Luke · chapter 6 · verse 9
Luke 6:9 in Hindi
यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से यह पूछता हूं कि सब्त के दिन क्या उचित है, भला करन या बुरा करना; प्राण को बचाना या नाश करना?
Yeeshu ne un se kahaa; maim tum se yah poochhataa hoom ki sabt ke din kyaa uchit hai, bhalaa karan yaa buraa karanaa; praan ko bachaanaa yaa naash karanaa?
Luke 6:9 in English
- King James Version (KJV)
- Then said Jesus unto them, I will ask you one thing; Is it lawful on the sabbath days to do good, or to do evil? to save life, or to destroy [it]?
- World English Bible (WEB)
- Then Jesus said to them, “I will ask you something: Is it lawful on the Sabbath to do good, or to do harm? To save a life, or to kill?”
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus said unto them, I ask you, Is it lawful on the sabbath to do good, or to do harm? to save a life, or to destroy it?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus said, I put the question to you, Is it right to do good on the Sabbath or to do evil? to give life or to take it away?
- Darby Translation (DBY)
- Jesus therefore said to them, I will ask you if it is lawful on the sabbath to do good, or to do evil? to save life, or to destroy [it]?
- Webster's Bible (WBS)
- Then said Jesus to them, I will ask you one thing; Is it lawful on the sabbath-days to do good, or to do evil? to save life, or to destroy [it] ?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Then said Jesus unto them, 'I will question you something: Is it lawful on the sabbaths to do good, or to do evil? life to save or to kill?'
Read in context
- 7शास्त्री और फरीसी उस पर दोष लगाने का अवसर पाने के लिये उस की ताक में थे, कि देखें कि वह सब्त के दिन चंगा करता है कि नहीं।
- 8परन्तु वह उन के विचार जानता था; इसलिये उसने सूखे हाथवाले मनुष्य से कहा; उठ, बीच में खड़ा हो: वह उठ खड़ा हुआ।
- 9यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से यह पूछता हूं कि सब्त के दिन क्या उचित है, भला करन या बुरा करना; प्राण को बचाना या नाश करना?
- 10और उस ने चारों ओर उन सभों को देखकर उस मनुष्य से कहा; अपना हाथ बढ़ा: उस ने ऐसा ही किया, और उसका हाथ फिर चंगा हो गया।
- 11परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें?
Cross references
- Mark 3:4 मरकुस 3:4और उन से कहा; क्या सब्त के दिन भला करना उचित है या बुरा करता, प्राण को बचाना या मारना? पर वे चुप रहे।
- Matthew 12:12–13 मत्ती 12:12–13भला, मनुष्य का मूल्य भेड़ से कितना बढ़ कर है; इसलिये सब्त के दिन भलाई करना उचित है: तब उस ने उस मनुष्य से कहा, अपना हाथ बढ़ा। उस ने बढ़ाया, और वह फिर दूसरे हाथ की नाई अच्छा हो गया।
- John 7:19–23 यूहन्ना 7:19–23क्या मूसा ने तुम्हें व्यवस्था नहीं दी? तौभी तुम में से काई व्यवस्था पर नहीं चलता। तुम क्यों मुझे मार डालना चाहते हो? लोगों ने उत्तर दिया; कि तुझ में दुष्टात्मा है; कौन तुझे मार डालना चाहता है? यीशु ने उन को उत्तर दिया, कि मैं ने एक काम किया, और तुम सब अचम्भा करते हो। इसी कारण मूसा ने तुम्हें खतने की आज्ञा दी है (यह नहीं कि वह मूसा की ओर से है परन्तु बाप- दादों से चली आई है), और तुम सब्त के दिन को मनुष्य का खतना करते हो। जब सब्त के दिन मनुष्य का खतना किया जाता है ताकि मूसा की व्यवस्था की आज्ञा टल न जाए, तो तुम मुझ पर क्यों इसलिये क्रोध करते हो, कि मैं ने सब्त के दिन एक मनुष्य को पूरी रीति से चंगा किया।
- Luke 14:3 लूका 14:3इस पर यीशु ने व्यवस्थापकों और फरीसियों से कहा; क्या सब्त के दिन अच्छा करना उचित है, कि नहीं? परन्तु वे चुपचाप रहे।
- Luke 9:56 लूका 9:56क्योंकि मनुष्य का पुत्रा लोगों के प्राणों को नाश करने नहीं बरन बचाने के लिये आया है: और वे किसी और गांव में चले गए।।