Mark · chapter 13 · verse 15
Mark 13:15 in Hindi
सो कोठे पर हो, वह अपने घर से कुछ लेने को नीचे न उतरे और न भीतर जाए।
So kothe par ho, vah apane ghar se kuchh lene ko neeche na utare aur na bheetar jaae.
Mark 13:15 in English
- King James Version (KJV)
- And let him that is on the housetop not go down into the house, neither enter [therein], to take any thing out of his house:
- World English Bible (WEB)
- and let him who is on the housetop not go down, nor enter in, to take anything out of his house.
- American Standard Version (ASV)
- and let him that is on the housetop not go down, nor enter in, to take anything out of his house:
- Bible in Basic English (BBE)
- And let him who is on the house-top not go down, or go in, to take anything out of his house:
- Darby Translation (DBY)
- and him that is upon the housetop not come down into the house, nor enter [into it] to take away anything out of his house;
- Webster's Bible (WBS)
- And let him that is on the house-top not go down into the house, neither enter [it] , to take any thing out of his house:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he upon the house-top, let him not come down to the house, nor come in to take anything out of his house;
Read in context
- 13और मेरे नाम के कारण सब लोग तुम से बैर करेंगे; पर जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा।।
- 14सो जब तुम उस उजाड़नेवाली घृणित वस्तु को जहां उचित नहीं वहां खड़ी देखो, (पढ़नेवाला समझ ले) तब जो यहूदिया में हों, वे पहाड़ों पर भाग जाएं।
- 15सो कोठे पर हो, वह अपने घर से कुछ लेने को नीचे न उतरे और न भीतर जाए।
- 16और जो खेत में हो, वह अपना कपड़ा लेने के लिये पीछे न लौटे।
- 17उन दिनों में जो गर्भवती और दूध पिलाती होंगी, उन के लिये हाय हाय!
Cross references
- Luke 17:31–33 लूका 17:31–33उस दिन जो कोठे पर हो; और उसका सामान घर में हो, वह उसे लेने को न उतरे, और वैसे ही जो खेत में हो वह पीछे न लौटे। लूत की पत्नी को स्मरण रखो। जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे वह उसे खोएगा, और जो कोई उसे खोए वह उसे जीवित रखेगा।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Philippians 3:7–8 फिलिप्पियों 3:7–8परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। बरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
- Genesis 19:15–17 उत्पत्ति 19:15–17जब पह फटने लगी, तब दूतों ने लूत से फुर्ती कराई और कहा, कि उठ, अपनी पत्नी और दोनो बेटियों को जो यहां हैं ले जा: नहीं तो तू भी इस नगर के अधर्म में भस्म हो जाएगा। पर वह विलम्ब करता रहा, इस से उन पुरूषों ने उसका और उसकी पत्नी, और दोनों बेटियों को हाथ पकड़ लिया; क्योंकि यहोवा की दया उस पर थी: और उसको निकालकर नगर के बाहर कर दिया। और ऐसा हुआ कि जब उन्हों ने उनको बाहर निकाला, तब उस ने कहा अपना प्राण लेकर भाग जा; पीछे की और न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा।
- Acts 27:18–19 प्रेरितों के काम 27:18–19और जब हम ने आंधी से बहुत हिचकोले और धक्के खाए, तो दूसरे दिन वे जहाज का माल फेंकने लगे। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया। और तीसरे दिन उन्हों ने अपने हाथों से जहाज का सामान फेंक दिया।
- Genesis 19:22 उत्पत्ति 19:22फुर्ती से वहां भाग जा; क्योंकि जब तक तू वहां न पहुचे तब तक मैं कुछ न कर सकूंगा। इसी कारण उस नगर का नाम सोअर पड़ा।
- Matthew 24:16–18 मत्ती 24:16–18तब जो यहूदिया में हों वे पहाड़ों पर भाग जाएं। जो को ठे पर हों, वह अपने घर में से सामान लेने को न उतरे। और जो खेत में हों, वह अपना कपड़ा लेने को पीछे न लौटे।
- Acts 27:38 प्रेरितों के काम 27:38जब वे भोजन करके तृप्त हुए, तो गेंहू को समुद्र में फेंक कर जहाज हल्का करने लगे।
- Proverbs 6:4–5 नीतिवचन 6:4–5तू ने तो अपनी आखों में नींद, और न अपनी पलकों में झपकी आने दे; और अपने आप को हरिणी के समान शिकारी के हाथ से, और चिड़िया के समान चिड़िमार के हाथ से छुड़ा।।
- Job 2:4 अय्यूब 2:4शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, खाल के बदले खाल, परन्तु प्राण के बदले मनुष्य अपना सब कुछ दे देता है।
- Genesis 19:26 उत्पत्ति 19:26लूत की पत्नी ने जो उसके पीछे थी दृष्टि फेर के पीछे की ओर देखा, और वह नमक का खम्भा बन गई।
- Proverbs 22:3 नीतिवचन 22:3चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं।