ठारकर्त्ता परमेश्वर यहोवा, मैं दिन को और रात को तेरे आगे चिल्लाता आया हूं। मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचे, मेरे चिल्लाने की ओर कान लगा! क्योंकि मेरा प्राण क्लेश में भरा हुआ है, और मेरा प्राण अधोलोक के निकट पहुंचा है। मैं कबर में पड़नेवालों में गिना गया हूं; मैं बलहीन पुरूष के समान हो गया हूं। मैं मुर्दों के बीच छोड़ा गया हूं, और जो घात होकर कबर में पड़े हैं, जिनको तू फिर स्मरण नहीं करता और वे तेरी सहायता रहित हैं, उनके समान मैं हो गया हूं। तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है। तेरी जलजलाहट मुझी पर बनी हुई है, और तू ने अपने सब तरंगों से मुझे दु:ख दिया है; तू ने मेरे पहिचानवालों को मुझ से दूर किया है; और मुझ को उनकी दृष्टि में घिनौना किया है। मैं बन्दी हूं और निकल नही सकता; दु:ख भोगते भोगते मेरी आंखे धुन्धला गई। हे यहोवा मैं लगातार तुझे पुकारता और अपने हाथ तेरी ओर फैलाता आया हूं। क्या तू मुर्दों के लिये अदभुत् काम करेगा? क्या मरे लोग उठकर तेरा धन्यवाद करेंगे? क्या कबर में तेरी करूणा का, और विनाश की दशा में तेरी सच्चाई का वर्णन किया जाएगा? क्या तेरे अदभुत् काम अन्धकार में, वा तेरा धर्म विश्वासघात की दशा में जाना जाएगा? परन्तु हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; और भोर को मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचेगी। हे यहोवा, तू मुझ को क्यों छोड़ता है? तू अपना मुख मुझ से क्यों छिपाता रहता है? मैं बचपन ही से दु:खी वरन अधमुआ हूं, तुझ से भय खाते मैं अति व्याकुल हो गया हूं। तेरा क्रोध मुझ पर पड़ा है; उस भय से मैं मिट गया हूं। वह दिन भर जल की नाई मुझे घेरे रहता है; वह मेरे चारों ओर दिखाई देता है। तू ने मित्रा और भाईबन्धु दोनों को मुझ से दूर किया है; और मेरे जान- पहिचानवालों को अन्धकार में डाल दिया है।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- being · G1096γίνομαι gínomai
- in · G1722ἐν en
- agony · G74ἀγωνία agōnía
- prayed · G4336προσεύχομαι proseúchomai
- earnestly · G1617ἐκτενέστερον ektenésteron
- and · G1161δέ dé
- his · G846αὐτός autós
- sweat · G2402ἱδρώς hidrṓs
- was · G1096γίνομαι gínomai
- were · G5616ὡσεί hōseí
- drops · G2361θρόμβος thrómbos
- blood · G129αἷμα haîma
- down · G2597καταβαίνω katabaínō
- to · G1909ἐπί epí
- ground · G1093γῆ gē