Luke · chapter 7 · verse 47
Luke 7:47 in Hindi
इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
Isaliye maim tujh se kahataa hoom; ki is ke paap jo bahut the, kshamaa hue, kyonki is ne bahut prem kiyaa; par jis kaa thodaa kshamaa huaa hai, vah thodaa prem karataa hai.
Luke 7:47 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore I say unto thee, Her sins, which are many, are forgiven; for she loved much: but to whom little is forgiven, [the same] loveth little.
- World English Bible (WEB)
- Therefore I tell you, her sins, which are many, are forgiven, for she loved much. But one to whom little is forgiven, loves little.”
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore I say unto thee, Her sins, which are many, are forgiven; for she loved much: but to whom little is forgiven, [the same] loveth little.
- Bible in Basic English (BBE)
- And so I say to you, She will have forgiveness for her sins which are great in number, because of her great love: but he who has small need of forgiveness gives little love.
- Darby Translation (DBY)
- For which cause I say to thee, Her many sins are forgiven; for she loved much; but he to whom little is forgiven loves little.
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore I say to thee, Her sins, which are many, are forgiven; for she loved much: but to whom little is forgiven, [the same] loveth little.
- Young's Literal Translation (YLT)
- therefore I say to thee, her many sins have been forgiven, because she did love much; but to whom little is forgiven, little he doth love.'
Read in context
- 45तू ने मुझे चूमा न दिया, पर जब से मैं आया हूं तब से इस ने मेरे पांवों का चूमना न छोड़ा।
- 46तू ने मेरे सिर पर तेल नहीं मला; पर इस ने मेरे पांवों पर इत्रा मला है।
- 47इसलिये मैं तुझ से कहता हूं; कि इस के पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इस ने बहुत प्रेम किया; पर जिस का थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।
- 48और उस ने स्त्री से कहा, तेरे पाप क्षमा हुए।
- 49तब जो लोग उसके साथ भोजन करने बैठे थे, वे अपने अपने मन में सोचने लगे, यह कौन है जो पापों को भी क्षमा करता है?
Cross references
- 1 John 4:19 1 यूहन्ना 4:19हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया।
- 1 John 3:18 1 यूहन्ना 3:18हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- Galatians 5:6 गलातियों 5:6और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारहित कुछ काम का है, परन्तु केवल विश्वास का जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है।
- Isaiah 1:18 यशायाह 1:18यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।
- Romans 5:20 रोमियों 5:20और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
- John 21:15–17 यूहन्ना 21:15–17भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा। उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर। उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- Ephesians 6:24 इफिसियों 6:24जो हमारे प्रभु यीशु मसीह से सच्चा प्रेम रखते हैं, उन सब पर अनुग्रह होता रहे।।
- Isaiah 55:7 यशायाह 55:7दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
- 1 Corinthians 6:9–11 1 कुरिन्थियों 6:9–11क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूत्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरूषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अन्धेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे। और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्रा हुए और धर्मी ठहरे।।
- Luke 5:20–21 लूका 5:20–21उस ने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए। तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्दा करता है? परमेश्वर का छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है?
- Acts 5:31 प्रेरितों के काम 5:31उसी को परमेश्वर ने प्रभु और उद्धारक ठहराकर, अपने दहिने हाथ से सर्वोच्च कर दिया, कि वह इस्त्राएलियों को मन फिराव की शक्ति और पापों की क्षमा प्रदान करे।
- 1 John 5:3 1 यूहन्ना 5:3और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं।