Matthew · chapter 5 · verse 19
Matthew 5:19 in Hindi
इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।
Isaliye jo koee in chhotee se chhotee aajnyaaom mem se kisee ek ko tode, aur vaisaa hee logom ko sikhaae, vah svarg ke raajy mem sab se chhotaa kahalaaegaa; parantu jo koee un kaa paalan karegaa aur unhem sikhaaegaa, vahee svarg ke raajy mem mahaan kahalaaegaa.
Matthew 5:19 in English
- King James Version (KJV)
- Whosoever therefore shall break one of these least commandments, and shall teach men so, he shall be called the least in the kingdom of heaven: but whosoever shall do and teach [them], the same shall be called great in the kingdom of heaven.
- World English Bible (WEB)
- Therefore, whoever shall break one of these least commandments and teach others to do so, shall be called least in the Kingdom of Heaven; but whoever shall do and teach them shall be called great in the Kingdom of Heaven.
- American Standard Version (ASV)
- Whosoever therefore shall break one of these least commandments, and shall teach men so, shall be called least in the kingdom of heaven: but whosoever shall do and teach them, he shall be called great in the kingdom of heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- Whoever then goes against the smallest of these laws, teaching men to do the same, will be named least in the kingdom of heaven; but he who keeps the laws, teaching others to keep them, will be named great in the kingdom of heaven.
- Darby Translation (DBY)
- Whosoever then shall do away with one of these least commandments, and shall teach men so, shall be called least in the kingdom of the heavens; but whosoever shall practise and teach [them], he shall be called great in the kingdom of the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- Whoever therefore shall break one of these least commandments, and shall teach men so, he shall be called the least in the kingdom of heaven: but whoever shall do, and teach [them] , the same shall be called great in the kingdom of heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Whoever therefore may loose one of these commands — the least — and may teach men so, least he shall be called in the reign of the heavens, but whoever may do and may teach [them], he shall be called great in the reign of the heavens.
Read in context
- 17यह न समझो, कि मैं व्यवस्था या भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों को लोप करने आया हूं।
- 18लोप करने नहीं, परन्तु पूरा करने आया हूं, क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि जब तक आकाश और पृथ्वी टल न जाएं, तब तक व्यवस्था से एक मात्रा या बिन्दु भी बिना पूरा हुए नहीं टलेगा।
- 19इसलिये जो कोई इन छोटी से छोटी आज्ञाओं में से किसी एक को तोड़े, और वैसा ही लोगों को सिखाए, वह स्वर्ग के राज्य में सब से छोटा कहलाएगा; परन्तु जो कोई उन का पालन करेगा और उन्हें सिखाएगा, वही स्वर्ग के राज्य में महान कहलाएगा।
- 20क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि यदि तुम्हारी धार्मिकता शास्त्रियों और फरीसियों की धार्मिकता से बढ़कर न हो, तो तुम स्वर्ग के राज्य में कभी प्रवेश करने न पाओगे।।
- 21तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा।
Cross references
- Deuteronomy 12:32 व्यवस्थाविवरण 12:32जितनी बातों की मैं तुम को आज्ञा देता हूं उनको चौकस होकर माना करना; और न तो कुछ उन में बढ़ाना और न उन में से कुछ घटाना।।
- James 2:10–11 याकूब 2:10–11क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों मे दोषी ठहरा। इसलिये कि जिस ने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा।
- Matthew 28:20 मत्ती 28:20और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।।
- Romans 13:8–10 रोमियों 13:8–10आपस के प्रेम से छोड़ और किसी बात में किसी के कर्जदान न हो; क्योंकि जो दूसरे से प्रेम रखता है, उसी ने व्यवस्था पूरी की है। क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्र्रेम रख। प्रेम पड़ोसी की कुछ बुराई नहीं करता, इसलिये प्रेम रखना व्यवस्था को पूरा करना है।।
- Matthew 11:11 मत्ती 11:11मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो स्त्रियों से जन्मे हैं, उन में से यूहन्ना बपतिस्मा देनेवालों से कोई बड़ा नहीं हुआ; पर जो स्वर्ग के राज्य में छोटे से छोटा है वह उस से बड़ा है।
- Daniel 12:3 दानिय्येल 12:3तब सिखानेवालों की चमक आकाशमण्डल की सी होगी, और जो बहुतों को धर्मी बनाते हैं, वे सर्वदा की नाईं प्रकाशमान रहेंगे।
- 1 Timothy 6:3–4 1 तीमुथियुस 6:3–4यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देना है; और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है। तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- 1 Timothy 4:11–12 1 तीमुथियुस 4:11–12इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह। कोई तेरी जवानी को तुच्छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्राता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा।
- Psalm 119:6 भजन संहिता 119:6तब मैं तेरी सब आज्ञाओं की ओर चित्त लगाए रहूंगा, और मेरी आशा न टूटेगी।
- 1 Thessalonians 4:1–7 1 थिस्सलुनीकियों 4:1–7निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई। क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्रा बनो: अर्थात् व्यभिचार से बचे रहो। और तुम में से हर एक पवित्राता और आदर के साथ अपने पात्रा को प्राप्त करना जाने। और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों की नाई, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं। कि इस बात में कोई अपने भाई को न ठगे, और न उस पर दांव चलाए, क्योंकि प्रभु इस सब बातों का पलटा लेनेवाला है; जैसा कि हम ने पहिले तुम से कहा, और चिताया भी था। क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्रा होने के लिये बुलाया है।
- Revelation 2:20 प्रकाशितवाक्य 2:20पर मुझे तेरे विरूद्ध यह कहना है, कि तू उस स्त्री इजेबेल को रहने देता है जो अपने आप को भविष्यद्वक्तिन कहती है, और मेरे दासों को व्यभिचार करने, और मूरतों के आगे के बलिदान खाने को सिखलाकर भरमाती है।
- Matthew 15:3–6 मत्ती 15:3–6उस ने उन को उत्तर दिया, कि तुम भी अपनी रीतों के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो? क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए। पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी। तो वह अपने पिता का आदर न करे, सो तुम ने अपनी रीतों के कारण परमेश्वर का वचन टाल दिया।