Matthew · chapter 12 · verse 32
Matthew 12:32 in Hindi
जो कोई मनुष्य के पुत्रा के विरोध में कोई बात कहेगा, उसका यह अपराध क्षमा किया जाएगा, परन्तु जो कोई पवित्राआत्मा के विरोध में कुछ कहेगा, उसका अपराध न तो इस लोक में और न परलोक में क्षमा किया जाएगा।
Jo koee manushy ke putraa ke virodh mem koee baat kahegaa, usakaa yah aparaadh kshamaa kiyaa jaaegaa, parantu jo koee pavitraaaatmaa ke virodh mem kuchh kahegaa, usakaa aparaadh na to is lok mem aur na paralok mem kshamaa kiyaa jaaegaa.
Matthew 12:32 in English
- King James Version (KJV)
- And whosoever speaketh a word against the Son of man, it shall be forgiven him: but whosoever speaketh against the Holy Ghost, it shall not be forgiven him, neither in this world, neither in the [world] to come.
- World English Bible (WEB)
- Whoever speaks a word against the Son of Man, it will be forgiven him; but whoever speaks against the Holy Spirit, it will not be forgiven him, either in this age, or in that which is to come.
- American Standard Version (ASV)
- And whosoever shall speak a word against the Son of man, it shall be forgiven him; but whosoever shall speak against the Holy Spirit, it shall not be forgiven him, neither in this world, nor in that which is to come.
- Bible in Basic English (BBE)
- And whoever says a word against the Son of man, will have forgiveness; but whoever says a word against the Holy Spirit, will not have forgiveness in this life or in that which is to come.
- Darby Translation (DBY)
- And whosoever shall have spoken a word against the Son of man, it shall be forgiven him; but whosoever shall speak against the Holy Spirit, it shall not be forgiven him, neither in this age nor in the coming [one].
- Webster's Bible (WBS)
- And whoever speaketh a word against the Son of man, it shall be forgiven him: but whoever speaketh against the Holy Spirit, it shall not be forgiven him, neither in this world, neither in the [world] to come.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And whoever may speak a word against the Son of Man it shall be forgiven to him, but whoever may speak against the Holy Spirit, it shall not be forgiven him, neither in this age, nor in that which is coming.
Read in context
- 30जो मेरे साथ नहीं, वह मेरे विरोध में है; और जो मेरे साथ नहीं बटोरता, वह बिथराता है।
- 31इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि मनुष्य का सब प्रकार का पाप और निन्दा क्षमा की जाएगी, पर आत्मा की निन्दा क्षमा न की जाएगी।
- 32जो कोई मनुष्य के पुत्रा के विरोध में कोई बात कहेगा, उसका यह अपराध क्षमा किया जाएगा, परन्तु जो कोई पवित्राआत्मा के विरोध में कुछ कहेगा, उसका अपराध न तो इस लोक में और न परलोक में क्षमा किया जाएगा।
- 33यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो; या पेड़ को निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है।
- 34हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है।
Cross references
- Mark 3:29 मरकुस 3:29परन्तु जो कोई पवित्रात्मा के विरूद्ध निन्दा करे, वह कभी भी क्षमा न किया जाएगा: वरन वह अनन्त पाप का अपराधी ठहरता है।
- Hebrews 10:26–29 इब्रानियों 10:26–29क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझकर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। हां, दण्ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्रा को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्रा ठहराया गया था, अपवित्रा जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया।
- Hebrews 6:4–6 इब्रानियों 6:4–6क्योंकि जिन्हों ने एक बार ज्योति पाई है, जो स्वर्गीय वरदान का स्वाद चख चुके हैं और पवित्रा आत्मा के भागी हो गए हैं। और परमेश्वर के उत्तम वचन का और आनेवाले युग की सामर्थों का स्वाद चख चुके हैं। यदि वे भटक जाएं; तो उन्हें मन फिराव के लिये फिर नया बनाना अन्होना है; क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं और प्रगट में। उस पर कलंक लगाते हैं।
- Matthew 12:31 मत्ती 12:31इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि मनुष्य का सब प्रकार का पाप और निन्दा क्षमा की जाएगी, पर आत्मा की निन्दा क्षमा न की जाएगी।
- Luke 12:10 लूका 12:10जो कोई मनुष्य के पुत्रा के विरोध में कोई बात कहे, उसका वह अपराध क्षमा किया जाएगा।
- 1 Timothy 1:13 1 तीमुथियुस 1:13मैं तो पहिले निन्दा करनेवाला, और सतानेवाला, और अन्धेर करनेवाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।
- John 7:39 यूहन्ना 7:39उस ने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करनेवाले पाने पर थे; क्योंकि आत्मा अब तक न उतरा था; क्योंकि यीशु अब तक अपनी महिमा को न पहुंचा था।
- Acts 3:19 प्रेरितों के काम 3:19इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।
- Titus 2:12 तीतुस 2:12और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- Ephesians 1:21 इफिसियों 1:21सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आनेवाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया।
- John 7:12 यूहन्ना 7:12और लोगों में उसके विषय चुपके चुपके बहुत सी बातें हुईं: कितने कहते थे; वह भला मनुष्य है: और कितने कहते थे; नहीं, वह लोगों को भरमाता है।
- Job 36:13 अय्यूब 36:13परन्तु वे जो मन ही मन भक्तिहीन होकर क्रोध बढ़ाते, और जब वह उनको बान्धता है, तब भी दोहाई नहीं देते,