Matthew · chapter 20 · verse 25
Matthew 20:25 in Hindi
यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं।
Yeeshu ne unhem paas bulaakar kahaa, tum jaanate ho, ki any jaatiyom ke haakim un par prabhutaa karate haim; aur jo bade haim, ve un par adhikaar jataate hain.
Matthew 20:25 in English
- King James Version (KJV)
- But Jesus called them [unto him], and said, Ye know that the princes of the Gentiles exercise dominion over them, and they that are great exercise authority upon them.
- World English Bible (WEB)
- But Jesus summoned them, and said, “You know that the rulers of the nations lord it over them, and their great ones exercise authority over them.
- American Standard Version (ASV)
- But Jesus called them unto him, and said, Ye know that the rulers of the Gentiles lord it over them, and their great ones exercise authority over them.
- Bible in Basic English (BBE)
- But Jesus said to them, You see that the rulers of the Gentiles are lords over them, and their great ones have authority over them.
- Darby Translation (DBY)
- But Jesus having called them to [him], said, Ye know that the rulers of the nations exercise lordship over them, and the great exercise authority over them.
- Webster's Bible (WBS)
- But Jesus called them [to him] , and said, Ye know that the princes of the Gentiles exercise dominion over them, and they that are great exercise authority upon them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Jesus having called them near, said, 'Ye have known that the rulers of the nations do exercise lordship over them, and those great do exercise authority over them,
Read in context
- 23उस ने उन से कहा, तुम मेरा कटोरा तो पीओगे पर अपने दहिने बाएं किसी को बिठाना मेरा काम नहीं, पर जिन के लिये मेरे पिता की ओर से तैयार किया गया, उन्हें के लिये है।
- 24यह सुनकर, दसों चेले उन दोनों भाइयों पर क्रुद्ध हुए।
- 25यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं।
- 26परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने।
- 27और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने।
Cross references
- Luke 22:25–27 लूका 22:25–27उस ने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं। परन्तु तुम ऐसे न होना; वरन जो तुम में बड़ा है, वह छोटे की नाई और जो प्रधान है, वह सेवक की नाई बने। क्योंकि बड़ा कौन है; वह जो भोजन पर बैठा या वह जो सेवा करता है? क्या वह नहीं जो भोजन पर बैठा है? पर मैं तुम्हारे बीच में सेवक की नाईं हूं।
- Matthew 20:25–28 मत्ती 20:25–28यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्रा, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल किई जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे।।
- John 13:12–17 यूहन्ना 13:12–17जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया? तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वहीं हूं। यदि मैं ने प्रभु और गुरू होकर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए। क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजनेवाले से। तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।
- Mark 10:42 मरकुस 10:42और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं; और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं।
- Matthew 18:3–4 मत्ती 18:3–4और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
- Matthew 11:29 मत्ती 11:29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- Daniel 5:19 दानिय्येल 5:19और उस बड़ाई के कारण जो उस ने उसको दी थी, देश- देश और जाति जाति के सब लोग, और भिन्न- भिन्न भाषा बोलनेवाले उसके साम्हने कांपते और थरथराते थे, जिसे वह चाहता उसे वह घात करता था, और जिसको वह चाहता उसे वह जीवित रखता था जिसे वह चाहता उसे वह ऊंचा पद देता था, और जिसको वह चाहता उसे वह गिरा देता था।
- Daniel 2:12–13 दानिय्येल 2:12–13इस पर राजा ने झुंझलाकर, और बहुत की क्रोधित हो कर, बाबुल के सब पण्डितों के नाश करने की आज्ञा दे दी। सो यह आज्ञा निकली, और पण्डित लोगों का घात होने पर था; और लोग दानिय्येल और उसके संगियों को ढूंढ़ रहे थे कि वे भी घात किए जाएं।