Luke · chapter 9 · verse 12
Luke 9:12 in Hindi
जब दिन ढलने लगा, तो बारहों ने आकर उससे कहा, भीड़ को विदा कर, कि चारों ओर के गावों और बस्तियों में जाकर टिकें, और भोजन का उपाय करें, क्योंकि हम यहां सुनसान जगह में हैं।
Jab din dhalane lagaa, to baarahom ne aakar usase kahaa, bheed ko vidaa kar, ki chaarom or ke gaavom aur bastiyom mem jaakar tikem, aur bhojan kaa upaay karem, kyonki ham yahaam sunasaan jagah mem hain.
Luke 9:12 in English
- King James Version (KJV)
- And when the day began to wear away, then came the twelve, and said unto him, Send the multitude away, that they may go into the towns and country round about, and lodge, and get victuals: for we are here in a desert place.
- World English Bible (WEB)
- The day began to wear away; and the twelve came and said to him, “Send the multitude away, that they may go into the surrounding villages and farms and lodge and get food, for we are here in a deserted place.”
- American Standard Version (ASV)
- And the day began to wear away; and the twelve came, and said unto him, Send the multitude away, that they may go into the villages and country round about, and lodge, and get provisions: for we are here in a desert place.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the day went on; and the twelve came to him and said, Send these people away so that they may go into the towns and the country round about and get resting-places and food for themselves, for we are in a waste place.
- Darby Translation (DBY)
- But the day began to decline, and the twelve came and said to him, Send away the crowd that they may go into the villages around, and [into] the fields, and lodge and find victuals, for here we are in a desert place.
- Webster's Bible (WBS)
- And when the day began to decline, then came the twelve, and said to him, Send the multitude away, that they may go into the towns and country around, and lodge, and get victuals: for we are here in a desert place.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the day began to decline, and the twelve having come near, said to him, 'Let away the multitude, that having gone to the villages and the fields round about, they may lodge and may find provision, because here we are in a desert place.'
Read in context
- 10फिर प्रेरितों ने लौटकर जो कुछ उन्हों ने किया था, उस को बता दिया, और वह उन्हें अलग करके बैतसैदा नाम एक नगर को ले गया।
- 11यह जानकर भीड़ उसके पीछे हो ली: और वह आनन्द के साथ उन से मिला, और उन से परमेश्वर के राज्य की बातें करने लगा: और जो चंगे होना चाहते थे, उन्हें चंगा किया।
- 12जब दिन ढलने लगा, तो बारहों ने आकर उससे कहा, भीड़ को विदा कर, कि चारों ओर के गावों और बस्तियों में जाकर टिकें, और भोजन का उपाय करें, क्योंकि हम यहां सुनसान जगह में हैं।
- 13उस ने उन से कहा, तुम ही उन्हें खाने को दो: उन्हों ने कहा, हमारे पास पांच रोटियां और दो मछली को छोड़ और कुछ नहीं: परन्तु हां, यदि हम जाकर इन सब लोगों के लिये भोजन मोल लें, तो हो सकता है: वे लोग तो पांच हजार पुरूषों के लगभग थे।
- 14जब उस ने अपने चेलों से कहा, उन्हें पचास पचास करके पांति में बैठा दो।
Cross references
- John 6:1 यूहन्ना 6:1इन बातों के बाद यीशु गलील की झील अर्थात् तिबिरियास की झील के पास गया।
- Hosea 13:5 होशे 13:5मैं ने उस समय तुझ पर मन लगाया जब तू जंगल में वरन अत्यन्त सूखे देश में था।
- Matthew 15:23 मत्ती 15:23पर उस ने उसे कुछ उत्तर न दिया, और उसके चेलों ने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती आती है।
- Psalm 78:19–20 भजन संहिता 78:19–20वे परमेश्वर के विरूद्ध बोले, और कहने लगे, क्या ईश्वर जंगल में मेज लगा सकता है? उस ने चट्टान पर मारके जल बहा तो दिया, और धाराएं उमण्ड़ चली, परन्तु क्या वह रोटी भी दे सकता है? क्या वह अपनी प्रजा के लिये मांस भी तैयार कर सकता?
- Mark 6:35–44 मरकुस 6:35–44जब दिन बहुत ढल गया, तो उसके चेले उसके पास आकर कहने लगे; यह सुनसान जगह है, और दिन बहुत ढल गया है। उन्हें विदा कर, कि चारों ओर के गांवों और बस्तियों में जाकर, अपने लिये कुछ खाने को मोल लें। उस ने उन्हें उत्तर दिया; कि तुम ही उन्हें खाने को दो: उनहों ने उस से कहा; क्या हम सौ दीनार की रोटियां मोल लें, और उन्हें खिलाएं? उस ने उन से कहा; जाकर देखो तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्हों ने मालूम करके कहा; पांच और दो मछली भी। तब उस ने उन्हें आज्ञा दी, कि सब को हरी घास पर पांति पांति से बैठा दो। वे सौ सौ और पचास पचास करके पांति पांति बैठ गए। और उस ने उन पांच रोटियों को और दो मछलियों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियां तोड़ तोड़ कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछलियां भी उन सब में बांट दीं। और सब खाकर तृप्त हो गए। और उन्हों ने टुकडों से बारह टोकरियां भर कर उठाई, और कुछ मछलियों से भी। जिन्हों ने रोटियां खाई, वे पांच हजार पुरूष थे।।
- John 6:5–15 यूहन्ना 6:5–15तब यीशु ने अपनी आंखे उठाकर एक बड़ी भीड़ को अपने पास आते देखा, और फिलिप्पुस से कहा, कि हम इन के भोजन के लिये कहां से रोटी मोल लाएं? परन्तु उस ने यह बात उसे परखने के लिये कही; क्योंकि वह आप जानता था कि मैं क्या करूंगा। फिलिप्पुस ने उस को उत्तर दिया, कि दो सौ दीनार की रोटी उन के लिये पूरी भी न होंगी कि उन में से हर एक को थोड़ी थोड़ी मिल जाए। उसके चेलों में से शमौन पतरस के भाई अन्द्रियास ने उस से कहा। यहां एक लड़का है जिस के पास जव की पांच रोटी और दो मछलियां हैं परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं। यीशु ने कहा, कि लोगों को बैठा दो। उस जगह बहुत घास थी: तब वे लोग जो गिनती में लगभग पांच हजार के थे, बैठ गए: तब यीशु ने रोटियां लीं, और धन्यवाद करके बैठनेवालों को बांट दी: और वैसे ही मछलियों में से जितनी वे चाहते थे बांट दिया। जब वे खाकर तृप्त हो गए तो उस ने अपने चेलों से कहा, कि बचे हुए टुकड़े बटोर लो, कि कुछ फेंका न जाए। सो उन्हों ने बटोरा, और जव की पांच रोटियों के टुकड़े जो खानेवालों से बच रहे थे उन की बारह टोकरियां भरीं। तब जो आश्चर्य कर्म उस ने कर दिखाया उसे वे लोग देखकर कहने लगे; कि वह भविष्यद्वक्ता जो जगत में आनेवाला था निश्चय यही है। यीशु यह जानकर कि वे मुझे राजा बनाने के लिये आकर पकड़ना चाहते हैं, फिर पहाड़ पर अकेला चला गया।
- Matthew 14:15–21 मत्ती 14:15–21जब सांझ हुई, तो उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा; यह तो सुनसान जगह है और देर हो रही है, लोगों को विदा किया जाए कि वे बस्तियों में जाकर अपने लिये भोजन मोल लें। यीशु ने उन से कहा उन का जाना आवश्यक नहीं! तुम ही इन्हें खाने को दो। उन्हों ने उस से कहा; यहां हमारे पास पांच रोटी और दो मछलियों को छोड़ और कुछ नहीं है। उस ने कहा, उन को यहां मेरे पास ले आओ। तब उस ने लोगों को घास पर बैठने को कहा, और उन पांच रोटियों और दो मछलियों को लिया; और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियां तोड़ तोड़कर चेलों को दीं, और चेलों ने लोगों को। और सब खाकर तृप्त हो गए, और उन्हों ने बचे हुए टुकड़ों से भरी हुई बारह टोकरियां उठाई। और खानेवाले स्त्रियों और बालकों को छोड़कर पांच हजार पुरूषों के अटकल थे।।
- Matthew 15:32 मत्ती 15:32यीशु ने अपने चेलों को बुलाकर कहा, मुझे इस भीड़ पर तरस आता है; क्योंकि वे तीन दिन से मेरे साथ हैं और उन के पास कुछ खाने को नहींं; और मैं उन्हें भूखा विदा करना नहीं चाहता; कहीं ऐसा न हो कि मार्ग में थककर रह जाएं।
- Ezekiel 34:25 यहेजकेल 34:25मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बान्धूंगा, और दुष्ट जन्तुओं को देश में न रहने दूंगा; सो वे जंगल में निडर रहेंगे, और वन में सोएंगे।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- when · G756ἄρχομαι árchomai
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- began · G756ἄρχομαι árchomai
- away · G2827κλίνω klínō
- then · G1161δέ dé
- came · G4334προσέρχομαι prosérchomai
- twelve · G1427δώδεκα dṓdeka
- said · G2036ἔπω épō
- him · G846αὐτός autós
- Send · G630ἀπολύω apolýō
- multitude · G3793ὄχλος óchlos
- away · G630ἀπολύω apolýō
- that · G2443ἵνα hína
- go · G565ἀπέρχομαι apérchomai
- into · G1519εἰς eis
- towns · G2968κώμη kṓmē
- and · G2532καί kaí
- country · G68ἀγρός agrós
- about · G2945κύκλῳ kýklōi
- lodge · G2647καταλύω katalýō
- and · G2532καί kaí
- get · G2147εὑρίσκω heurískō
- victuals · G1979ἐπισιτισμός episitismós
- for · G3754ὅτι hóti
- are · G2070ἐσμέν esmén
- here · G5602ὧδε hōde
- in · G1722ἐν en
- desert · G2048ἔρημος érēmos
- place · G5117τόπος tópos