Matthew · chapter 26 · verse 8
Matthew 26:8 in Hindi
यह देखकर, उसके चेले रिसयाए और कहने लगे, इस का क्यों सत्यनाश किया गया?
Yah dekhakar, usake chele risayaae aur kahane lage, is kaa kyom satyanaash kiyaa gayaa?
Matthew 26:8 in English
- King James Version (KJV)
- But when his disciples saw [it], they had indignation, saying, To what purpose [is] this waste?
- World English Bible (WEB)
- But when his disciples saw this, they were indignant, saying, “Why this waste?
- American Standard Version (ASV)
- But when the disciples saw it, they had indignation, saying, To what purpose is this waste?
- Bible in Basic English (BBE)
- But when the disciples saw it they were angry, saying, To what purpose is this waste?
- Darby Translation (DBY)
- But the disciples seeing it became indignant, saying, To what end [was] this waste?
- Webster's Bible (WBS)
- But when his disciples saw [it] , they had indignation, saying, To what purpose [is] this waste?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having seen [it], his disciples were much displeased, saying, 'To what purpose [is] this waste?
Read in context
- 6जब यीशु बैतनिरयाह में शमौन कोढ़ी के घर में था।
- 7तो एक स्त्री संगमरमर के पात्रा में बहुमोल इत्रा लेकर उसके पास आई, और जब वह भोजन करने बैठा था, तो उसके सिर पर उण्डेल दिया।
- 8यह देखकर, उसके चेले रिसयाए और कहने लगे, इस का क्यों सत्यनाश किया गया?
- 9यह तो अच्छे दाम पर बिककर कंगालों को बांटा जा सकता था।
- 10यह जानकर यीशु ने उन से कहा, स्त्री को क्यों सताते हो? उस ने मेरे साथ भलाई की है।
Cross references
- John 12:4–6 यूहन्ना 12:4–6परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा। यह इत्रा तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को कयों न दिया गया? उस ने यह बात इसलिये न कही, कि उसे कंगालों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिये कि वह चोर था और उसके पास उन की थैली रहती थी, और उस में जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था।
- Mark 14:4 मरकुस 14:4परन्तु कोई कोई अपने मन में रिसियाकर कहने लगे, इस इत्रा को क्यों सत्यनाश किया गया?
- Exodus 5:17 निर्गमन 5:17फिरौन ने कहा, तुम आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे।
- Haggai 1:2–4 हाग्गै 1:2–4सेनाओं का यहोवा यों कहता है, ये लोग कहते हैं कि यहोवा का भवन बनाने का समय नहीं आया है। फिर यहोवा का यह वचन हाग्गै भविष्यद्वक्ता के द्वारा पहुंचा, क्या तुम्हारे लिये अपने छतवाले घरों में रहने का समय है, जब कि यह भवन उजाड़ पड़ा है?
- Ecclesiastes 4:4 सभोपदेशक 4:4तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।।
- Amos 8:5 आमोस 8:5जो कहते हो नया चांद कब बीतेगा कि हम अन्न बेच सकें? और विश्रामदिन कब बीतेगा, कि हम अन्न के खत्ते खोलकर एपा को छोटा और शेकेल को भारी कर दें, और छल से दण्डी मारें,
- 1 Samuel 17:28–29 1 शमूएल 17:28–29जब दाऊद उन मनुष्यों से बातें कर रहा था, तब उसका बड़ा भाई एलीआब सुन रहा था; और एलीआब दाऊद से बहुत क्रोधित होकर कहने लगा, तू यहां क्या आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ बकरियों को तू किस के पास छोड़ आया है? तेरा अभिमान और तेरे मन की बुराई मुझे मालूम है; तू तो लड़ाई देखने के लिये यहां आया है। दाऊद ने कहा, मैं ने अब क्या किया है, वह तो निरी बात थी?
- Malachi 1:7–10 मलाकी 1:7–10तौभी तुम पूछते हो कि हम किस बात में तुझे अशुद्ध ठहराते हैं? इस बात में भी, कि तुम कहते हो, यहोवा की मेज तुच्छ है। जब तुम अन्धे पशु को बलि करने के लिये समीप ले आते हो तो क्या यह बुरा नहीं? और जब तुम लंगड़े वा रोगी पशु को ले आते हो, तो क्या यह बुरा नहीं? अपने हाकिम के पास ऐसी भेंट ले आओ; क्या वह तुम से प्रसन्न होगा वा तुम पर अनुग्रह करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।। और अब मैं तुम से कहता हूं, ईश्वर से प्रार्थना करो कि वह हम लोगों पर अनुग्रह करे। यह तुम्हारे हाथ से हुआ है; तब कया तुम समझते हो कि परमेश्वर तुम में से किसी का पक्ष करेगा? सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा।
- Malachi 1:13 मलाकी 1:13फिर तुम यह भी कहते हो, कि यह कैसा बड़ा उपद्रव है! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूं? यहोवा का यही वचन है।