Mark · chapter 15 · verse 29
Mark 15:29 in Hindi
और मार्ग में जानेवाले सिर हिला हिलाकर और यह कहकर उस की निन्दा करते थे, कि वाह! मन्दिर के ढानेवाले, और तीन दिन में बनानेवाले! क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले।
Aur maarg mem jaanevaale sir hilaa hilaakar aur yah kahakar us kee nindaa karate the, ki vaah! Mandir ke dhaanevaale, aur teen din mem banaanevaale! Kroos par se utar kar apane aap ko bachaa le.
Mark 15:29 in English
- King James Version (KJV)
- And they that passed by railed on him, wagging their heads, and saying, Ah, thou that destroyest the temple, and buildest [it] in three days,
- World English Bible (WEB)
- Those who passed by blasphemed him, wagging their heads and saying, “Ha! You who destroy the temple and build it in three days,
- American Standard Version (ASV)
- And they that passed by railed on him, wagging their heads, and saying, Ha! thou that destroyest the temple, and buildest it in three days,
- Bible in Basic English (BBE)
- And those who went by made sport of him, shaking their heads, and saying, Ha! you who give the Temple to destruction, and put it up again in three days,
- Darby Translation (DBY)
- And they that passed by reviled him, shaking their heads, and saying, Aha, thou that destroyest the temple and buildest it in three days,
- Webster's Bible (WBS)
- And they that passed by, railed on him, wagging their heads, and saying, Ah, thou that destroyest the temple, and buildest [it] in three days,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And those passing by were speaking evil of him, shaking their heads, and saying, 'Ah, the thrower down of the sanctuary, and in three days the builder!
Read in context
- 27और उन्हों ने उसके साथ दो डाकू, एक उस की दहिनी और एक उस की बाईं ओर क्रूस पर चढ़ाए।
- 28तब धर्मशास्त्रा का वह वचन कि वह अपराधियों के संग गिना गया पूरा हुआ।
- 29और मार्ग में जानेवाले सिर हिला हिलाकर और यह कहकर उस की निन्दा करते थे, कि वाह! मन्दिर के ढानेवाले, और तीन दिन में बनानेवाले! क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले।
- 30इसी रीति से महायाजक भी, शास्त्रियों समेत,
- 31आपस में ठट्ठे से कहते थे; कि इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता।
Cross references
- Psalm 109:25 भजन संहिता 109:25मेरी तो उन लोगों से नामधराई होती है; जब वे मुझे देखते, तब सिर हिलाते हैं।।
- Mark 14:58 मरकुस 14:58कि हम ने इसे यह कहते सुना है कि मैं इस हाथ के बनाए हुए मन्दिर को ढ़ा दूंगा, और तीन दिन में दूसरा बनाऊंगा, जो हाथ से न बना हो।
- Lamentations 2:15 विलापगीत 2:15सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कहकर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परमसुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे?
- John 2:18–22 यूहन्ना 2:18–22इस पर यहूदियों ने उस से कहा, तू जो यह करता है तो हमें कौन सा चिन्ह दिखाता हे? यीशु ने उन को उत्तर दिया; कि इस मन्दिर को ढा दो, और मैं उसे तीन दिन में खड़ा कर दूंगा। यहूदियों ने कहा; इस मन्दिर के बनाने में छियालीस वर्ष लगे हें, और क्या तू उसे तीन दिन में खड़ा कर देगा? परन्तु उस ने अपनी देह के मन्दिर के विषय में कहा था। सो जब वह मुर्दों में से जी उठा तो उसके चेलों को स्मरण आया, कि उस ने यह कहा था; और उन्हों ने पवित्रा शास्त्रा और उस वचन की जो यीशु ने कहा था, प्रतीति की।।
- Lamentations 1:12 विलापगीत 1:12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?
- Matthew 26:61 मत्ती 26:61अन्त में दो जनों ने आकर कहा, कि उस ने कहा है; कि मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूं और उसे तीन दिन में बना सकता हूं।
- Psalm 35:15–21 भजन संहिता 35:15–21परन्तु जब मैं लंगड़ाने लगा तब वे लोग आनन्दित होकर इकट्ठे हुए, नीच लोग और जिन्हें मैं जानता भी न था वे मेरे विरूद्व इकट्ठे हुए; वे मुझे लगातार फाड़ते रहे; उन पाखण्डी भांड़ों की नाई जो पेट के लिये उपहास करते हैं, वे भी मुझ पर दांत पीसते हैं।। हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्हों ने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिहों से मेरे प्राण को बचा ले! मैं बड़ी सभा में तेरा धन्यवाद करूंगा; बहुतेरे लोगों के बीच में तेरी स्तुति करूंगा।। मेरे झूठ बोलनेवाले शत्रु मेरे विरूद्व आनन्द न करने पाएं, जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे आपस में नैन से सैन न करने पांए। क्योंकि वे मेल की बातें नहीं बोलते, परन्तु देश में जो चुपचाप रहते हैं, उनके विरूद्व छल की कल्पनाएं करते हैं। और उन्हों ने मेरे विरूद्व मुंह पसारके कहा; आहा, आहा, हम ने अपनी आंखों से देखा है!
- Psalm 69:19–20 भजन संहिता 69:19–20मेरी नामधराई और लज्जा और अनादर को तू जानता है: मेरे सब द्रोही तेरे साम्हने हैं। मेरा हृदय नामधराई के कारण फट गया, और मैं बहुत उदास हूं। मैं ने किसी तरस खानेवाले की आशा तो की, परन्तु किसी को न पाया, और शान्ति देनेवाले ढूंढ़ता तो रहा, परन्तु कोई न मिला।
- Matthew 27:39–40 मत्ती 27:39–40और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे। और यह कहते थे, कि हे मन्दिर के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो क्रूस पर से उतर आ।
- Genesis 37:19–20 उत्पत्ति 37:19–20और वे आपस में कहने लगे, देखो, वह स्वप्न देखनेहारा आ रहा है। सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया। फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा।
- Psalm 22:12–14 भजन संहिता 22:12–14बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है। वह फाड़ने और गरजनेवाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।। मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया।
- Psalm 22:7–8 भजन संहिता 22:7–8वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- that · G3588ὁ ho
- by · G3899παραπορεύομαι paraporeúomai
- on · G987βλασφημέω blasphēméō
- him · G846αὐτός autós
- wagging · G2795κινέω kinéō
- their · G846αὐτός autós
- heads · G2776κεφαλή kephalḗ
- and · G2532καί kaí
- saying · G3004λέγω légō
- Ah · G3758οὐά ouá
- that · G3588ὁ ho
- destroyest · G2647καταλύω katalýō
- temple · G3485ναός naós
- and · G2532καί kaí
- buildest · G3618οἰκοδομέω oikodoméō
- in · G1722ἐν en
- three · G5140τρεῖς treîs
- days · G2250ἡμέρα hēméra