Matthew · chapter 15 · verse 33
Matthew 15:33 in Hindi
चेलों ने उस से कहा, हमें जंगल में कहां से इतनी रोटी मिलेगी कि हम इतनी बड़ी भीड़ को तृप्त करें?
Chelom ne us se kahaa, hamem jangal mem kahaam se itanee rotee milegee ki ham itanee badee bheed ko trupt karem?
Matthew 15:33 in English
- King James Version (KJV)
- And his disciples say unto him, Whence should we have so much bread in the wilderness, as to fill so great a multitude?
- World English Bible (WEB)
- The disciples said to him, “Where could we get so many loaves in a deserted place as to satisfy so great a multitude?”
- American Standard Version (ASV)
- And the disciples say unto him, Whence should we have so many loaves in a desert place as to fill so great a multitude?
- Bible in Basic English (BBE)
- And the disciples say to him, How may we get enough bread in a waste place, to give food to such a number of people?
- Darby Translation (DBY)
- And his disciples say to him, Whence should we have so many loaves in [the] wilderness as to satisfy so great a crowd?
- Webster's Bible (WBS)
- And his disciples say to him, Whence should we have so much bread in the wilderness, as to satisfy so great a multitude?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And his disciples say to him, 'Whence to us, in a wilderness, so many loaves, as to fill so great a multitude?'
Read in context
- 31सो जब लोगों ने देखा, कि गूंगे बोलते और टुण्डे चंगे होते और लंगड़े चलते और अन्धे देखते हैं, तो अचम्भा करके इस्राएल के परमेश्वर की बड़ाई की।।
- 32यीशु ने अपने चेलों को बुलाकर कहा, मुझे इस भीड़ पर तरस आता है; क्योंकि वे तीन दिन से मेरे साथ हैं और उन के पास कुछ खाने को नहींं; और मैं उन्हें भूखा विदा करना नहीं चाहता; कहीं ऐसा न हो कि मार्ग में थककर रह जाएं।
- 33चेलों ने उस से कहा, हमें जंगल में कहां से इतनी रोटी मिलेगी कि हम इतनी बड़ी भीड़ को तृप्त करें?
- 34यीशु ने उन से पूछा, तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्हों ने कहा; सात और थोड़ी सी छोटी मछलियां।
- 35तब उस ने लोगों को भूमि पर बैठने की आज्ञा दी।
Cross references
- Mark 6:37 मरकुस 6:37उस ने उन्हें उत्तर दिया; कि तुम ही उन्हें खाने को दो: उनहों ने उस से कहा; क्या हम सौ दीनार की रोटियां मोल लें, और उन्हें खिलाएं?
- Luke 9:13 लूका 9:13उस ने उन से कहा, तुम ही उन्हें खाने को दो: उन्हों ने कहा, हमारे पास पांच रोटियां और दो मछली को छोड़ और कुछ नहीं: परन्तु हां, यदि हम जाकर इन सब लोगों के लिये भोजन मोल लें, तो हो सकता है: वे लोग तो पांच हजार पुरूषों के लगभग थे।
- John 6:5–9 यूहन्ना 6:5–9तब यीशु ने अपनी आंखे उठाकर एक बड़ी भीड़ को अपने पास आते देखा, और फिलिप्पुस से कहा, कि हम इन के भोजन के लिये कहां से रोटी मोल लाएं? परन्तु उस ने यह बात उसे परखने के लिये कही; क्योंकि वह आप जानता था कि मैं क्या करूंगा। फिलिप्पुस ने उस को उत्तर दिया, कि दो सौ दीनार की रोटी उन के लिये पूरी भी न होंगी कि उन में से हर एक को थोड़ी थोड़ी मिल जाए। उसके चेलों में से शमौन पतरस के भाई अन्द्रियास ने उस से कहा। यहां एक लड़का है जिस के पास जव की पांच रोटी और दो मछलियां हैं परन्तु इतने लोगों के लिये वे क्या हैं।
- Matthew 14:15 मत्ती 14:15जब सांझ हुई, तो उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा; यह तो सुनसान जगह है और देर हो रही है, लोगों को विदा किया जाए कि वे बस्तियों में जाकर अपने लिये भोजन मोल लें।
- Mark 8:4–5 मरकुस 8:4–5उसके चेलों ने उस को उत्तर दिया, कि यहां जंगल में इतनी रोटी कोई कहां से लाए कि ये तृप्त हों? उस ने उन से पूछा; तुम्हारे पास कितनी रोटियां हैं? उन्हों ने कहा, सात।
- 2 Kings 4:42–44 2 राजा 4:42–44और कोई पतुष्य बालशालीशा से, पहिले उपजे हुए जव की बीस रोटियां, और अपनी बोरी में हरी बालें परमेश्वर के भक्त के पास ले आया; तो एलीशा ने कहा, उन लोगों को खाने के लिये दे। उसके टहलुए ने कहा, क्या मैं सौ मनुष्यों के साम्हने इतना ही रख दूं? उस ने कहा, लोगों को दे दे कि खएं, क्योंकि यहोवा यों कहता है, उनके खाने के बाद कुछ बच भी जाएगा। तब उस ने उनके आगे धर दिया, और यहोवा के वचन के अनुसार उनके खाने के बाद कुछ बच भी गया।
- Numbers 11:21–22 गिनती 11:21–22फिर मूसा ने कहा, जिन लोगों के बीच मैं हूं उन में से छ: लाख तो प्यादे ही हैं; और तू ने कहा है, कि मैं उन्हें इतना मांस दूंगा, कि वे महीने भर उसे खाते ही रहेंगे। क्या वे सब भेड़- बकरी गाय- बैल उनके लिये मारे जाए, कि उनको मांस मिले? वा क्या समुद्र की सब मछलियां उनके लिये इकट्ठी की जाएं, कि उनको मांस मिले?
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- his · G846αὐτός autós
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs
- say · G3004λέγω légō
- him · G846αὐτός autós
- Whence · G4159πόθεν póthen
- have · G2254ἡμῖν hēmîn
- much · G5118τοσοῦτος tosoûtos
- bread · G740ἄρτος ártos
- in · G1722ἐν en
- wilderness · G2047ἐρημία erēmía
- as · G5620ὥστε hṓste
- fill · G5526χορτάζω chortázō
- great · G5118τοσοῦτος tosoûtos
- multitude · G3793ὄχλος óchlos