Psalms · chapter 104 · verse 15
Psalm 104:15 in Hindi
और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
Aur daakhamadhu jis se manushy kaa man aanandit hotaa hai, aur tel jis se usakaa mukh chamakataa hai, aur ann jis se vah sambhal jaataa hai.
Psalm 104:15 in English
- King James Version (KJV)
- And wine [that] maketh glad the heart of man, [and] oil to make [his] face to shine, and bread [which] strengtheneth man’s heart.
- World English Bible (WEB)
- wine that makes the heart of man glad, oil to make his face to shine, and bread that strengthens man’s heart.
- American Standard Version (ASV)
- And wine that maketh glad the heart of man, [And] oil to make his face to shine, And bread that strengtheneth man’s heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- And wine to make glad the heart of man, and oil to make his face shining, and bread giving strength to his heart.
- Darby Translation (DBY)
- And wine which gladdeneth the heart of man; making [his] face shine with oil; and with bread he strengtheneth man's heart.
- Webster's Bible (WBS)
- And wine [that] maketh glad the heart of man, [and] oil to make [his] face to shine, and bread [which] strengtheneth man's heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And wine — it rejoiceth the heart of man, To cause the face to shine from oil, And bread — the heart of man it supporteth.
Read in context
- 13तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है।।
- 14तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है,
- 15और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
- 16यहोवा के वृक्ष तृप्त रहते हैं, अर्थात् लबानोन के देवदार जो उसी के लगाए हुए हैं।
- 17उन में चिड़ियां अपने घोंसले बनाती हैं; लगलग का बसेरा सनौवर के वृक्षों में होता है।
Cross references
- Psalm 23:5 भजन संहिता 23:5तू मेरे सतानेवालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है।
- Ecclesiastes 9:7 सभोपदेशक 9:7अपने मार्ग पर चला जा, अपनी रोटी आनन्द से खाया कर, और मन में सुख मानकर अपना दाखमधु पिया कर; क्योंकि परमेश्वर तेरे कामों से प्रसन्न हो चुका है।।
- Ecclesiastes 10:19 सभोपदेशक 10:19भोज हंसी खुशी के लिये किया जाता है, और दाखमधु से जीवन को आनन्द मिलता है; और रूपयों से सब कुछ प्राप्त होता है।
- Judges 9:13 न्यायियों 9:13दाखलता ने उन से कहा, क्या मैं अपने नये मधु को छोड़, जिस से परमेश्वर और मनुष्य दोनों को आनन्द होता है, वृक्षों की अधिकारिणी होकर इधर उधर डोलने को चलूं?
- Jeremiah 31:12 यिर्मयाह 31:12इसलिये वे सिय्योन की चोटी पर आकर जयजयकार करेंगे, और यहोवा से अनाज, नया दाखमधु, टटका तेल, भेड़-बकरियां और गाय-बैलों के बच्चे आदि उत्तम उत्तम दान पाने के लिये तांता बान्ध कर चलेंगे; और उनका प्राण सींची हुई बारी के समान होगा, और वे फिर कभी उदास न होंगे।
- Psalm 92:10 भजन संहिता 92:10परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली सांढ़ का सा ऊंचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूं।
- Ephesians 5:18 इफिसियों 5:18और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।
- Hebrews 1:9 इब्रानियों 1:9तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्षरूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।
- Zechariah 9:15–17 जकर्याह 9:15–17सेनाओं का यहोवा ढाल से उन्हें बचाएगा, और वे अपने शत्रुओं का नाश करेंगे, और उनके गोफन के पत्थरों पर पांव धरेंगे; और वे पीकर ऐसा कोलाहल करेंगे जैसा लोग दाखमधु पीकर करते हैं; और वे कटोरे की नाईं वा वेदी के कोने की नाईं भरे जाएगें।। उस समय उनका परमेश्वर यहोवा उनको अपनी प्रजारूपी भेड़- बकरियां जानकर उनका उद्धार करेगा; और वे मुकुटमणि ठहरके, उसकी भूमि से बहुत ऊंचे पर चमकते रहेंगे। उसका क्या ही कुशल, और क्या ही शोभा उसकी होगी! उसके जवान लोग अन्न खाकर, और कुमारियां नया दाखमधु पीकर हृष्टपुष्ट हो जाएंगी।।
- Ezekiel 4:16 यहेजकेल 4:16फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, देख, मैं यरूशलेम में अन्नरूपी आधार को दूर करूंगा; सो वहां के लोग तौल तोलकर और चिन्ता कर करके रोटी खाया करेंगे; और माप मापकर और विस्मित हो होकर पानी पिया करेंगे।
- Judges 9:9 न्यायियों 9:9तब जलपाई के वृक्ष ने कहा, क्या मैं अपनी उस चिकनाहट को छोड़कर, जिस से लोग परमेश्वर और मनुष्य दोनों का आदर मान करते हैं, वृक्षों का अधिकारी होकर इधर उधर डोलने को चलूं?
- 1 John 2:20 1 यूहन्ना 2:20और तुम्हारा तो उस पवित्रा से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो।