Matthew · chapter 2 · verse 18
Matthew 2:18 in Hindi
कि रामाह में एक करूण- नाद सुनाई दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपने बालकों के लिये रो रही थी, और शान्त होना न चाहती थी, क्योंकि वे हैं नहीं।।
Ki raamaah mem ek karoona- naad sunaaee diyaa, ronaa aur badaa vilaap, raahel apane baalakom ke liye ro rahee thee, aur shaant honaa na chaahatee thee, kyonki ve haim naheen..
Matthew 2:18 in English
- King James Version (KJV)
- In Rama was there a voice heard, lamentation, and weeping, and great mourning, Rachel weeping [for] her children, and would not be comforted, because they are not.
- World English Bible (WEB)
- “A voice was heard in Ramah, lamentation, weeping and great mourning, Rachel weeping for her children; she wouldn’t be comforted, because they are no more.”
- American Standard Version (ASV)
- A voice was heard in Ramah, Weeping and great mourning, Rachel weeping for her children; And she would not be comforted, because they are not.
- Bible in Basic English (BBE)
- In Ramah there was a sound of weeping and great sorrow, Rachel weeping for her children, and she would not be comforted for their loss.
- Darby Translation (DBY)
- A voice has been heard in Rama, weeping, and great lamentation: Rachel weeping [for] her children, and would not be comforted, because they are not.
- Webster's Bible (WBS)
- In Rama was there a voice heard, lamentation, and weeping, and great mourning, Rachel weeping [for] her children, and would not be comforted, because they are not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'A voice in Ramah was heard — lamentation and weeping and much mourning — Rachel weeping [for] her children, and she would not be comforted because they are not.'
Read in context
- 16जब हेरोदेस ने यह देखा, कि ज्योतिषियों ने मेरे साथ ठट्ठा किया है, तब वह क्रोध से भर गया; और लोगों को भेजकर ज्योतिषियों से ठीक ठीक पूछे हुए समय के अनुसार बैतलहम और उसके आस पास के सब लड़कों को जो दो वर्ष के, वा उस से छोटे थे, मरवा डाला।
- 17तब जो वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हुआ,
- 18कि रामाह में एक करूण- नाद सुनाई दिया, रोना और बड़ा विलाप, राहेल अपने बालकों के लिये रो रही थी, और शान्त होना न चाहती थी, क्योंकि वे हैं नहीं।।
- 19हेरोदेस के मरने के बाद देखो, प्रभु के दूत ने मि में यूसुफ को स्वप्न में दिखाई देकर कहा।
- 20कि उठ, बालक और उस की माता को लेकर इस्राएल के देश में चला जा; क्योंकि जो बालक के प्राण लेना चाहते थे, वे मर गए।
Cross references
- Jeremiah 31:15 यिर्मयाह 31:15यहोवा यह भी कहता है: सुन, रामा नगर में विलाप और बिलक बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने लड़कों के लिये रो रही है; और अपने लड़कों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे जाते रहे।
- Jeremiah 9:17–21 यिर्मयाह 9:17–21सेनाओं का यहोवा यों कहता है, सोचो, और विलाप करनेवालियों को बुलाओ; बुध्दिमान स्त्रियों को बतलवा भेजो; वे फुत करके हम लोगों के लिये शोक का गीत गाएं कि हमारी आंखों से आंसू बह चलें और हमारी पलकें जल बहाए। सिरयोन से शोक का यह गीत सुन पड़ता है, हम कैसे नाश हो गए! हम क्यों लज्जा में पड़ गए हैं, क्योंकि हम को अपना देश छोड़ना पड़ा और हमारे घर गिरा दिए गए हैं। इसलिये, हे स्त्रियो, यहोवा का यह वचन सुनो, और उसकी यह आज्ञा मानो; तुम अपनी अपनी बेटियों को शोक का गीत, और अपनी अपनी पड़ोसिनों को विलाप का गीत सिखाओ। क्योंकि मृत्यु हमारी खिड़कियों से होकर हमारे महलों में घुस आई है, कि, हमारी सड़कों में बच्चों को और चौकों में जवानों को मिटा दे।
- Jeremiah 4:31 यिर्मयाह 4:31क्योंकि मैं ने ज़च्चा का शब्द, पहिलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिरयोन की बेटी का शब्द है, जो हांफती और हाथ फैलाए हुए यों कहती है, हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।
- Genesis 35:16–20 उत्पत्ति 35:16–20फिर उन्हों ने बेतेल से कूच किया; और एप्राता थोड़ी ही दूर रह गया था, कि राहेल को बच्चा जनने की बड़ी पीड़ा आने लगी। जब उसको बड़ी बड़ी पीड़ा उठती थी तब धाय ने उस से कहा, मत डर; अब की भी तेरे बेटा ही होगा। तब ऐसा हुआ, कि वह मर गई, और प्राण निकलते निकलते उस ने उस बेटे को नाम बेनोनी रखा: पर उसके पिता ने उसका नाम बिन्यामीन रखा। यों राहेल मर गई, और एप्राता, अर्थात् बेतलेहेम के मार्ग में, उसको मिट्टी दी गई। और याकूब ने उसकी कब्र पर एक खम्भा खड़ा किया: राहेल की कब्र का वही खम्भा आज तक बना है।
- Ezekiel 2:10 यहेजकेल 2:10उसको उस ने मेरे साम्हने खोलकर फैलाया, ओर वह दोनों ओर लिखी हुई थी; और जो उस में लिखा था, वे विलाप और शोक और दु:खभरे वचन थे।
- Genesis 37:30 उत्पत्ति 37:30और अपने भाइयों के पास लौटकर कहने लगा, कि लड़का तो नहीं हैं; अब मैं किधर जाऊं?
- Revelation 8:13 प्रकाशितवाक्य 8:13और जब मैं ने फिर देखा, तो आकाश के बीच में एक उकाब को उड़ते और ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि उन तीन स्वर्गदूतों की तुरही के शब्दों के कारण जिन का फूंकना अभी बाकी है, पृथ्वी के रहनेवालों पर हाय! हाय! हाय!
- Genesis 37:33–35 उत्पत्ति 37:33–35उस ने उसको पहिचान लिया, और कहा, हां यह मेरे ही पुत्रा का अंगरखा है; किसी दुष्ट पशु ने उसको खा लिया है; नि:सन्देह यूसुफ फाड़ डाला गया है। तब याकूब ने अपने वस्त्रा फाड़े और कमर में टाट लपेटा, और अपने पुत्रा के लिये बहुत दिनों तक विलाप करता रहा। और उसके सब बेटे- बेटियों ने उसको शान्ति देने का यत्न किया; पर उसको शान्ति न मिली; और वह यही कहता रहा, मैं तो विलाप करता हुआ अपने पुत्रा के पास अधोलोक में उतर जाऊंगा। इस प्रकार उसका पिता उसके लिये रोता ही रहा।
- Job 14:10 अय्यूब 14:10परन्तु पुरूष मर जाता, और पड़ा रहता है; जब उसका प्राण छूट गया, तब वह कहां रहा?
- Genesis 42:36 उत्पत्ति 42:36और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मि देश में आएंगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिस से देश उस अकाल से स्त्यानाश न हो जाए।
Original words (Greek)
- In · G1722ἐν en
- Rama · G4471Ῥαμᾶ Rhamâ
- there · G191ἀκούω akoúō
- voice · G5456φωνή phōnḗ
- heard · G191ἀκούω akoúō
- lamentation · G2355θρῆνος thrēnos
- and · G2532καί kaí
- weeping · G2805κλαυθμός klauthmós
- and · G2532καί kaí
- great · G4183πολύς polýs
- mourning · G3602ὀδυρμός odyrmós
- Rachel · G4478Ῥαχήλ Rhachḗl
- weeping · G2799κλαίω klaíō
- her · G846αὐτός autós
- children · G5043τέκνον téknon
- and · G2532καί kaí
- would · G2309θέλω thélō
- not · G3756οὐ ou
- comforted · G3870παρακαλέω parakaléō
- because · G3754ὅτι hóti
- are · G1526εἰσί eisí
- not · G3756οὐ ou