Matthew · chapter 26 · verse 68
Matthew 26:68 in Hindi
हे मसीह, हम से भविष्यद्ववाणी करके कह: कि किस ने तुझे मारा?
He maseeh, ham se bhavishyadvavaanee karake kah: ki kis ne tujhe maaraa?
Matthew 26:68 in English
- King James Version (KJV)
- Saying, Prophesy unto us, thou Christ, Who is he that smote thee?
- World English Bible (WEB)
- saying, “Prophesy to us, you Christ! Who hit you?”
- American Standard Version (ASV)
- saying, Prophesy unto us, thou Christ: who is he that struck thee?
- Bible in Basic English (BBE)
- Be a prophet, O Christ, and say who gave you a blow!
- Darby Translation (DBY)
- saying, Prophesy to us, Christ, Who is it who struck thee?
- Webster's Bible (WBS)
- Saying, Prophesy to us, thou Christ, Who is he that smote thee?
- Young's Literal Translation (YLT)
- saying, 'Declare to us, O Christ, who he is that struck thee?'
Read in context
- 66देखो, तुम ने अभी यह निन्दा सुनी है! तुम क्या समझते हो? उन्हों ने उत्तर दिया, यह वध होने के योग्य है।
- 67तब उन्हों ने उस से मुंह पर थूका, और उसे घूंसे मारे, औरों ने थप्पड़ मार के कहा।
- 68हे मसीह, हम से भविष्यद्ववाणी करके कह: कि किस ने तुझे मारा?
- 69और पतरस बाहर आंगन में बैठा हुआ था: कि एक लौंड़ी ने उसके पास आकर कहा; तू भी यीशु गलीली के साथ था।
- 70उस ने सब के साम्हने यह कह कर इन्कार किया और कहा, मैं नहीं जानता तू क्या कह रही है।
Cross references
- Luke 22:63–65 लूका 22:63–65जो मनुष्य यीशु को पकड़े हुए थे, वे उसे ठट्ठों में उड़ाकर पीटने लगे। और उस की आंखे ढांपकर उस से पूछा, कि भविष्यद्वाणी करके बता कि तुझे किसने मारा। और उन्हों ने बहुत सी और भी निन्दा की बातें उसके विरोध में कहीं।।
- Mark 14:65 मरकुस 14:65तब कोई तो उस पर थूकने, और कोई उसका मुंह ढांपने और उसे घूसे मारने, और उस से कहने लगे, कि भविष्यद्वाणी कर: और प्यादों ने उसे लेकर थप्पड़ मारे।।
- 1 Peter 2:4–8 1 पतरस 2:4–8उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो। इस कारण पवित्रा शास्त्रा में भी आया है, कि देखो, मैं सिरयोन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्जित नहीं होगा। सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिद्दीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- Mark 15:18–19 मरकुस 15:18–19और यह कहकर उसे नमस्कार करने लगे, कि हे यहूदियों के राजा, नमस्कार! और वे उसके सिर पर सरकण्डे मारते, और उस पर थूकते, और घुटने टेककर उसे प्रणाम करते रहे।
- John 19:14–15 यूहन्ना 19:14–15यह फसह की तैयारी का दिन था और छठे घंटे के लगभग था: तब उस ने यहूदियों से कहा, देखो, यही है, तुम्हारा राजा! परन्तु वे चिल्लाए कि ले जा! ले जा! उसे क्रूस पर चढ़ा: पीलातुस ने उन से कहा, क्या मैं तुम्हारे राजा को क्रूस पर चढ़ाऊं? महायाजकों ने उत्तर दिया, कि कैसर को छोड़ हमारा और कोई राजा नहीं।
- Genesis 37:19–20 उत्पत्ति 37:19–20और वे आपस में कहने लगे, देखो, वह स्वप्न देखनेहारा आ रहा है। सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया। फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा।
- Judges 16:25 न्यायियों 16:25जब उनका मन मगन हो गया, तब उन्हों ने कहा, शिमशोन को बुलवा लो, कि वह हमारे लिये तमाशा करे। इसलिये शिमशोन बन्दीगृह में से बुलवाया गया, और उनके लिये तमाशा करने लगा, और खम्भों के बीच खड़ा कर दिया गया।
- John 19:2–3 यूहन्ना 19:2–3और सिपाहियों ने कांटों का मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा, और उसे बैंजनी वस्त्रा पहिनाया। और उसके पास आ आकर कहने लगे, हे यहूदियों के राजा, प्रणाम! और उसे थप्पड़ मारे।
- Matthew 27:28–29 मत्ती 27:28–29और उसके कपड़े उतारकर उसे किरमिजी बागा पहिनाया। और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा; और उसके दहिने हाथ में सरकण्डा दिया और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राज नमस्कार।
- Matthew 27:39–44 मत्ती 27:39–44और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे। और यह कहते थे, कि हे मन्दिर के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो क्रूस पर से उतर आ। इसी रीति से महायाजक भी शास्त्रियों और पुरनियों समेत ठट्ठा कर करके कहते थे, इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता। यह तो "इस्राएल का राजा है"। अब क्रूस पर से उतर आए, तो हम उस पर विश्वास करें। उस ने परमेश्वर का भरोसा रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छुड़ा ले, क्योंकि इस ने कहा था, कि "मैं परमेश्वर का पुत्रा हूं"। इसी प्रकार डाकू भी जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे उस की निन्दा करते थे।।