Matthew · chapter 6 · verse 31
Matthew 6:31 in Hindi
इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Isaliye tum chintaa karake yah na kahanaa, ki ham kyaa khaaenge, yaa kyaa peeenge, yaa kyaa pahinenge?
Matthew 6:31 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore take no thought, saying, What shall we eat? or, What shall we drink? or, Wherewithal shall we be clothed?
- World English Bible (WEB)
- “Therefore don’t be anxious, saying, ‘What will we eat?’, ‘What will we drink?’ or, ‘With what will we be clothed?’
- American Standard Version (ASV)
- Be not therefore anxious, saying, What shall we eat? or, What shall we drink? or, Wherewithal shall we be clothed?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then do not be full of care, saying, What are we to have for food or drink? or, With what may we be clothed?
- Darby Translation (DBY)
- Be not therefore careful, saying, What shall we eat? or What shall we drink? or What shall we put on?
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore be not anxious, saying, What shall we eat? or what shall we drink? or, with what shall we be clothed?
- Young's Literal Translation (YLT)
- therefore ye may not be anxious, saying, What may we eat? or, What may we drink? or, What may we put round?
Read in context
- 29तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे विभव में उन में से किसी के समान वस्त्रा पहिने हुए न था।
- 30इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
- 31इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
- 32क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
- 33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
Cross references
- 1 Peter 5:7 1 पतरस 5:7और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।
- Luke 12:29 लूका 12:29और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्देह करो।
- Matthew 4:4 मत्ती 4:4उस ने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा।
- Psalm 55:22 भजन संहिता 55:22अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा।।
- Matthew 15:33 मत्ती 15:33चेलों ने उस से कहा, हमें जंगल में कहां से इतनी रोटी मिलेगी कि हम इतनी बड़ी भीड़ को तृप्त करें?
- 2 Chronicles 25:9 2 इतिहास 25:9अमस्याह ने परमेश्वर के भक्त से पूछा, फिर जो सौ किक्कार चान्दी मैं इस्राएली दल को दे चुका हूँ, उसके विषय क्या करूं? परमेश्वर के भक्त ने उत्तर दिया, यहोवा तुझे इस से भी बहुत अधिक दे सकता है।
- Psalm 37:3 भजन संहिता 37:3यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।
- Psalm 78:18–31 भजन संहिता 78:18–31और अपनी चाह के अनुसार भोजन मांगकर मन ही मन ईश्वर की परीक्षा की। वे परमेश्वर के विरूद्ध बोले, और कहने लगे, क्या ईश्वर जंगल में मेज लगा सकता है? उस ने चट्टान पर मारके जल बहा तो दिया, और धाराएं उमण्ड़ चली, परन्तु क्या वह रोटी भी दे सकता है? क्या वह अपनी प्रजा के लिये मांस भी तैयार कर सकता? यहोवा सुनकर क्रोध से भर गया, तब याकूब के बीच आग लगी, और इस्त्राएल के विरूद्ध क्रोध भड़का; इसलिए कि उन्हों ने परमेश्वर पर विश्वास नहीं रखा था, न उसकी उठ्ठार करने की शक्ति पर भरोसा किया। तौभी उस ने आकाश को आज्ञा दी, और स्वर्ग के ठ्ठारों को खोला; और उनके लिये खाने को मान बरसाया, और उन्हे स्वर्ग का अन्न दिया। उनको शूरवीरों की सी रोटी मिली; उस ने उनको मनमाना भोजन दिया। उस ने आकाश में पुरवाई को चलाया, और अपनी शक्ति से दक्खिनी बहाई; और उनके लिये मांस धूलि की नाई बहुत बरसाया, और समुद्र के बालू के समान अनगिनित पक्षी भेजे; और उनकी छावनी के बीच में, उनके निवासों के चारों ओर गिराए। और वे खाकर अति तृप्त हुए, और उस ने उनकी कामना पूरी की। उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था, कि परमेश्वर का क्रोध उन पर भड़का, और उस ने उनके हष्टपुष्टों को घात किया, और इस्त्राएल के जवानों को गिरा दिया।।
- Leviticus 25:20–22 लैव्यव्यवस्था 25:20–22और यदि तुम कहो, कि सातवें वर्ष में हम क्या खाएंगे, न तो हम बोएंगे न अपने खेत की उपज इकट्ठी करेंगे? तो जानो कि मैं तुम को छठवें वर्ष में ऐसी आशीष दूंगा, कि भूमि की उपज तीन वर्ष तक काम आएगी। तुम आठवें वर्ष में बोओगे, और पुरानी उपज में से खाते रहोगे, और नवें वर्ष की उपज में से खाते रहोगे।