Malachi · chapter 2 · verse 13
Malachi 2:13 in Hindi
फिर तुम ने यह दूसरा काम किया है कि तुम ने यहोवा की वेदी को रोनेवालों और आहें भरनेवालों के आंसुओं से भिगो दिया है, यहां तक कि वह तुम्हारी भेंट की ओर दृष्टि तक नहीं करता, और न प्रसन्न होकर उसको तुम्हारे हाथ से ग्रहण करता है। तुम पूछते हो, ऐसा क्यों?
Phir tum ne yah doosaraa kaam kiyaa hai ki tum ne yahovaa kee vedee ko ronevaalom aur aahem bharanevaalom ke aansuom se bhigo diyaa hai, yahaam tak ki vah tumhaaree bhent kee or drushti tak naheem karataa, aur na prasann hokar usako tumhaare haath se grahan karataa hai. Tum poochhate ho, aisaa kyom?
Malachi 2:13 in English
- King James Version (KJV)
- And this have ye done again, covering the altar of the LORD with tears, with weeping, and with crying out, insomuch that he regardeth not the offering any more, or receiveth [it] with good will at your hand.
- World English Bible (WEB)
- “This again you do: you cover the LORD’s altar with tears, with weeping, and with sighing, because he doesn’t regard the offering any more, neither receives it with good will at your hand.
- American Standard Version (ASV)
- And this again ye do: ye cover the altar of Jehovah with tears, with weeping, and with sighing, insomuch that he regardeth not the offering any more, neither receiveth it with good will at your hand.
- Bible in Basic English (BBE)
- And this again you do: covering the altar of the Lord with weeping and with grief, so that he gives no more thought to the offering, and does not take it with pleasure from your hand.
- Darby Translation (DBY)
- And further ye do this: ye cover the altar of Jehovah with tears, with weeping, and with sighing, insomuch that he regardeth not the oblation any more, nor receiveth [it] with satisfaction at your hand.
- Webster's Bible (WBS)
- And this have ye done again, covering the altar of the LORD with tears, with weeping, and with crying out, insomuch that he regardeth not the offering any more, or receiveth [it] with good will at your hand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this a second time ye do, Covering with tears the altar of Jehovah, With weeping and groaning, Because there is no more turning unto the present, Or receiving of a pleasing thing from your hand.
Read in context
- 11यहूदा ने विश्वासघात किया है, और इस्राएल में और यरूशलेम में घृणित काम किया गया है; क्योंकि यहूदा ने बिराने देवता की कन्या से विवाह करके यहोवा के पवित्रा स्थान को जो उसका प्रिय है, अपवित्रा किया है।
- 12जो पुरूष ऐसा काम करे, उसके तम्बुओं में से याकूब का परमेश्वर उसके घर के रक्षक और सेनाओं के यहोवा की भेंट चढ़ानेवाले को यहूदा से काट डालेगा!
- 13फिर तुम ने यह दूसरा काम किया है कि तुम ने यहोवा की वेदी को रोनेवालों और आहें भरनेवालों के आंसुओं से भिगो दिया है, यहां तक कि वह तुम्हारी भेंट की ओर दृष्टि तक नहीं करता, और न प्रसन्न होकर उसको तुम्हारे हाथ से ग्रहण करता है। तुम पूछते हो, ऐसा क्यों?
- 14इसलिये, क्योंकि यहोवा तेरे और तेरी उस जवानी की संगिनी और ब्याही हुई स्त्री के बीच साक्षी हुआ था जिस का तू ने विश्वासघात किया है।
- 15क्या उस ने एक ही को नहीं बनाया जब कि और आत्माएं उसके पास थीं? ओर एक ही को क्यों बनाया? इसलिये कि वह परमेश्वर के योग्य सन्तान चाहता है। इसलिये तुम अपनी आत्मा के विषय में चौकस रहो, और तुम में से कोई अपनेी जवानी की स्त्री से विश्वासघात न करे।
Cross references
- Isaiah 1:11–15 यशायाह 1:11–15यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं; मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो? व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं। जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Jeremiah 14:12 यिर्मयाह 14:12चाहे वे उपवास भी करें, तौभी मैं इनकी दुहाई न सुनूंगा, और चाहे वे होमबलि और अन्नबलि चढ़ाएं, तौभी मैं उन से प्रसन्न न होऊंगा; मैं तलवार, महंगी और मरी के द्वारा इनका अन्त कर डालूंगा।
- Psalm 78:34–37 भजन संहिता 78:34–37जब जब वह उन्हे घात करने लगता, तब तब वे उसको पूछते थे; और फिरकर ईश्वर को यत्न से खोजते थे। और उनको स्मरण होता था कि परमेश्वर हमारी चट्टान है, और परमप्रधान ईश्वर हमारा छुड़ानेवाला है। तौभी उन्हों ने उस से चापलूसी की; वे उस से झूठ बोले। क्योंकि उनका ह्यदय उसकी ओर दृढ़ न था; न वे उसकी वाचा के विषय सच्चे थे।
- Deuteronomy 15:9 व्यवस्थाविवरण 15:9सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर करके उसे कुछ न दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।
- 1 Samuel 1:9–10 1 शमूएल 1:9–10तब शीलो में खाने और पीने के बाद हन्ना उठी। और यहोवा के मन्दिर के चौखट के एक अलंग के पास एली याजक कुर्सी पर बैठा हुआ था। और यह मन में व्याकुल होकर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी।
- Ecclesiastes 4:1 सभोपदेशक 4:1तब मैं ने वह सब अन्धेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अन्धेर सहनेवालों के आंसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अन्धेरे करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।
- Nehemiah 8:9–12 नहेमायाह 8:9–12तब नहेमायाह जो अधिपति था, और एज्रा जो याजक और शास्त्री था, और जो लेवीय लोगों को समझा रहे थे, उन्हों ने सब लोगों से कहा, आज का दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के लिये पवित्रा है; इसलिये विलाप न करो और न रोओ। क्योंकि सब लोग व्यवस्था के वचन सुनकर रोते रहे। फिर उस ने उन से कहा, कि जाकर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्रा है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। यों लेवियों ने सब लोगों को यह कहकर चुप करा दिया, कि चुप रहो क्योंकि आज का दिन पवित्रा है; और उदास मत रहो। तब सब लोग खाने, पीने, बैना भेजने और बड़ा आनन्द मनाने को चले गए, क्योंकि जो वचन उनको समझाए गए थे, उन्हें वे समझ गए थे।
- Deuteronomy 26:14 व्यवस्थाविवरण 26:14उन वस्तुओं में से मैं ने शोक के समय नहीं खाया, और न उन में से कोई वस्तु अशुद्धता की दशा में घर से निकाली, और न कुछ शोक करनेवालों को दिया; मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा की सुन ली, मैं ने तेरी सब आज्ञाओं के अनुसार किया है।
- Jeremiah 6:20 यिर्मयाह 6:20मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।
- 2 Samuel 13:19–20 2 शमूएल 13:19–20तब तामार ने अपने सिर पर राख डाली, और अपनी रंगबिरंगी कुत को फाढ़ डाला; और सिर पर हाथ रखे चिल्लाती हुई चली गई। उसके भाई अबशालोम ने उस से पूछा, क्या तेरा भाई अम्नोन तेरे साथ रहा है? परन्तु अब, हे मेरी बहिन, चुप रह, वह तो तेरा भाई है; इस बात की चिन्ता न कर। तब तामार अपने भाई अबशालोम के घर में मन मारे बैठी रही।
- Proverbs 15:8 नीतिवचन 15:8दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा धृणा करता है, परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है।
- Proverbs 21:27 नीतिवचन 21:27दुष्टों का बलिदान घृणित लगता है; विशेष करके जब वह महापाप के निमित्त चढ़ाता है।
Original words (Hebrew)
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- again · H8145שֵׁנִי shênîy
- covering · H3680כָּסָה kâçâh
- altar · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- tears · H1832דִּמְעָה dimʻâh
- weeping · H1065בְּכִי Bᵉkîy
- out · H603אֲנָקָה ʼănâqâh
- regardeth · H6437פָּנָה pânâh
- offering · H4503מִנְחָה minchâh
- receiveth · H3947לָקַח lâqach
- will · H7522רָצוֹן râtsôwn
- hand · H3027יָד yâd