Matthew · chapter 13 · verse 11
Matthew 13:11 in Hindi
उस ने उत्तर दिया, कि तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन को नहीं।
Us ne uttar diyaa, ki tum ko svarg ke raajy ke bhedom kee samajh dee gaee hai, par un ko naheen.
Matthew 13:11 in English
- King James Version (KJV)
- He answered and said unto them, Because it is given unto you to know the mysteries of the kingdom of heaven, but to them it is not given.
- World English Bible (WEB)
- He answered them, “To you it is given to know the mysteries of the Kingdom of Heaven, but it is not given to them.
- American Standard Version (ASV)
- And he answered and said unto them, Unto you it is given to know the mysteries of the kingdom of heaven, but to them it is not given.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them in answer, To you is given the knowledge of the secrets of the kingdom of heaven, but to them it is not given.
- Darby Translation (DBY)
- And he answering said to them, Because to you it is given to know the mysteries of the kingdom of the heavens, but to them it is not given;
- Webster's Bible (WBS)
- He answered and said to them, Because it is given to you to know the mysteries of the kingdom of heaven, but to them it is not given.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he answering said to them that — 'To you it hath been given to know the secrets of the reign of the heavens, and to these it hath not been given,
Read in context
- 9जिस के कान हों वह सुन ले।।
- 10और चेलों ने पास आकर उस से कहा, तू उन से दृष्टान्तों में क्यों बातें करता है?
- 11उस ने उत्तर दिया, कि तुम को स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन को नहीं।
- 12क्योंकि जिस के पास है, उसे दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा; पर जिस के पास कुछ नहीं है, उस से जो कुछ उसके पास है, वह भी ले लिया जाएगा।
- 13मैं उन से दृष्टान्तों में इसलिये बातें करता हूं, कि वे देखते हुए नहीं देखते; और सुनते हुए नहीं सुनते; और नहीं समझते।
Cross references
- 1 Corinthians 2:9–10 1 कुरिन्थियों 2:9–10परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ी वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखनेवालों के लिये तैयार की हैं। परन्तु परमेश्वर ने उन को अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, बरन परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जांचता है।
- 1 Corinthians 2:14 1 कुरिन्थियों 2:14परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।
- Matthew 19:11 मत्ती 19:11उस ने उन से कहा, सब यह वचन ग्रहण नहीं कर सकते, केवल वे जिन को यह दान दिया गया है।
- James 1:5 याकूब 1:5पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी।
- 1 John 2:27 1 यूहन्ना 2:27और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो।
- 1 John 2:20 1 यूहन्ना 2:20और तुम्हारा तो उस पवित्रा से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो।
- Colossians 1:26–27 कुलुस्सियों 1:26–27अर्थात् उस भेद को समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्रा लोगों पर प्रगट हुआ है। जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
- Ephesians 5:32 इफिसियों 5:32यह भेद तो बड़ा है; पर मैं मसीह और कलीसिया के विषय में कहता हूं।
- Ephesians 1:9 इफिसियों 1:9कि उस ने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
- James 1:16–18 याकूब 1:16–18हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।।
- John 6:65 यूहन्ना 6:65और उस ने कहा, इसी लिये मैं ने तुम से कहा था कि जब तक किसी को पिता की ओर यह बरदान न दिया जाए तक तक वह मेरे पास नहीं आ सकता।
- Isaiah 35:8 यशायाह 35:8और वहां एक सड़क अर्थात् राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्रा मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।