Mark · chapter 14 · verse 25
Mark 14:25 in Hindi
मैं तुम से सच कहता हूं, कि दाख का रस उस दिन तक फिर कभी न पीऊंगा, जब तक परमेश्वर के राज्य में नया न पीऊं।।
Maim tum se sach kahataa hoom, ki daakh kaa ras us din tak phir kabhee na peeoongaa, jab tak parameshvar ke raajy mem nayaa na peeoon..
Mark 14:25 in English
- King James Version (KJV)
- Verily I say unto you, I will drink no more of the fruit of the vine, until that day that I drink it new in the kingdom of God.
- World English Bible (WEB)
- Most certainly I tell you, I will no more drink of the fruit of the vine until that day when I drink it anew in God’s Kingdom.”
- American Standard Version (ASV)
- Verily I say unto you, I shall no more drink of the fruit of the vine, until that day when I drink it new in the kingdom of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly I say to you, I will take no more of the fruit of the vine till the day when I take it new in the kingdom of God.
- Darby Translation (DBY)
- Verily I say to you, I will no more drink at all of the fruit of the vine, until that day when I drink it new in the kingdom of God.
- Webster's Bible (WBS)
- Verily I say to you, I will drink no more of the fruit of the vine, until that day that I drink it new in the kingdom of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- verily I say to you, that no more may I drink of the produce of the vine till that day when I may drink it new in the reign of God.'
Read in context
- 23फिर उस ने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और उन्हें दिया; और उन सब ने उस में से पीया।
- 24और उस ने उन से कहा, यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहुतों के लिये बहाया जाता है।
- 25मैं तुम से सच कहता हूं, कि दाख का रस उस दिन तक फिर कभी न पीऊंगा, जब तक परमेश्वर के राज्य में नया न पीऊं।।
- 26फिर वे भजन गाकर बाहर जैतून के पहाड़ पर गए।।
- 27तब यीशु ने उन से कहा; तुम सब ठोकर खाओगे, क्योंकि लिखा है, कि मैं रखवाले को मारूंगा, और भेड़ तित्तर बित्तर हो जाएंगी।
Cross references
- Matthew 26:29 मत्ती 26:29मैं तुम से कहता हूं, कि दाख का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊंगा, जब तक तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊं।।
- Psalm 104:15 भजन संहिता 104:15और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
- Joel 3:18 योएल 3:18और उस समय पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और टीलों से दूध बहने लगेगा, और यहूदा देश के सब नाले जल से भर जाएंगे; और यहोवा के भवन में से एक सोता फूट निकलेगा, जिस से शित्तीम का नाम नाला सींचा जाएगा।।
- Luke 22:29–30 लूका 22:29–30और जैसे मेरे पिता ने मेरे लिये एक राज्य ठहराया है, वैसे ही मैं भी तुम्हारे लिये ठहराता हूं, ताकि तुम मेरे राज्य में मेरी मेज पर खाओ- पिओ; बरन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्याय करो।
- Amos 9:13–14 आमोस 9:13–14यहोवा की यह भी वाणी है, देखो, ऐसे दिन आते हैं, कि हल जोतनेवाला लवनेवाले को और दाख रौंदनेवाला बीच बोनेवाले को जा लेगा; और पहाड़ों से नया दाखमधु टपकने लगेगा, और सब पहाड़ियों से बह निकलेगा। मैं अपनी प्रजा इस्राएल के बंधुओं को फेर ले आऊंगा, और वे उजड़े हुए नगरों को सुधारकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर दाखमधु पीएंगे, और बगीचे लगाकर उनके फल खाएंगे।
- Zechariah 9:17 जकर्याह 9:17उसका क्या ही कुशल, और क्या ही शोभा उसकी होगी! उसके जवान लोग अन्न खाकर, और कुमारियां नया दाखमधु पीकर हृष्टपुष्ट हो जाएंगी।।
- Luke 22:16–18 लूका 22:16–18क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि जब तक वह परमेश्वर के राज्य में पूरा न हो तब तक मैं उसे कभी न खाऊंगा। तब उस ने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और कहा, इस को लो और आपस में बांट लो। क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि जब तक परमेश्वर का राज्य न आए तब तक मैं दाख रस अब से कभी न पीऊंगा।