Romans · chapter 11 · verse 28
Romans 11:28 in Hindi
वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बापदादों के प्यारे हैं।
Ve susamaachaar ke bhaav se to tumhaare bairee haim, parantu chun liye jaane ke bhaav se baapadaadom ke pyaare hain.
Romans 11:28 in English
- King James Version (KJV)
- As concerning the gospel, [they are] enemies for your sakes: but as touching the election, [they are] beloved for the fathers’ sakes.
- World English Bible (WEB)
- Concerning the Good News, they are enemies for your sake. But concerning the election, they are beloved for the fathers’ sake.
- American Standard Version (ASV)
- As touching the gospel, they are enemies for your sake: but as touching the election, they are beloved for the fathers’ sake.
- Bible in Basic English (BBE)
- As far as the good news is in question, they are cut off from God on account of you, but as far as the selection is in question, they are loved on account of the fathers.
- Darby Translation (DBY)
- As regards the glad tidings, [they are] enemies on your account; but as regards election, beloved on account of the fathers.
- Webster's Bible (WBS)
- As concerning the gospel, [they are] enemies for your sakes: but as concerning the election, [they are] beloved for the father's sakes.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As regards, indeed, the good tidings, [they are] enemies on your account; and as regards the choice — beloved on account of the fathers;
Read in context
- 26और इस रीति से सारा इस्त्राएल उद्धार पाएगा; जैसा लिखा है, कि छुड़ानेवाला सिरयोन से आएगा, और अभक्ति को याकूब से दूर करेगा।
- 27और उन के साथ मेरी यही वाचा होगी, जब कि मैं उन के पापों को दूर कर दूंगा।
- 28वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बापदादों के प्यारे हैं।
- 29क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।
- 30क्योंकि जैसे तुम ने पहिले परमेश्वर की आज्ञा न मानी परन्तु अभी उन के आज्ञा न मानने से तुम पर दया हुई।
Cross references
- Deuteronomy 10:15 व्यवस्थाविवरण 10:15तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।
- Deuteronomy 7:7–8 व्यवस्थाविवरण 7:7–8यहोवा ने जो तुम से स्नेह करके तुम को चुन लिया, इसका कारण यह नहीं था कि तुम गिनती में और सब देशों के लोगों से अधिक थे, किन्तु तुम तो सब देशों के लोगों से गिनती में थोड़े थे; यहोवा ने जो तुम को बलवन्त हाथ के द्वारा दासत्व के घर में से, और मि के राजा फिरौन के हाथ से छुड़ाकर निकाल लाया, इसका यही करण है कि वह तुम से प्रेम रखता है, और उस शपथ को भी पूरी करना चाहता है जो उस ने तुम्हारे पूर्वजों से खाई थी।
- Romans 9:5 रोमियों 9:5पुरखे भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।
- Matthew 21:43 मत्ती 21:43यह प्रभु की ओर से हुआ, और हमारे देखते में अद्भुत है, इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर का राज्य तुम से ले लिया जाएगा; और ऐसी जाति को जो उसका फल लाए, दिया जाएगा।
- Romans 11:7 रोमियों 11:7सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।
- Romans 11:11 रोमियों 11:11सो मैं कहता हूं क्या उन्हों ने इसलिये ठोकर खाई, कि गिर पड़ें? कदापि नहीं: परन्तु उन के गिरने के कारण अन्यजानियों को उद्धार मिला, कि उन्हें जलन हो।
- Luke 1:68–75 लूका 1:68–75कि प्रभु इस्राएल का परमेश्वर धन्य हो, कि उस ने अपने लोगों पर दृष्टि की और उन का छुटकारा किया है। ओर अपने सेवक दाऊद के घराने में हमारे लिये एक उद्धार का सींग निकाला। जैसे उस ने अपने पवित्रा भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा जो जगत के आदि से होते आए हैं, कहा था। अर्थात् हमारे शत्रुओं से, और हमारे सब बैरियों के हाथ से हमारा उद्धार किया है। कि हमारे बाप- दादों पर दया करके अपनी पवित्रा वाचा का स्मरण करे। और वह शपथ जो उस ने हमारे पिता इब्राहीम से खाई थी। कि वह हमें यह देगा, कि हम अपने शत्रुओं के हाथ से छुटकर। उसके साम्हने पवित्राता और धार्मिकता से जीवन भर निडर रहकर उस की सेवा करते रहें।
- Acts 13:45–46 प्रेरितों के काम 13:45–46परन्तु यहूदी भीड़ को देखकर डाह से भर गए, और निन्दा करते हुए पौलुस की बातों के विरोध में बोलने लगे। तब पोलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहिले तुम्हें सुनाया जाता: परन्तु जब कि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो देखो, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।
- Jeremiah 31:3 यिर्मयाह 31:3यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है।
- 1 Thessalonians 2:15–16 1 थिस्सलुनीकियों 2:15–16जिन्हों ने प्रभु यीशु को और भविष्यद्वक्ताओं को भी मार डाला और हम को सताया, और परमेश्वर उन से प्रसन्न नहीं; और वे सब मनुष्यों को विरोध करते हैं। और वे अन्यजातियों से उन के उद्धार के लिये बातें करने से हमें रोकते हैं, कि सदा अपने पापों का नपुआ भरते रहें; पर उन पर भयानक प्रकोप आ पहुंचा है।।
- Micah 7:20 मीका 7:20तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से लेकर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।।
- Deuteronomy 9:5 व्यवस्थाविवरण 9:5तू जो उनके देश का अधिकारी होने के लिये जा रहा है, इसका कारण तेरा धर्म वा मन की सीधाई नहीं है; तेरा परमेश्वर यहोवा जो उन जातियों को तेरे साम्हने से निकालता है, उसका कारण उनकी दुष्टता है, और यह भी कि जो वचन उस ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को शपथ खाकर दिया था, उसको वह पूरा करना चाहता है।
Original words (Greek)
- concerning · G2596κατά katá
- gospel · G2098εὐαγγέλιον euangélion
- enemies · G2190ἐχθρός echthrós
- for · G1223διά diá
- your · G5209ὑμᾶς hymâs
- sakes · G1223διά diá
- but · G1161δέ dé
- touching · G2596κατά katá
- election · G1589ἐκλογή eklogḗ
- beloved · G27ἀγαπητός agapētós
- for · G1223διά diá
- fathers’ · G3962πατήρ patḗr
- sakes · G1223διά diá