Luke · chapter 6 · verse 3
Luke 6:3 in Hindi
यीशु ने उन का उत्तर दिया; क्या तुम ने यह नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने जब वह और उसके साथी भूखे थे तो क्या किया?
Yeeshu ne un kaa uttar diyaa; kyaa tum ne yah naheem padhaa, ki daaood ne jab vah aur usake saathee bhookhe the to kyaa kiyaa?
Luke 6:3 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus answering them said, Have ye not read so much as this, what David did, when himself was an hungred, and they which were with him;
- World English Bible (WEB)
- Jesus, answering them, said, “Haven’t you read what David did when he was hungry, he and those who were with him,
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus answering them said, Have ye not read even this, what David did, when he was hungry, he, and they that were with him;
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus said, Have you not seen in the Writings what David did when he was in need of food, he, and those who were with him;
- Darby Translation (DBY)
- And Jesus answering said to them, Have ye not read so much as this, what David did when he hungered, he and those who were with him,
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus answering them, said, Have ye not read so much as this, what David did, when himself was hungry, and they who were with him;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus answering said unto them, 'Did ye not read even this that David did, when he hungered, himself and those who are with him,
Read in context
- 1फिर सब्त के दिन वह खेतों में से होकर जा रहा था, और उसके चेले बालें तोड़ तोड़कर, और हाथों से मल मल कर खाते जाते थे।
- 2तब फरीसियों में से कई एक कहने लगे, तुम वह काम क्यों करते हो जो सब्त के दिन करना उचित नहीं?
- 3यीशु ने उन का उत्तर दिया; क्या तुम ने यह नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने जब वह और उसके साथी भूखे थे तो क्या किया?
- 4वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां लेकर खाई, जिन्हें खाना याजकों को छोड़ और किसी को उचित नही, और अपने साथियों को भी दी?
- 5और उस ने उन से कहा; मनुष्य का पुत्रा सब्त के दिन का भी प्रभु है।
Cross references
- 1 Samuel 21:3–6 1 शमूएल 21:3–6अब तेरे हाथ में क्या है? पांच रोटी, वा जो कुछ मिले उसे मेरे हाथ में दे। याजक ने दाऊद से कहा, मेरे पास साधारण रोटी तो कुछ नहीं है, केवल पवित्रा रोटी है; इतना हो कि वे जवान स्त्रियों से अलग रहे हों। दाऊद ने याजक को उत्तर देकर उस से कहा, सच है कि हम तीन दिन से स्त्रियों से अलग हैं; फिर जब मैं निकल आया, तब तो जवानों के बर्तन पवित्रा थे; यद्यपि यात्रा साधारण है तो आज उनके बर्तन अवश्य ही पवित्रा होंगे। तब याजक ने उसको पवित्रा रोटी दी; क्योंकि दूसरी रोटी वहां न थी, केवल भेंट की रोटी थी जो यहोवा के सम्मुख से उठाई गई थी, कि उसके उठा लेने के दिन गरम रोटी रखी जाए।
- Mark 2:25–26 मरकुस 2:25–26उस ने उन से कहा, क्या तुम ने कभी नहीं पढ़ा, कि जब दाऊद को आवश्यकता हुई और जब वह और उसके साथी भूखे हुए, तब उस ने क्या किया था? उस ने क्योंकर अबियातार महायाजक के समय, परमेश्वर के भवन में जाकर, भेंट की रोटियां खाईं, जिसका खाना याजकों को छोड़ और किसी को भी उचित नहीं, और अपने साथियों को भी दीं?
- Matthew 12:3–5 मत्ती 12:3–5उस ने उन से कहा; क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां खाईं, जिन्हें खाना न तो उसे और उसके साथियों को, पर केवल याजकों को उचित था? या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं।
- Matthew 21:16 मत्ती 21:16यीशु ने उन से कहा, हां; क्या तुम ने यह कभी नहीं पढ़ा, कि बालकों और दूध पीते बच्चों के मुंह से तु ने स्तुति सिद्ध कराई?
- Mark 12:10 मरकुस 12:10क्या तुम ने पवित्रा शास्त्रा में यह वचन नहीं पढ़ा, कि जिस पत्थर को राजमिस्त्रायों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया?
- Mark 12:26 मरकुस 12:26मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने मूसा की पुस्तक में झाड़ी की कथा में नही पढ़ा, कि परमेश्वर ने उस से कहा, मैं इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं?
- Matthew 22:31 मत्ती 22:31परन्तु मरे हुओं के जी उठने के विषय में क्या तुम ने यह वचन नहीं पढ़ा जो परमेश्वर ने तुम से कहा।
- Matthew 19:4 मत्ती 19:4उस ने उत्तर दिया, क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि जिस ने उन्हें बनाया, उस ने आरम्भ से नर और नारी बनाकर कहा।