Luke · chapter 10 · verse 25
Luke 10:25 in Hindi
और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं?
Aur dekho, ek vyavasthaapak uthaa; aur yah kahakar, us kee pareekshaa karane lagaa; ki he guroo, anant jeevan kaa vaaris hone ke liye maim kyaa karoom?
Luke 10:25 in English
- King James Version (KJV)
- And, behold, a certain lawyer stood up, and tempted him, saying, Master, what shall I do to inherit eternal life?
- World English Bible (WEB)
- Behold, a certain lawyer stood up and tested him, saying, “Teacher, what shall I do to inherit eternal life?”
- American Standard Version (ASV)
- And behold, a certain lawyer stood up and made trial of him, saying, Teacher, what shall I do to inherit eternal life?
- Bible in Basic English (BBE)
- And a certain teacher of the law got up and put him to the test, saying, Master, what have I to do so that I may have eternal life?
- Darby Translation (DBY)
- And behold, a certain lawyer stood up tempting him, and saying, Teacher, having done what, shall I inherit life eternal?
- Webster's Bible (WBS)
- And behold, a certain lawyer stood up, and tempted him, saying, Master, what shall I do to inherit eternal life?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And lo, a certain lawyer stood up, trying him, and saying, 'Teacher, what having done, life age-during shall I inherit?'
Read in context
- 23और चेलों की ओर फिरकर निराले में कहा, धन्य हैं वे आंखे, जो ये बाते जो तुम देखते हो देखती हैं।
- 24क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं और राजाओं ने चाहा, कि जो बातें तुम देखते हो देखें; पर न देखीं और जो बातें तुम सुनते हो सुनें, पर न सुनीं।।
- 25और देखो, एक व्यवस्थापक उठा; और यह कहकर, उस की परीक्षा करने लगा; कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं?
- 26उस ने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्या लिखा है? तू कैसे पढ़ता है?
- 27उस ने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
Cross references
- Matthew 22:34–39 मत्ती 22:34–39जब फरीसियों ने सुना, कि उस ने सदूकियों का मुंह बन्द कर दिया; तो वे इकट्ठे हुए। और उन में से एक व्यवस्थापक ने परखने के लिये, उस से पूछा। हे गुरू; व्यवस्था में कौन सी आज्ञा बड़ी है? उस ने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
- Luke 18:18 लूका 18:18किसी सरदार ने उस से पूछा, हे उत्तम गुरू, अनन्तजीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं?
- Acts 16:30–31 प्रेरितों के काम 16:30–31और उन्हें बाहर लाकर कहा, हे साहिबो, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूं? उन्हों ने कहा, प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।
- Matthew 19:16–19 मत्ती 19:16–19और देखो, एक मनुष्य ने पास आकर उस से कहा, हे गुरू; मैं कौन सा भला काम करूं, कि अनन्त जीवन पाऊं? उस ने उस से कहा, तू मुझ से भलाई के विषय में क्यों पूछता है? भला तो एक ही है; पर यदि तू जीवन में प्रवेश करना चाहता है, तो आज्ञाओं को माना कर। उस ने उस से कहा, कौन सी आज्ञाएं? यीशु ने कहा, यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना। अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना।
- Galatians 3:18 गलातियों 3:18क्योंकि यदि मीरास व्यवस्था से मिली है, तो फिर प्रतिज्ञा से नहीं, परन्तु परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा के द्वारा दे दी है।
- Luke 11:45–46 लूका 11:45–46तब एक व्यवस्थापक ने उस को उत्तर दिया, कि हे गुरू, इन बातों के कहने से तू हमारी निन्दा करता है। उस ने कहा; हे व्यवस्थापकों, तुम पर भी हाय! तुम ऐसे बोझ जिन को उठाना कठिन है, मनुष्यों पर लादते हो परन्तु तुम आप उन बोझों को अपनी एक उंगली से भी नहीं छूते।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- behold · G2400ἰδού idoú
- certain · G5100τὶς tìs
- lawyer · G3544νομικός nomikós
- up · G450ἀνίστημι anístēmi
- and · G2532καί kaí
- tempted · G1598ἐκπειράζω ekpeirázō
- him · G846αὐτός autós
- saying · G3004λέγω légō
- Master · G1320διδάσκαλος didáskalos
- what · G5101τίς tís
- do · G4160ποιέω poiéō
- inherit · G2816κληρονομέω klēronoméō
- eternal · G166αἰώνιος aiṓnios
- life · G2222ζωή zōḗ