Matthew · chapter 20 · verse 24
Matthew 20:24 in Hindi
यह सुनकर, दसों चेले उन दोनों भाइयों पर क्रुद्ध हुए।
Yah sunakar, dasom chele un donom bhaaiyom par kruddh hue.
Matthew 20:24 in English
- King James Version (KJV)
- And when the ten heard [it], they were moved with indignation against the two brethren.
- World English Bible (WEB)
- When the ten heard it, they were indignant with the two brothers.
- American Standard Version (ASV)
- And when the ten heard it, they were moved with indignation concerning the two brethren.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when it came to the ears of the ten, they were angry with the two brothers.
- Darby Translation (DBY)
- And the ten, having heard [of it], were indignant about the two brothers.
- Webster's Bible (WBS)
- And when the ten heard [it] , they were moved with indignation against the two brethren.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the ten having heard, were much displeased with the two brothers,
Read in context
- 22यीशु ने उत्तर दिया, तुम नहीं जानते कि क्या मांगते हो? जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्या तुम पी सकते हो? उन्हों ने उस से कहा, पी सकते हैं।
- 23उस ने उन से कहा, तुम मेरा कटोरा तो पीओगे पर अपने दहिने बाएं किसी को बिठाना मेरा काम नहीं, पर जिन के लिये मेरे पिता की ओर से तैयार किया गया, उन्हें के लिये है।
- 24यह सुनकर, दसों चेले उन दोनों भाइयों पर क्रुद्ध हुए।
- 25यीशु ने उन्हें पास बुलाकर कहा, तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं।
- 26परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने।
Cross references
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- James 4:5–6 याकूब 4:5–6क्या तुम यह समझते हो, कि पवित्रा शास्त्रा व्यर्थ कहता है? जिस आत्मा को उस ने हमारे भीतर बसाया है, क्या वह ऐसी लालसा करता है, जिस का प्रतिफल डाह हो? वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 1 Corinthians 13:4 1 कुरिन्थियों 13:4प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं।
- Proverbs 13:10 नीतिवचन 13:10झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है।
- Philippians 2:3 फिलिप्पियों 2:3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
- Mark 10:41 मरकुस 10:41यह सुनकर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसियाने लगे।
- Luke 22:23–25 लूका 22:23–25तब वे आपस में पूछ पाछ करने लगे, कि हम में से कौन है, जो यह काम करेगा? उन में यह वाद- विवाद भी हुआ; कि हम में से कौन बड़ा समझा जाता है? उस ने उन से कहा, अन्यजातियों के राजा उन पर प्रभुता करते हैं; और जो उन पर अधिकार रखते हैं, वे उपकारक कहलाते हैं।