Matthew · chapter 5 · verse 36
Matthew 5:36 in Hindi
अपने सिर की भी शपथ न खाना क्योंकि तू एक बाल को भी न उजला, न काला कर सकता है।
Apane sir kee bhee shapath na khaanaa kyonki too ek baal ko bhee na ujalaa, na kaalaa kar sakataa hai.
Matthew 5:36 in English
- King James Version (KJV)
- Neither shalt thou swear by thy head, because thou canst not make one hair white or black.
- World English Bible (WEB)
- Neither shall you swear by your head, for you can’t make one hair white or black.
- American Standard Version (ASV)
- Neither shalt thou swear by thy head, for thou canst not make one hair white or black.
- Bible in Basic English (BBE)
- You may not take an oath by your head, because you are not able to make one hair white or black.
- Darby Translation (DBY)
- Neither shalt thou swear by thy head, because thou canst not make one hair white or black.
- Webster's Bible (WBS)
- Neither shalt thou swear by thy head, because thou canst not make one hair white or black.
- Young's Literal Translation (YLT)
- nor by thy head mayest thou swear, because thou art not able one hair to make white or black;
Read in context
- 34परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि कभी शपथ न खाना; न तो स्वर्ग की, क्योंकि वह परमेश्वर का सिंहासन है।
- 35न धरती की, क्योंकि वह उसके पांवों की चौकी है; न यरूशलेम की, क्योंकि वह महाराजा का नगर है।
- 36अपने सिर की भी शपथ न खाना क्योंकि तू एक बाल को भी न उजला, न काला कर सकता है।
- 37परन्तु तुम्हारी बात हां की हां, या नहीं की नहीं हो; क्योंकि जो कुछ इस से अधिक होता है वह बुराई से होता है।।
- 38तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत।
Cross references
- Luke 12:25 लूका 12:25तुम में से ऐसा कौन है, जो चिन्ता करने से अपनी अवस्था में ऐक घड़ी भी बड़ा सकता है?
- Matthew 6:27 मत्ती 6:27तुम में कौन है, जो चिन्ता करके अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है?
- Matthew 23:16–21 मत्ती 23:16–21हे अन्धे अगुवों, तुम पर हाय, जो कहते हो कि यदि कोई मन्दिर की शपथ खाए तो कुछ नहीं, परन्तु यदि कोई मन्दिर के सोने की सौगन्ध खाए तो उस से बन्ध जाएगा। हे मूर्खो, और अन्धों, कौन बड़ा है, सोना या वह मन्दिर जिस से सोना पवित्रा होता है? फिर कहते हो कि यदि कोई वेदी की शपथ खाए तो कुछ नहीं, परन्तु जो भेंट उस पर है, यदि कोई उस की शपथ खाए तो बन्ध जाएगा। हे अन्धों, कौन बड़ा है, भेंट या वेदी: जिस से भेंट पवित्रा होता है? इसलिये जो वेदी की शपथ खाता है, वह उस की, और जो कुछ उस पर है, उस की भी शपथ खाता है। और जो मन्दिर की शपथ खाता है, वह उस की और उस में रहनेवालों की भी शपथ खाता है।