Luke · chapter 7 · verse 29
Luke 7:29 in Hindi
और सब साधारण लोगों ने सुनकर और चुंगी लेनेवालों ने भी यूहन्ना का बपतिस्मा लेकर परमेश्वर को सच्चा मान लिया।
Aur sab saadhaaran logom ne sunakar aur chungee lenevaalom ne bhee yoohannaa kaa bapatismaa lekar parameshvar ko sachchaa maan liyaa.
Luke 7:29 in English
- King James Version (KJV)
- And all the people that heard [him], and the publicans, justified God, being baptized with the baptism of John.
- World English Bible (WEB)
- When all the people and the tax collectors heard this, they declared God to be just, having been baptized with John’s baptism.
- American Standard Version (ASV)
- And all the people when they heard, and the publicans, justified God, being baptized with the baptism of John.
- Bible in Basic English (BBE)
- (And all the people, and the tax-farmers, to whom John had given baptism, when they had knowledge of these things, gave glory to God.
- Darby Translation (DBY)
- (And all the people who heard [it], and the tax-gatherers, justified God, having been baptised with the baptism of John;
- Webster's Bible (WBS)
- And all the people that heard [him] , and the publicans, justified God, being baptized with the baptism of John.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And all the people having heard, and the tax-gatherers, declared God righteous, having been baptized with the baptism of John,
Read in context
- 27यह वही है, जिस के विषय में लिखा है, कि देख, मैं अपने दूत को तेरे आगे आगे भेजता हूं, जो तेरे आगे मार्ग सीधा करेगा।
- 28मैं तुम से कहता हूं, कि जो स्त्रियों से जन्में हैं, उन में से यूहन्ना से बड़ा कोई नहीं: पर जो परमेश्वर के राज्य में छोटे से छोटा है, वह उस से भी बड़ा है।
- 29और सब साधारण लोगों ने सुनकर और चुंगी लेनेवालों ने भी यूहन्ना का बपतिस्मा लेकर परमेश्वर को सच्चा मान लिया।
- 30पर फरीसियों और व्यवस्थापकों ने उस से बपतिस्मा न लेकर परमेश्वर की मनसा को अपने विषय में टाल दिया।
- 31सो मैं इस युग के लोगों की उपमा किस से दूं कि वे किस के समान हैं?
Cross references
- Luke 3:12 लूका 3:12और महसूल लेनेवाले भी बपतिस्मा लेने आए, और उस से पूछा, कि हे गुरू, हम क्या करें?
- Luke 7:35 लूका 7:35पर ज्ञान अपनी सब सन्तानों से सच्चा ठहराया गया है।।
- Matthew 3:5–6 मत्ती 3:5–6तब यरूशलेम के और सारे यहूदिया के, और यरदन के आस पास के सारे देश के लोग उसके पास निकल आए। और अपने अपने पापों को मानकर यरदन नदी में उस से बपतिस्मा लिया।
- Romans 10:3 रोमियों 10:3क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- Psalm 51:4 भजन संहिता 51:4मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
- Revelation 16:5 प्रकाशितवाक्य 16:5और मैं ने पानी के स्वर्गदूत को यह कहते सुना, कि हे पवित्रा, जो है, और जो था, तू न्यायी है और तू ने यह न्याय किया।
- Revelation 15:3 प्रकाशितवाक्य 15:3और वे परमेश्वर के दास मूसा का गीत, और मेम्ने का गीत गा गाकर कहते थे, कि हे र्स्वशक्तिमान प्रभु परमेश्वर, तेरे कारर्य बड़े, और अद्भुत हैं, हे युग युग के राजा, तेरी चाल ठीक और सच्ची है।
- Acts 18:25 प्रेरितों के काम 18:25उस ने प्रभु के मार्ग की शिक्षा पाई थी, और मन लगाकर यीशु के विषय में ठीक ठीक सुनाता, और सिखाता था, परन्तु वह केवल यूहन्ना के बपतिस्मा की बात जानता था।
- Matthew 21:31–32 मत्ती 21:31–32इन दोनों में से किस ने पिता की इच्छा पूरी की? उन्हों ने कहा, पहिले ने: यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि महसूल लेनेवाले और वेश्या तुम से पहिले परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करते हैं। क्योंकि यूहन्ना धर्म के मार्ग से तुम्हारे पास आया, और तुम ने उस की प्रतीति न की: पर महसूल लेनेवालों और वेश्याओं ने उस की प्रतीति की: और तुम यह देखकर पीछे भी न पछताए कि उस की प्रतीति कर लेते।।
- Acts 19:3 प्रेरितों के काम 19:3उस ने उन से कहा; तो फिर तुम ने किस का बपतिस्मा लिया? उन्हों ने कहा; यूहन्ना का बपतिस्मा।
- Judges 1:7 न्यायियों 1:7तब अदोनीबेजेक ने कहा, हाथ पांव के अंगूठे काटे हुए सत्तर राजा मेरी मेज के नीचे टुकड़े बीनते थे; जैसा मैं ने किया था, वैसा ही बदला परमेश्वर ने मुझे दिया है। तब वे उसे यरूशलेम को ले गए और वहां वह मर गया।।
- Romans 3:4–6 रोमियों 3:4–6कदापि नहीं, बरन परमेश्वर सच्चा और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे, जैसा लिखा है, कि जिस से तू अपनी बातों में धर्मी ठहरे और न्याय करते समय तू जय पाए। सो यदि हमारा अधर्म परमेश्वर की धार्मिकता ठहरा देता है, तो हम क्या कहें? क्या यह कि परमेश्वर जो क्रोध करता है अन्यायी है? (यह तो मैं मनुष्य की रीति पर कहता हूं)। कदापि नहीं, नहीं तो परमेश्वर क्योंकर जगत का न्याय करेगा?