Matthew · chapter 11 · verse 19
Matthew 11:19 in Hindi
मनुष्य का पुत्रा खाता- पीता आया, और वे कहते हैं कि देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, महसूल लेनेवालों और पापियों का मित्रा; पर ज्ञान अपने कामों में सच्चा ठहराया गया है।
Manushy kaa putraa khaataa- peetaa aayaa, aur ve kahate haim ki dekho, petoo aur piyakkad manushy, mahasool lenevaalom aur paapiyom kaa mitraa; par jnyaan apane kaamom mem sachchaa thaharaayaa gayaa hai.
Matthew 11:19 in English
- King James Version (KJV)
- The Son of man came eating and drinking, and they say, Behold a man gluttonous, and a winebibber, a friend of publicans and sinners. But wisdom is justified of her children.
- World English Bible (WEB)
- The Son of Man came eating and drinking, and they say, ‘Behold, a gluttonous man and a drunkard, a friend of tax collectors and sinners!’ But wisdom is justified by her children.”
- American Standard Version (ASV)
- The Son of man came eating and drinking, and they say, Behold, a gluttonous man and a winebibber, a friend of publicans and sinners! And wisdom is justified by her works.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Son of man has come feasting, and they say, See, a lover of food and wine, a friend of tax-farmers and sinners! And wisdom is judged to be right by her works.
- Darby Translation (DBY)
- The Son of man has come eating and drinking, and they say, Behold, a man [that is] eating and wine-drinking, a friend of tax-gatherers, and of sinners: — and wisdom has been justified by her children.
- Webster's Bible (WBS)
- The Son of man came eating and drinking, and they say, Behold, a man gluttonous, and a wine-bibber, a friend of publicans and sinners. But wisdom is justified by her children.
- Young's Literal Translation (YLT)
- the Son of Man came eating and drinking, and they say, Lo, a man, a glutton, and a wine-drinker, a friend of tax-gatherers and sinners, and wisdom was justified of her children.'
Read in context
- 17कि हम ने तुम्हारे लिये बांसली बजाई, और तुम न नाचे; हम ने विलाप किया, और तुम ने छाती नहीं पीटी।
- 18क्योंकि यूहन्ना न खाता आया और न पीता, और वे कहते हैं कि उस में दुष्टात्मा है।
- 19मनुष्य का पुत्रा खाता- पीता आया, और वे कहते हैं कि देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, महसूल लेनेवालों और पापियों का मित्रा; पर ज्ञान अपने कामों में सच्चा ठहराया गया है।
- 20तब वह उन नगरों को उलाहना देने लगा, जिन में उस ने बहुतेरे सामर्थ के काम किए थे; क्योंकि उन्हों ने अपना मन नहीं फिराया था।
- 21हाय, खुराजीन; हाय, बैतसैदा; जो सामर्थ के काम तुम में किए गए, यदि वे सूर और सैदा में किए जाते, तो टाट ओढ़कर, और राख में बैठकर, वे कब से मन फिरा लेते।
Cross references
- Luke 7:34–36 लूका 7:34–36मनुष्य का पुत्रा खाता- पीता आया है; और तुम कहते हो, देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, चुंगी लेनेवालों का और पापियों का मित्रा। पर ज्ञान अपनी सब सन्तानों से सच्चा ठहराया गया है।। फिर किसी फरीसी ने उस से बिनती की, कि मेरे साथ भोजन कर; सो वह उस फरीसी के घर में जाकर भोजन करने बैठा।
- Matthew 9:10–11 मत्ती 9:10–11और जब वह घर में भोजन करने के लिये बैठा तो बहुतेरे महसूल लेनेवालों और पापी आकर यीशु और उसके चेलों के साथ खाने बैठे। यह देखकर फरीसियों ने उसके चेलों से कहा; तुम्हारा गुरू महसूल लेनेवालों और पापियों के साथ क्यों खाता है?
- Luke 15:1–2 लूका 15:1–2सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है॥
- Luke 19:7 लूका 19:7यह देखकर सब लोगे कुड़कुड़ाकर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है।
- Luke 5:29–30 लूका 5:29–30और लेवी ने अपने घर में उसके लिये बड़ी जवनार की; और चुंगी लेनेवालों की और औरों की जो उसके साथ भोजन करने बैठे थे एक बड़ी भीड़ थी। और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेनेवालों और पापियों के साथ क्यों खाते- पीते हो?
- Luke 14:1 लूका 14:1फिर वह सब्त के दिन फरीसियों के सरदारों में से किसी के घर में रोटी खाने गया: और वे उस की घात में थे।
- 1 Corinthians 1:24–29 1 कुरिन्थियों 1:24–29परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।। हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञानवालों को लज्जित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्जित करे। और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, बरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्ड न करने पाए।
- Luke 7:29 लूका 7:29और सब साधारण लोगों ने सुनकर और चुंगी लेनेवालों ने भी यूहन्ना का बपतिस्मा लेकर परमेश्वर को सच्चा मान लिया।
- Psalm 92:5–6 भजन संहिता 92:5–6हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े है! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर है! पशु समान मनुष्य इसको नहीं समझता, और मूर्ख इसका विचार नहीं करता:
- Proverbs 17:24 नीतिवचन 17:24बुद्धि समझनेवाले के साम्हने ही रहती है, परन्तु मूर्ख की आंखे पृथ्वी के दूर दूर देशों में लगी रहती है।
- John 12:2–8 यूहन्ना 12:2–8वहां उन्हों ने उसके लिये भोजन तैयार किया, और मरथा सेवा कर रही थी, और लाजर उन में से एक था, जो उसके साथ भोजन करने के लिये बैठे थे। तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमोल इत्रा लेकर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्रा की सुगंध से घर सुगन्धित हो गया। परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा। यह इत्रा तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को कयों न दिया गया? उस ने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था। यीशु ने कहा, उसे मेरे गाड़े जाने के दिन के लिये रहने दे। क्योंकि कंगाल तो तुम्हारे साथ सदा रहते हैं, परन्तु मैं तुम्हारे साथ सदा न रहूंगा।।
- John 2:2 यूहन्ना 2:2फिर तीसरे दिन गलील के काना में किसी का ब्याह था, और यीशु की माता भी वहां थी।