Mark · chapter 14 · verse 4
Mark 14:4 in Hindi
परन्तु कोई कोई अपने मन में रिसियाकर कहने लगे, इस इत्रा को क्यों सत्यनाश किया गया?
Parantu koee koee apane man mem risiyaakar kahane lage, is itraa ko kyom satyanaash kiyaa gayaa?
Mark 14:4 in English
- King James Version (KJV)
- And there were some that had indignation within themselves, and said, Why was this waste of the ointment made?
- World English Bible (WEB)
- But there were some who were indignant among themselves, saying, “Why has this ointment been wasted?
- American Standard Version (ASV)
- But there were some that had indignation among themselves, [saying], To what purpose hath this waste of the ointment been made?
- Bible in Basic English (BBE)
- But some of them were angry among themselves, saying, For what purpose has this oil been wasted?
- Darby Translation (DBY)
- And there were some indignant in themselves, and saying, Why has this waste been made of the ointment?
- Webster's Bible (WBS)
- And there were some that had indignation within themselves, and said, Why was this waste of the ointment made?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and there were certain much displeased within themselves, and saying, 'For what hath this waste of the ointment been made?
Read in context
- 2परन्तु कहते थे, कि पर्व्व के दिन नहीं, कहीं ऐसा न हो कि लोगों मे बलवा मचे।।
- 3जब वह बैतनिरयाह में शमौन कोढ़ी के घर भोजन करने बैठा हुआ था जब एक स्त्री संगमरमर के पात्रा में जटामांसी का बहुमूल्य शुद्ध इत़्रा लेकर आई; और पात्रा तोड़ कर इत्रा को उसके सिर पर उण्डेला।
- 4परन्तु कोई कोई अपने मन में रिसियाकर कहने लगे, इस इत्रा को क्यों सत्यनाश किया गया?
- 5क्योकि यह इत्रा तो ती सौ दीनार से अधिक मूल्य में बेचकर कंगालों को बांटा जा सकता था, ओर वे उस को झिड़कने लगे।
- 6यीशु ने कहा; उसे छोड़ दो; उसे क्यों सताते हो? उस ने तो मेरे साथ भालाई की है।
Cross references
- John 12:4–5 यूहन्ना 12:4–5परन्तु उसके चेलों में से यहूदा इस्करियोती नाम एक चेला जो उसे पकड़वाने पर था, कहने लगा। यह इत्रा तीन सौ दीनार में बेचकर कंगालों को कयों न दिया गया?
- Matthew 26:8–9 मत्ती 26:8–9यह देखकर, उसके चेले रिसयाए और कहने लगे, इस का क्यों सत्यनाश किया गया? यह तो अच्छे दाम पर बिककर कंगालों को बांटा जा सकता था।
- Malachi 1:12–13 मलाकी 1:12–13परन्तु तुम लोग उसको यह कहकर अपवित्रा ठहराते हो कि यहोवा की मेज अशुद्ध है, और जो भोजनवस्तु उस पर से मिलती है वह भी तुच्छ है। फिर तुम यह भी कहते हो, कि यह कैसा बड़ा उपद्रव है! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूं? यहोवा का यही वचन है।
- Ecclesiastes 4:4 सभोपदेशक 4:4तब में ने सब परिश्रम के काम और सब सफल कामों को देखा जो लोग अपने पड़ोसी से जलन के कारण करते हैं। यह भी व्यर्थ और मन का कुढ़ना है।।
- Ecclesiastes 5:4–8 सभोपदेशक 5:4–8जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना। मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है। कोई वचन कहकर अपने को पाप में ने फंसाना, और न ईश्वर के दूत के साम्हने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुनकर अप्रसन्न हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे? क्योंकि स्वप्नों की अधिकता से व्यर्थ बातों की बहुतायत होती है: परन्तु तू परमेश्वर को भय मानना।। यदि तू किसी प्रान्त में निर्धनों पर अन्धेर और न्याय और धर्म को बिगड़ता देखे, तो इस से चकित न होना; क्योंकि एक अधिकारी से बड़ा दूसरा रहता है जिसे इन बातों की सुधि रहती है, और उन से भी ओर अधिक बड़े रहते हैं।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- were · G2258ἦν ēn
- some · G5100τὶς tìs
- indignation · G23ἀγανακτέω aganaktéō
- within · G4314πρός prós
- themselves · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- and · G2532καί kaí
- said · G3004λέγω légō
- Why · G5101τίς tís
- was · G1096γίνομαι gínomai
- this · G3778οὗτος hoûtos
- waste · G684ἀπώλεια apṓleia
- ointment · G3464μύρον mýron
- made · G1096γίνομαι gínomai