Mark · chapter 7 · verse 27
Mark 7:27 in Hindi
उस ने उस से कहा, पहिले लड़कों को तृप्त होने दे, क्योंकि लड़कों को रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना उचित नहीं है।
Us ne us se kahaa, pahile ladakom ko trupt hone de, kyonki ladakom ko rotee lekar kuttom ke aage daalanaa uchit naheem hai.
Mark 7:27 in English
- King James Version (KJV)
- But Jesus said unto her, Let the children first be filled: for it is not meet to take the children’s bread, and to cast [it] unto the dogs.
- World English Bible (WEB)
- But Jesus said to her, “Let the children be filled first, for it is not appropriate to take the children’s bread and throw it to the dogs.”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto her, Let the children first be filled: for it is not meet to take the children’s bread and cast it to the dogs.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to her, Let the children first have their food: for it is not right to take the children's bread and give it to the dogs.
- Darby Translation (DBY)
- But [Jesus] said to her, Suffer the children to be first filled; for it is not right to take the children's bread and cast it to the dogs.
- Webster's Bible (WBS)
- But Jesus said to her, Let the children first be satisfied: for it is not meet to take the children's bread, and to cast [it] to the dogs.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus said to her, 'Suffer first the children to be filled, for it is not good to take the children's bread, and to cast [it] to the little dogs.'
Read in context
- 25और तुरन्त एक स्त्री जिस की छोटी बेटी में अशुद्ध आत्मा थी, उस की चर्चा सुन कर आई, और उसके पांवों पर गिरी।
- 26यह यूनानी और सूरूफिनीकी जाति की थी; और उस ने उस से बिनती की, कि मेरी बेटी में से दुष्टात्मा निकाल दे।
- 27उस ने उस से कहा, पहिले लड़कों को तृप्त होने दे, क्योंकि लड़कों को रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना उचित नहीं है।
- 28उस ने उस को उत्तर दिया; कि सच है प्रभु; तौभी कुत्ते भी तो मेज के नीचे बालकों की रोटी का चूर चार खा लेते हैं।
- 29उस ने उस सके कहा; इस बात के कारण चली जा; दुष्टात्मा तेरी बेटी में से निकल गई है।
Cross references
- Matthew 15:23–28 मत्ती 15:23–28पर उस ने उसे कुछ उत्तर न दिया, और उसके चेलों ने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती आती है। उस ने उत्तर दिया, कि इस्राएल के घराने की खोई हुई भेड़ों को छोड़ मैं किसी के पास नहीं भेजा गया। पर वह आई, और उसे प्रणाम करके कहने लगी; हे प्रभु, मेरी सहायता कर। उस ने उत्तर दिया, कि लड़कों की रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना अच्छा नहीं। उस ने कहा, सत्य है प्रभु; पर कुत्ते भी वह चूरचार खाते हैं, जो उन के स्वामियों की मेज से गिरते हैं। इस पर यीशु ने उस को उत्तर देकर कहा, कि हे स्त्री, तेरा विश्वास बड़ा है: जैसा तू चाहती है, तेरे लिये वैसा ही हो; और उस की बेटी उसी घड़ी चंगी हो गई।।
- Matthew 7:6 मत्ती 7:6मोंगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।
- Matthew 10:5 मत्ती 10:5इन बारहों को यीशु ने यह आज्ञा देकर भेजा कि अन्यजातियों की ओर न जाना, और सामरियों के किसी नगर में प्रवेश न करना।
- Ephesians 2:12 इफिसियों 2:12तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्त्राए की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे।
- Acts 22:21 प्रेरितों के काम 22:21और उस ने मुझ से कहा, चला जा: क्योंकि मैं तुझे अन्यजातियों के पास दूर दूर भेजूंगा।।
- Romans 15:8 रोमियों 15:8मैं कहता हूं, कि जो प्रतिज्ञाएं बापदादों को दी गई थीं, उन्हें दृढ़ करने के लिये मसीह, परमेश्वर की सच्चाई का प्रमाण देने के लिये खतना किए हुए लोगों का सेवक बना।