Mark · chapter 3 · verse 1
Mark 3:1 in Hindi
और वह आराधनालय में फिर गया; और वहां एक मनुष्य था, जस का हाथ सूख गया था।
Aur vah aaraadhanaalay mem phir gayaa; aur vahaam ek manushy thaa, jas kaa haath sookh gayaa thaa.
Mark 3:1 in English
- King James Version (KJV)
- And he entered again into the synagogue; and there was a man there which had a withered hand.
- World English Bible (WEB)
- He entered again into the synagogue, and there was a man there whose hand was withered.
- American Standard Version (ASV)
- And he entered again into the synagogue; and there was a man there who had his hand withered.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he went again into the Synagogue; and there was a man there whose hand was dead.
- Darby Translation (DBY)
- And he entered again into the synagogue; and there was there a man having his hand dried up.
- Webster's Bible (WBS)
- And he entered again into the synagogue; and there was a man there who had a withered hand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he entered again into the synagogue, and there was there a man having the hand withered,
Read in context
- 1और वह आराधनालय में फिर गया; और वहां एक मनुष्य था, जस का हाथ सूख गया था।
- 2और वे उस पर दोष लगाने के लिये उस की घात में लगे हुए थे, कि देखें, वह सब्त के दिन में उसे चंगा करता है कि नहीं।
- 3उस ने सूखे हाथवाले मनुष्य से कहा; बीच में खड़ा हो।
Cross references
- Matthew 12:9–14 मत्ती 12:9–14वहां से चलकर वह उन की सभा के घर में आया। और देखो, एक मनुष्य था, जिस का हाथ सूखा हुआ था; और उन्हों ने उस पर दोष लगाने के लिेय उस से पूछा, कि क्या सब्त के दिन चंगा करना उचित है? उस ने उन से कहा; तुम में ऐसा कौन है, जिस की एक भेड़ हो, और वह सब्त के दिन गड़हे में गिर जाए, तो वह उसे पकड़कर न निकाले? भला, मनुष्य का मूल्य भेड़ से कितना बढ़ कर है; इसलिये सब्त के दिन भलाई करना उचित है: तब उस ने उस मनुष्य से कहा, अपना हाथ बढ़ा। उस ने बढ़ाया, और वह फिर दूसरे हाथ की नाई अच्छा हो गया। तब फरीसियों ने बाहर जाकर उसके विरोध में सम्मति की, कि उसे किस प्रकार नाश करें?
- Luke 6:6–11 लूका 6:6–11और ऐसा हुआ कि किसी और सब्त के दिन को वह आराधनालय में जाकर उपदेश करने लगा; और वहां एक मनुष्य था, जिस का दहिना हाथ सूखा था। शास्त्री और फरीसी उस पर दोष लगाने का अवसर पाने के लिये उस की ताक में थे, कि देखें कि वह सब्त के दिन चंगा करता है कि नहीं। परन्तु वह उन के विचार जानता था; इसलिये उसने सूखे हाथवाले मनुष्य से कहा; उठ, बीच में खड़ा हो: वह उठ खड़ा हुआ। यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से यह पूछता हूं कि सब्त के दिन क्या उचित है, भला करन या बुरा करना; प्राण को बचाना या नाश करना? और उस ने चारों ओर उन सभों को देखकर उस मनुष्य से कहा; अपना हाथ बढ़ा: उस ने ऐसा ही किया, और उसका हाथ फिर चंगा हो गया। परन्तु वे आपे से बाहर होकर आपस में विवाद करने लगे कि हम यीशु के साथ क्या करें?
- Mark 1:21 मरकुस 1:21और वे कफरनहूम में आए, और वह तुरन्त सब्त के दिन सभा के घर में जाकर उपदेश करने लगा।
- 1 Kings 13:4 1 राजा 13:4तब ऐसा हुआ कि परमेश्वर के जन का यह वचन सुनकर जो उस ने बेतेल के विरूद्ध पुकार कर कहा, यारोबाम ने वेदी के पास से हाथ बढ़ाकर कहा, उसको पाड़ लो: तब उसका हाथ जो उसकी ओर बढ़ाया गया था, सूख गया और वह उसे अपनी ओर खींच न सका।