Mark · chapter 10 · verse 17
Mark 10:17 in Hindi
और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा? हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्यां करूं?
Aur jab vah nikalakar maarg mem jaataa thaa, to ek manushy usake paas daudataa huaa aayaa, aur usake aage ghutane tekakar us se poochhaa? He uttam guroo, anant jeevan kaa adhikaaree hone ke liye maim kyaam karoom?
Mark 10:17 in English
- King James Version (KJV)
- And when he was gone forth into the way, there came one running, and kneeled to him, and asked him, Good Master, what shall I do that I may inherit eternal life?
- World English Bible (WEB)
- As he was going out into the way, one ran to him, knelt before him, and asked him, “Good Teacher, what shall I do that I may inherit eternal life?”
- American Standard Version (ASV)
- And as he was going forth into the way, there ran one to him, and kneeled to him, and asked him, Good Teacher, what shall I do that I may inherit eternal life?
- Bible in Basic English (BBE)
- And while he was going out into the way, a man came running to him, and went down on his knees, saying, Good Master, what have I to do so that I may have eternal life?
- Darby Translation (DBY)
- And as he went forth into the way, a person ran up to [him], and kneeling to him asked him, Good Teacher, what shall I do that I may inherit eternal life?
- Webster's Bible (WBS)
- And when he had gone forth into the way, there came one running, and kneeled to him, and asked him, Good Master, what shall I do that I may inherit eternal life?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And as he is going forth into the way, one having run and having kneeled to him, was questioning him, 'Good teacher, what may I do, that life age-during I may inherit?'
Read in context
- 15मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो कोई परमेश्वर के राज्य को बालक की नाई ग्रहण न करे, वह उस में कभी प्रवेश करने न पाएगा।
- 16और उस ने उन्हें गोद में लिया, और उन पर हाथ रखकर उन्हें आशीष दी।।
- 17और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा? हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्यां करूं?
- 18यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात् परमेश्वर।
- 19तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।
Cross references
- Matthew 19:16–30 मत्ती 19:16–30और देखो, एक मनुष्य ने पास आकर उस से कहा, हे गुरू; मैं कौन सा भला काम करूं, कि अनन्त जीवन पाऊं? उस ने उस से कहा, तू मुझ से भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर। उस ने उस से कहा, कौन सी आज्ञाएं? यीशु ने कहा, यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना। अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना। उस जवान ने उस से कहा, इन सब को तो मैं ने माना है अब मुझ में किस बात की घटी है? यीशु ने उस से कहा, यदि तू सिद्ध होना चाहता है; तो जा, अपना माल बेचकर कंगालों को दे; और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा; और आकर मेरे पीछे हो ले। परन्तु वह जवान यह बात सुन उदास होकर चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था।। तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है। फिर तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है। यह सुनकर, चेलों ने बहुत चकित होकर कहा, फिर किस का उद्धार हो सकता है? यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है। इस पर पतरस ने उस से कहा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़ के तेरे पीछे हो लिये हैं: तो हमें क्या मिलेगा? यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि नई उत्पत्ति से जब मनुष्य का पुत्रा अपनी महिमा के सिहांसन पर बैठेगा, तो तुम भी जो मेरे पीछे हो लिये हो, बारह सिंहासनों पर बैठकर इस्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करोगे। और जिस किसी ने घरों या भाइयों या बहिनों या पिता या माता या लड़केबालों या खेतों को मेरे नाम के लिये छोड़ दिया है, उस को सौ गुना मिलेगा: और वह अनन्त जीवन का अधिकारी होगा। परन्तु बहुतेरे जो पहिले हैं, पिछले होंगे; और जो पिछले हैं, पहिले होंगे।।
- Luke 18:18–30 लूका 18:18–30किसी सरदार ने उस से पूछा, हे उत्तम गुरू, अनन्तजीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? यीशु ने उस से कहा; तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक, अर्थात् परमेश्वर। तू आज्ञाओं को तो जानता है, कि व्यभिचार न करना, झूठी गवाही न देना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। उस ने कहा, मैं तो इन सब को लड़कपन ही से मानता आया हूं। यह सुन, यीशु ने उस से कहा, तुझ में अब भी एक बात की घटी है, अपना सब कुछ बेचकर कंगालों को बांट दे; और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। वह यह सुनकर बहुत उदास हुआ, क्योंकि वह बड़ा धनी था। यीशु ने उसे देखकर कहा; धनवानों का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है? परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है। और सुननेवालों ने कहा, तो फिर किस का उद्धार हो सकता है? उस ने कहा; जो मनुष्य से नहीं हो सकता, वह परमेश्वर से हो सकता है। पतरस ने कहा; देख, हम तो घर बार छोड़कर तेरे पीछे हो लिये हैं। उस ने उन से कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं जिस ने परमेश्वर के राज्य के लिये घर या पत्नी या भाइयों या माता पिता या लड़के- बालों को छोड़ दिया हो। और इस समय कई गुणा अधिक न पाए; और परलोक में अनन्त जीवन।।
- Romans 2:7 रोमियों 2:7जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा।
- John 6:27–28 यूहन्ना 6:27–28नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्रा तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात् परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। उन्हों ने उस से कहा, परमेश्वर के कारर्य करने के लिये हम क्या करें?
- Luke 10:25 लूका 10:25और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं?
- Romans 10:2–4 रोमियों 10:2–4क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं। क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए। क्योंकि हर एक विश्वास करनेवाले के लिये धार्मिकता के निमित्त मसीह व्यवस्था का अन्त है।
- Acts 20:32 प्रेरितों के काम 20:32और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, ओश्र सब पवित्रों में साझी करके मीरास दे सकता है।
- Acts 2:37 प्रेरितों के काम 2:37तब सुननेवालों के हृदय छिद गए, और वे पतरस और शेष प्रेरितों से पूछने लगे, कि हे भाइयो, हम क्या करें?
- Acts 16:30 प्रेरितों के काम 16:30और उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहिबो, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूं?
- Matthew 25:34 मत्ती 25:34तब राजा अपनी दहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है।
- John 6:40 यूहन्ना 6:40क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्रा को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।
- Matthew 17:14 मत्ती 17:14जब वे भीड़ के पास पहुंचे, तो एक मनुष्य उसके पास आया, और घुटने टेककर कहने लगा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- when · G1607ἐκπορεύομαι ekporeúomai
- he · G846αὐτός autós
- forth · G1607ἐκπορεύομαι ekporeúomai
- into · G1519εἰς eis
- way · G3598ὁδός hodós
- came · G4370προστρέχω prostréchō
- one · G1520εἷς heîs
- running · G4370προστρέχω prostréchō
- and · G2532καί kaí
- kneeled · G1120γονυπετέω gonypetéō
- him · G846αὐτός autós
- asked · G1905ἐπερωτάω eperōtáō
- him · G846αὐτός autós
- Good · G18ἀγαθός agathós
- Master · G1320διδάσκαλος didáskalos
- what · G5101τίς tís
- do · G4160ποιέω poiéō
- that · G2443ἵνα hína
- inherit · G2816κληρονομέω klēronoméō
- eternal · G166αἰώνιος aiṓnios
- life · G2222ζωή zōḗ