Luke · chapter 24 · verse 17
Luke 24:17 in Hindi
उस ने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।
Us ne un se poochhaa; ye kyaa baatem haim, jo tum chalate chalate aapas mem karate ho? Ve udaas se khade rah gae.
Luke 24:17 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto them, What manner of communications [are] these that ye have one to another, as ye walk, and are sad?
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “What are you talking about as you walk, and are sad?”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, What communications are these that ye have one with another, as ye walk? And they stood still, looking sad.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, What are you talking about together while you go?
- Darby Translation (DBY)
- And he said to them, What discourses are these which pass between you as ye walk, and are downcast?
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to them, What manner of communications [are] these that ye have one to another, as ye walk, and are sad?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he said unto them, 'What [are] these words that ye exchange with one another, walking, and ye are sad?'
Read in context
- 15और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया।
- 16परनतु उन की आंखे ऐसी बन्द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके।
- 17उस ने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।
- 18यह सुनकर, उनमें से क्लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या हुआ है?
- 19उस ने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्हों ने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था।
Cross references
- John 16:20–22 यूहन्ना 16:20–22मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा। जब स्त्री जनने लगती है तो उस को शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती। और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
- John 16:6 यूहन्ना 16:6परन्तु मैं ने जो ये बातें तुम से कही हैं, इसलिये तुम्हारा मन शोक से भर गया।
- Ezekiel 9:4–6 यहेजकेल 9:4–6और यहोवा ने उस से कहा, इस यरूशलेम नगर के भीतर इधर उधर जाकर जितने मनुष्य उन सब घृणित कामों के कारण जो उस में किए जाते हैं, सांसें भरते और दु:ख के मारे चिल्लाते हैं, उनके माथों पर चिन्ह कर दे। तब उस ने मेरे सुनते हुए दूसरों से कहा, नगर में उनके पीछे पीछे चलकर मारते जाओ; किसी पर दया न करना और न कोमलता से काम करना। बूढ़े, युवा, कुंवारी, बालबच्चे, स्त्रियां, सब को मारकर नाश करो, परन्तु जिस किसी मनुष्य के माथे पर वह चिन्ह हो, उसके निकट न जाना। और मेरे पवित्रास्थान ही से आरम्भ करो। और उन्हों ने उन पुरनियों से आरम्भ किया जो भवन के साम्हने थे।