Matthew · chapter 27 · verse 39
Matthew 27:39 in Hindi
और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे।
Aur aane jaane vaale sir hilaa hilaakar us kee nindaa karate the.
Matthew 27:39 in English
- King James Version (KJV)
- And they that passed by reviled him, wagging their heads,
- World English Bible (WEB)
- Those who passed by blasphemed him, wagging their heads
- American Standard Version (ASV)
- And they that passed by railed on him, wagging their heads,
- Bible in Basic English (BBE)
- And those who went by said bitter words to him, shaking their heads and saying,
- Darby Translation (DBY)
- But the passers-by reviled him, shaking their heads
- Webster's Bible (WBS)
- And they that passed by, reviled him, wagging their heads,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and those passing by were speaking evil of him, wagging their heads,
Read in context
- 37और उसका दोषपत्रा, उसके सिर के ऊपर लगाया, कि "यह यहूदियों का राजा यीशु है"।
- 38तब उसके साथ दो डाकू एक दहिने और एक बाएं क्रूसों पर चढ़ाए गए।
- 39और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे।
- 40और यह कहते थे, कि हे मन्दिर के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो क्रूस पर से उतर आ।
- 41इसी रीति से महायाजक भी शास्त्रियों और पुरनियों समेत ठट्ठा कर करके कहते थे, इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता।
Cross references
- Psalm 109:25 भजन संहिता 109:25मेरी तो उन लोगों से नामधराई होती है; जब वे मुझे देखते, तब सिर हिलाते हैं।।
- Lamentations 1:12 विलापगीत 1:12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?
- Mark 15:29–30 मरकुस 15:29–30और मार्ग में जानेवाले सिर हिला हिलाकर और यह कहकर उस की निन्दा करते थे, कि वाह! मन्दिर के ढानेवाले, और तीन दिन में बनानेवाले! क्रूस पर से उतर कर अपने आप को बचा ले। इसी रीति से महायाजक भी, शास्त्रियों समेत,
- Psalm 69:20 भजन संहिता 69:20मेरा हृदय नामधराई के कारण फट गया, और मैं बहुत उदास हूं। मैं ने किसी तरस खानेवाले की आशा तो की, परन्तु किसी को न पाया, और शान्ति देनेवाले ढूंढ़ता तो रहा, परन्तु कोई न मिला।
- Psalm 35:15–21 भजन संहिता 35:15–21परन्तु जब मैं लंगड़ाने लगा तब वे लोग आनन्दित होकर इकट्ठे हुए, नीच लोग और जिन्हें मैं जानता भी न था वे मेरे विरूद्व इकट्ठे हुए; वे मुझे लगातार फाड़ते रहे; उन पाखण्डी भांड़ों की नाई जो पेट के लिये उपहास करते हैं, वे भी मुझ पर दांत पीसते हैं।। हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्हों ने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिहों से मेरे प्राण को बचा ले! मैं बड़ी सभा में तेरा धन्यवाद करूंगा; बहुतेरे लोगों के बीच में तेरी स्तुति करूंगा।। मेरे झूठ बोलनेवाले शत्रु मेरे विरूद्व आनन्द न करने पाएं, जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे आपस में नैन से सैन न करने पांए। क्योंकि वे मेल की बातें नहीं बोलते, परन्तु देश में जो चुपचाप रहते हैं, उनके विरूद्व छल की कल्पनाएं करते हैं। और उन्हों ने मेरे विरूद्व मुंह पसारके कहा; आहा, आहा, हम ने अपनी आंखों से देखा है!
- Luke 23:35–39 लूका 23:35–39लोग खड़े खड़े देख रहे थे, और सरदार भी ठट्ठा कर करके कहते थे, कि इस ने औरों को बचाया, यदि यह परमेश्वर का मसीह है, और उसका चुना हुआ है, तो अपने आप को बचा ले। सिपाही भी पास आकर और सिरका देकर उसका ठट्ठा करके कहते थे। यदि तू यहूदियों का राजा है, तो अपने आप को बचा। और उसके ऊपर एक पत्रा भी लगा था, कि यह यहूदियों का राजा है। जो कुकर्मी लटकाए गए थे, उन में से एक ने उस की निन्दा करके कहा; क्या तू मसीह नहीं? तो फिर अपने आप को और हमें बचा।
- Job 16:4 अय्यूब 16:4जो तुम्हारी दशा मेरी सी होती, तो मैं भी तुम्हारी सी बातें कर सकता; मैं भी तुम्हारे विरूद्ध बातें जोड़ सकता, और तुम्हारे विरूद्ध सिर हिला सकता।
- Psalm 22:17 भजन संहिता 22:17मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं;
- 1 Peter 2:22–24 1 पतरस 2:22–24न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था। वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- Psalm 109:2 भजन संहिता 109:2क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं।
- Lamentations 2:15–17 विलापगीत 2:15–17सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कहकर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परमसुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे? तेरे सब शत्रुओं ने तुझ पर मुंह पसारा है, वे ताली बजाते और दांत पीसते हैं, वे कहते हैं, हम उसे निगल गए हैं! जिस दिन की बाट हम जोहते थे, वह यही है, वह हम को मिल गया, हम उसको देख चुके हैं! यहोवा ने जो कुछ ठाना था वही किया भी है, जो वचन वह प्राचीनकाल से कहता आया है वही उस ने पूरा भी किया है; उस ने निठुरता से तुझे ढा दिया है, उस ने शत्रुओं को तुझ पर आनन्दित किया, और तेरे द्रोहियों के सींग को ऊंचा किया हे।
- Psalm 22:6–7 भजन संहिता 22:6–7परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं,