Matthew · chapter 7 · verse 17
Matthew 7:17 in Hindi
इसी प्रकार हर एक अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है।
Isee prakaar har ek achchhaa ped achchhaa phal laataa hai aur nikammaa ped buraa phal laataa hai.
Matthew 7:17 in English
- King James Version (KJV)
- Even so every good tree bringeth forth good fruit; but a corrupt tree bringeth forth evil fruit.
- World English Bible (WEB)
- Even so, every good tree produces good fruit, but the corrupt tree produces evil fruit.
- American Standard Version (ASV)
- Even so every good tree bringeth forth good fruit; but the corrupt tree bringeth forth evil fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- Even so, every good tree gives good fruit; but the bad tree gives evil fruit.
- Darby Translation (DBY)
- So every good tree produces good fruits, but the worthless tree produces bad fruits.
- Webster's Bible (WBS)
- Even so every good tree bringeth forth good fruit; but a corrupt tree bringeth forth evil fruit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- so every good tree doth yield good fruits, but the bad tree doth yield evil fruits.
Read in context
- 15झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं।
- 16उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे क्या झाड़ियों से अंगूर, वा ऊंटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं?
- 17इसी प्रकार हर एक अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है।
- 18अच्छा पेड़ बुरा फल नहीं ला सकता, और न निकम्मा पेड़ अच्छा फल ला सकता है।
- 19जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है।
Cross references
- Matthew 12:33–35 मत्ती 12:33–35यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो; या पेड़ को निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है। हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।
- Galatians 5:22–24 गलातियों 5:22–24पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं। और जो मसीह यीशु के हैं, उन्हों ने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषों समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।।
- Ephesians 5:9 इफिसियों 5:9(क्योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धार्मिकता, और सत्य है)।
- Psalm 1:3 भजन संहिता 1:3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- Psalm 92:13–14 भजन संहिता 92:13–14वे यहोवा के भवन में रोपे जाकर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे। वे पुराने होने पर भी फलते रहेंगे, और रस भरे और लहलहाते रहेंगे,
- Colossians 1:10 कुलुस्सियों 1:10ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
- Jeremiah 17:8 यिर्मयाह 17:8वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
- Luke 13:6–9 लूका 13:6–9फिर उस ने यह दृष्टान्त भी कहा, कि किसी की अंगूर की बारी में एक अंजीर का पेड़ लगा हुआ था: वह उस में फल ढूंढ़ने आया, परन्तु न पाया। तब उस ने बारी के रखवाले से कहा, देख तीन वर्ष से मैं इस अंजीर के पेड़ में फल ढूंढ़ने आता हूं, परन्तु नहीं पाता, इसे काट डाल कि यह भूमि को भी क्यों रोके रहे। उस ने उस को उत्तर दिया, कि हे स्वामी, इसे इस वर्ष तो और रहने दे; कि मैं इस के चारो ओर खोदकर खाद डालूं। सो आगे को फले तो भला, नहीं तो उसे काट डालना।
- James 3:17–18 याकूब 3:17–18पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- Jeremiah 11:19 यिर्मयाह 11:19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
- Philippians 1:11 फिलिप्पियों 1:11और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Isaiah 61:3 यशायाह 61:3और सिरयोन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।