Luke · chapter 3 · verse 38
Luke 3:38 in Hindi
और वह इनोश का, और वह शेत का, और वह आदम का, और वह परमेश्वर का था।।
Aur vah inosh kaa, aur vah shet kaa, aur vah aadam kaa, aur vah parameshvar kaa thaa..
Luke 3:38 in English
- King James Version (KJV)
- Which was [the son] of Enos, which was [the son] of Seth, which was [the son] of Adam, which was [the son] of God.
- World English Bible (WEB)
- the son of Enos, the son of Seth, the son of Adam, the son of God.
- American Standard Version (ASV)
- the [son] of Enos, the [son] of Seth, the [son] of Adam, the [son] of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- The son of Enos, the son of Seth, the son of Adam, the son of God.
- Darby Translation (DBY)
- of Enos, of Seth, of Adam, of God.
- Webster's Bible (WBS)
- Who was [the son] of Enos, who was [the son] of Seth, who was [the son] of Adam, who was [the son] of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- the [son] of Cainan, the [son] of Enos, the [son] of Seth, the [son] of Adam, the [son] of God.
Read in context
- 36और वह केनान का, वह अरफज्ञद का, और वह शेम का, वह नूह का, वह लिमिक का।
- 37और वह मथूशिलह का, और वह हनोक का, और वह यिरिद का, और वह महललेल का, और वह केनान का।
- 38और वह इनोश का, और वह शेत का, और वह आदम का, और वह परमेश्वर का था।।
Cross references
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Isaiah 64:8 यशायाह 64:8तौभी, हे यहोवा, तू हमार पिता है; देख, हम तो मिट्टी है, और तू हमारा कुम्हार है; हम सब के सब तेरे हाथ के काम हैं।
- 1 Corinthians 15:47 1 कुरिन्थियों 15:47प्रथम मनुष्य धरती से अर्थात् मिट्टी का था; दूसरा मनुष्य स्वर्गीय है।
- 1 Corinthians 15:45 1 कुरिन्थियों 15:45ऐसा ही लिखा भी है, कि प्रथम मनुष्य, अर्थात् आदम, जीवित प्राणी बना और अन्तिम आदम, जीवनदायक आत्मा बना।
- Acts 17:26–29 प्रेरितों के काम 17:26–29उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्धा है। कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोलकर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते- फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझता उचित नहीं, कि ईश्वरत्व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पता से गढ़े गए हों।
- Genesis 1:26–27 उत्पत्ति 1:26–27फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगनेवाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी करके उस ने मनुष्यों की सृष्टि की।