Luke · chapter 6 · verse 11
Luke 6:11 in Hindi
परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें?
Parantu ve aape se baahar hokar aapas mem vivaad karane lage ki ham yeeshu ke saath kyaa karem?
Luke 6:11 in English
- King James Version (KJV)
- And they were filled with madness; and communed one with another what they might do to Jesus.
- World English Bible (WEB)
- But they were filled with rage, and talked with one another about what they might do to Jesus.
- American Standard Version (ASV)
- But they were filled with madness; and communed one with another what they might do to Jesus.
- Bible in Basic English (BBE)
- But they were full of wrath, and were talking together about what they might do to Jesus.
- Darby Translation (DBY)
- But they were filled with madness, and they spoke together among themselves what they should do to Jesus.
- Webster's Bible (WBS)
- And they were filled with madness; and communed one with another what they might do to Jesus.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they were filled with madness, and were speaking with one another what they might do to Jesus.
Read in context
- 9यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से यह पूछता हूं कि सब्त के दिन क्या उचित है, भला करन या बुरा करना; प्राण को बचाना या नाश करना?
- 10और उस ने चारों ओर उन सभों को देखकर उस मनुष्य से कहा; अपना हाथ बढ़ा: उस ने ऐसा ही किया, और उसका हाथ फिर चंगा हो गया।
- 11परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें?
- 12और उन दिनों में वह पहाड़ पर प्रार्थना करने को निकला, और परमेश्वर से प्रार्थना करने में सारी रात बिताई।
- 13जब दिन हुआ, तो उस ने अपने चेलों को बुलाकर उन में से बारह चुन लिए, और उन को प्रेरित कहा।
Cross references
- Acts 5:33 प्रेरितों के काम 5:33यह सुनकर वे जल गए, और उन्हें मार डालना चाहा।
- Psalm 2:1–2 भजन संहिता 2:1–2जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं? यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- Ecclesiastes 9:3 सभोपदेशक 9:3जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में यह एक दोष है कि सब लोगों की एक सी दशा होती है; और मनुष्यों के मनों में बुराई भरी हुई है, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है, और उसके बाद वे मरे हुओं में जा मिलते हैं।
- Acts 4:19 प्रेरितों के काम 4:19परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें।
- Matthew 21:45 मत्ती 21:45महायाजक और फरीसी उसके दृष्टान्तों को सुनकर समझ गए, कि वह हमारे विषय में कहता है।
- John 11:47 यूहन्ना 11:47इस पर महायाजकों और फरीसियों ने मुख्य सभा के लोगों को इकट्ठा करके कहा, हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिन्ह दिखाता है।
- John 7:1 यूहन्ना 7:1इन बातों के बाद यीशु गलील में फिरता रहा, क्योंकि यहूदी उसे मार डालने का यत्न कर रहे थे, इसलिये वह यहूदिया में फिरना न चाहता था।
- Acts 26:11 प्रेरितों के काम 26:11और हर आराधनालय में मैं उन्हें ताड़ना दिला दिलाकर यीशु की निन्दा करवाता था, यहां तक कि क्रोध के मारे ऐसा पागल हो गया, कि बाहर के नगरों में भी जाकर उन्हें सताता था।
- Luke 4:28 लूका 4:28ये बातें सुनते ही जितने आराधनालय में थे, सब क्रोध से भर गए।
- Acts 7:54 प्रेरितों के काम 7:54ये बातें सुनकर वे जल गए और उस पर दांत पीसने लगे।
- Acts 4:15 प्रेरितों के काम 4:15परन्तु उन्हें सभा के बाहर जाने की आज्ञा देकर, वे आपस में विचार करने लगे,
- Matthew 12:14–15 मत्ती 12:14–15तब फरीसियों ने बाहर जाकर उसके विरोध में सम्मति की, कि उसे किस प्रकार नाश करें? यह जानकर यीशु वहां से चला गया; और बहुत लागे उसके पीछे हो लिये; और उस ने सब को चंगा किया।