Ephesians · chapter 5 · verse 9
Ephesians 5:9 in Hindi
(क्योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धार्मिकता, और सत्य है)।
(kyonki jyonti kaa phal sab prakaar kee bhalaaee, aur dhaarmikataa, aur saty hai).
Ephesians 5:9 in English
- King James Version (KJV)
- (For the fruit of the Spirit [is] in all goodness and righteousness and truth;)
- World English Bible (WEB)
- for the fruit of the Spirit is in all goodness and righteousness and truth,
- American Standard Version (ASV)
- (for the fruit of the light is in all goodness and righteousness and truth),
- Bible in Basic English (BBE)
- (Because the fruit of the light is in all righteousness and in everything which is good and true),
- Darby Translation (DBY)
- (for the fruit of the light [is] in all goodness and righteousness and truth,)
- Webster's Bible (WBS)
- (For the fruit of the Spirit [is] in all goodness, and righteousness, and truth;)
- Young's Literal Translation (YLT)
- for the fruit of the Spirit [is] in all goodness, and righteousness, and truth,
Read in context
- 7इसलिये तुम उन के सहभागी न हो।
- 8क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो।
- 9(क्योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धार्मिकता, और सत्य है)।
- 10और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
- 11और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो।
Cross references
- Galatians 5:22–23 गलातियों 5:22–23पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।
- 3 John 1:11 3 यूहन्ना 1:11हे प्रिय, बुराई के नहीं, पर भलाई के अनुयायी हो, जो भलाई करता है, वह परमेश्वर की ओर से है; पर जो बुराई करता है, उस ने परमेश्वर को नहीं देखा।
- 1 John 3:9–10 1 यूहन्ना 3:9–10जो कोई परमेश्वर से जन्मा है वह पाप नहीं करता; क्योंकि उसका बीज उस में बना रहता है: और वह पाप कर ही नहीं सकता, क्योंकि परमेश्वर से जन्मा है। इसी से परमेश्वर की सन्तान, और शैतान की सन्तान जाने जाते हैं; जो कोई धर्म के काम नहीं करता, वह परमेश्वर से नहीं, और न वह, जो अपने भाई से प्रेम नहीं रखता।
- Romans 15:14 रोमियों 15:14हे मेरे भाइयो; मैं आप भी तुम्हारे विषय में निश्चय जानता हूं, कि तुम भी आप ही भलाई से भरे और ईश्वरीय ज्ञान से भरपूर हो और एक दूसरे को चिता सकते हो।
- Ephesians 6:14 इफिसियों 6:14सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मीकता की झिलम पहिन कर।
- 1 Timothy 6:11 1 तीमुथियुस 6:11पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
- Philippians 1:11 फिलिप्पियों 1:11और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- Psalm 16:2–3 भजन संहिता 16:2–3मैं ने परमेश्वर से कहा है, कि तू ही मेरा प्रभु है; तेरे सिवाए मेरी भलाई कहीं नहीं। पृथ्वी पर जो पवित्रा लोग हैं, वे ही आदर के योग्य हैं, और उन्हीं से मैं प्रसन्न हूं।
- 1 Peter 2:24–25 1 पतरस 2:24–25वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों की नाईं थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।
- Romans 2:4 रोमियों 2:4क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है?
- Ephesians 4:15 इफिसियों 4:15बरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जा सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएं।
- 1 John 2:29 1 यूहन्ना 2:29यदि तुम जानते हो, कि वह धार्मिक है, तो यह भी जानते हो, कि जो कोई धर्म का काम करता है, वह उस से जन्मा है।