Luke · chapter 4 · verse 1
Luke 4:1 in Hindi
फिर यीशु पवित्राआत्मा से भरा हुआ, यरदन से लैटा; और चालीस दिन तक आत्मा के सिखाने से जंगल में फिरता रहा; और शैतान उस की परीक्षा करता रहा।
Phir yeeshu pavitraaaatmaa se bharaa huaa, yaradan se laitaa; aur chaalees din tak aatmaa ke sikhaane se jangal mem phirataa rahaa; aur shaitaan us kee pareekshaa karataa rahaa.
Luke 4:1 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus being full of the Holy Ghost returned from Jordan, and was led by the Spirit into the wilderness,
- World English Bible (WEB)
- Jesus, full of the Holy Spirit, returned from the Jordan and was led by the Spirit into the wilderness
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus, full of the Holy Spirit, returned from the Jordan, and was led in the Spirit in the wilderness
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus, full of the Holy Spirit, came back from the Jordan, and was guided by the Spirit in the waste land
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus, full of [the] Holy Spirit, returned from the Jordan, and was led by the Spirit in the wilderness
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus being full of the Holy Spirit, returned from Jordan, and was led by the Spirit into the wilderness,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus, full of the Holy Spirit, turned back from the Jordan, and was brought in the Spirit to the wilderness,
Read in context
- 1फिर यीशु पवित्राआत्मा से भरा हुआ, यरदन से लैटा; और चालीस दिन तक आत्मा के सिखाने से जंगल में फिरता रहा; और शैतान उस की परीक्षा करता रहा।
- 2उन दिनों में उस ने कुछ न खाया और जब वे दिन पूरे हो गए, तो उसे भूख लगी।
- 3और शैतान ने उस से कहा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो इस पत्थर से कह, कि रोटी बन जाए
Cross references
- Matthew 4:1–11 मत्ती 4:1–11तब उस समय आत्मा यीशु को जंगल में ले गया ताकि इब्लीस से उस की परीक्षा हो। वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्त में उसे भूख लगी। तब परखनेवाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं। उस ने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। तब इब्लीस उसे पवित्रा नगर में ले गया और मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया। और उस से कहा यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो अपने आप को नीचे गिरा दे; क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्वर्गदूतों को आज्ञा देगा; और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे; कहीं ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर। फिर शैतान उसे एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका विभव दिखाकर उस से कहा, कि यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूंगा। तब यीशु ने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर। तब शैतान उसके पास से चला गया, और देखो, स्वर्गदूत आकर उस की सेवा करने लगे।।
- Mark 1:12–13 मरकुस 1:12–13तब आत्मा ने तुरन्त उस को जंगल की ओर भेजा। और जंगल में चालीस दिन तक शैतान ने उस की परीक्षा की; और वह वन पशुओं के साथ रहा; और स्वर्गदूत उन की सेवा करते रहे।।
- Acts 10:38 प्रेरितों के काम 10:38कि परमेश्वर ने किस रीति से यीशु नासरी को पवित्र आत्मा और सामर्थ से अभिषेक किया: वह भलाई करता, और सब को जो शैतान के सताए हुए थे, अच्छा करता फिरा; क्योंकि परमेश्वर उसके साथ था।
- Luke 4:18 लूका 4:18कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उस ने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्धुओं को छुटकारे का और अन्धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।
- Isaiah 61:1 यशायाह 61:1प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्राता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
- John 3:34 यूहन्ना 3:34क्योंकि जिसे परमेश्वर ने भेजा है, वह परमेश्वर की बातें कहता है: क्योंकि वह आत्मा नाप नापकर नहीं देता।
- John 1:32 यूहन्ना 1:32और यूहन्ना ने यह गवाही दी, कि मैं ने आत्मा को कबूतर की नाईं आकाश से उतरते देखा है, और वह उस पर ठहर गया।
- Matthew 3:16 मत्ती 3:16और यीशु बपतिस्मा लेकर तुरन्त पानी में से ऊपर आया, और देखो, उसके लिये आकाश खुल गया; और उस ने परमेश्वर के आत्मा को कबूतर की नाई उतरते और अपने ऊपर आते देखा।
- Isaiah 11:2–4 यशायाह 11:2–4और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खाराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा।
- Luke 4:14 लूका 4:14फिर यीशु आत्मा की सामर्थ से भरा हुआ गलील को लौटा, और उस की चर्चा आस पास के सारे देश में फैल गई।
- Ezekiel 3:14 यहेजकेल 3:14सो आत्मा मुझे उठाकर ले गई, और मैं कठिन दु:ख से भरा हुआ, और मन में जलता हुआ चला गया; और यहोवा की शक्ति मुझ में प्रबल थी;
- Luke 3:21–22 लूका 3:21–22जब सब लोगों ने बपतिस्मा लिया, और यीशु भी बपतिस्मा लेकर प्रार्थना कर रहा था, तो आकाश खुल गया। और पवित्रा आत्मा शारीरिक रूप में कबूतर की नाई उस पर उतरा, और यह आकाशवाणी हुई, कि तू मेरा प्रिय पुत्रा है, मैं तुझ से प्रसन्न हूं।।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- full · G4134πλήρης plḗrēs
- Holy · G40ἅγιος hágios
- Ghost · G4151πνεῦμα pneûma
- returned · G5290ὑποστρέφω hypostréphō
- from · G575ἀπό apó
- Jordan · G2446Ἰορδάνης Iordánēs
- and · G2532καί kaí
- led · G71ἄγω ágō
- by · G1722ἐν en
- Spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- into · G1519εἰς eis
- wilderness · G2048ἔρημος érēmos