Matthew · chapter 26 · verse 66
Matthew 26:66 in Hindi
देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है।
Dekho, tum ne abhee yah nindaa sunee hai! Tum kyaa samajhate ho? Unhom ne uttar diyaa, yah vadh hone ke yogy hai.
Matthew 26:66 in English
- King James Version (KJV)
- What think ye? They answered and said, He is guilty of death.
- World English Bible (WEB)
- What do you think?” They answered, “He is worthy of death!”
- American Standard Version (ASV)
- what think ye? They answered and said, He is worthy of death.
- Bible in Basic English (BBE)
- What is your opinion? They made answer and said, It is right for him to be put to death.
- Darby Translation (DBY)
- What think ye? And they answering said, He is liable to the penalty of death.
- Webster's Bible (WBS)
- What think ye? They answered and said, He is guilty of death.
- Young's Literal Translation (YLT)
- what think ye?' and they answering said, 'He is worthy of death.'
Read in context
- 64यीशु ने उस से कहा; तू ने आप ही कह दिया: बरन मैं तुम से यह भी कहता हूं, कि अब से तुम मनुष्य के पुत्रा को सर्वशक्तिमान की दहिनी ओर बैठे, और आकाश के बादलों पर आते देखोगे।
- 65तब महायाजक ने अपने वस्त्रा फाड़कर कहा, इस ने परमेश्वर की निन्दा की है, अब हमें गवाहों का क्या प्रयोजन?
- 66देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है।
- 67तब उन्हों ने उस से मुंह पर थूका, और उसे घूंसे मारे, औरों ने थप्पड़ मार के कहा।
- 68हे मसीह, हम से भविष्यद्ववाणी करके कह: कि किस ने तुझे मारा?
Cross references
- John 19:7 यूहन्ना 19:7यहूदियों ने उस को उत्तर दिया, कि हमारी भी व्यवस्था है और उस व्यवस्था के अनुसार वह मारे जाने के योग्य है क्योंकि उस ने अपने आप को परमेश्वर का पुत्रा बनाया।
- Acts 7:52 प्रेरितों के काम 7:52भविष्यद्वक्ताओं में से किस को तुम्हारे बाप दादों ने नहीं सताया, और उन्होंने उस धर्मी के आगमन का पूर्वकाल से सन्देश देने वालों को मार डाला, और अब तुम भी उसके पकड़वाने वाले और मार डालने वाले हुए।
- Leviticus 24:11–16 लैव्यव्यवस्था 24:11–16और वह इस्त्राएली स्त्री का बेटा यहोवा के नाम की निन्दा करके शाप देने लगा। यह सुनकर लोग उसको मूसा के पास ले गए। उसकी माता का नाम शलोमीत था, जो दान के गोत्रा के दिब्री की बेटी थी। उन्हों ने उसको हवालात में बन्द किया, जिस से यहोवा की आज्ञा से इस बात पर विचार किया जाए।। तब यहोवा ने मूसा से कहा, तुम लोग उस शाप देने वाले को छावनी से बाहर लिवा ले जाओ; और जितनों ने वह निन्दा सुनी हो वे सब अपने अपने हाथ उसके सिर पर टेकें, तब सारी मण्डली के लोग उसको पत्थरवाह करें। और तू इस्त्राएलियों से कह, कि कोई क्यों न हो जो अपने परमेश्वर को शाप दे उसे अपने पाप का भार उठाना पड़ेगा। यहोवा के नाम की निन्दा करनेवाला निश्चय मार डाला जाए; सारी मण्डली के लोग निश्चय उसको पत्थरवाह करें; चाहे देशी हो चाहे परदेशी, यदि कोई उस नाम की निन्दा करें तो वह मार डाला जाए।
- James 5:6 याकूब 5:6तुम ने धर्मी को दोषी ठहरा कर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता॥
- Acts 13:27–28 प्रेरितों के काम 13:27–28क्योंकि यरूशलेम के रहनेवालों और उनके सरदारों ने, न उसे पहचाना, और न भविष्यद्वक्ताओं की बातें समझी; जो हर सब्त के दिन पढ़ी जाती हैं, इसलिये उसे दोषी ठहराकर उन को पूरा किया। उन्हों ने मार डालने के योग्य कोई दोष उस में ने पाया, तौभी पीलातुस से बिनती की, कि वह मार डाला जाए।